विश्व तीरंदाजी ने भारतीय तीरंदाजी संघ को किया निलंबित, विवाद पर अदालत करेगा फैसला
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विश्व तीरंदाजी के महासचिव टॉम डिलेन ने बयान में कहा कि ‘विश्व तीरंदाजी जून में भारतीय तीरंदाजी संघ को निलंबित करने के फैसले को लागू कर रही है।’
विश्व तीरंदाजी के कार्यकारी बोर्ड ने जुलाई के अंत तक हल ढूंढने की समयसीमा दी थी और इसमें कोई प्रगति नहीं की गई जिससे विश्व संचालन संस्था ने अपने निलंबन के आदेश को लागू कर दिया।
डिलेन ने बयान में कहा कि ‘अगर इस महीने के अंत तक हल नहीं निकाला गया तो कार्यकारी बोर्ड फैसला करेगा कि भारतीय एथलीटों के एशियाई चैम्पियनशिप और एशियाई पैरा चैम्पियनशिप में भाग लेने के मौके को बचाने के लिए क्या किया जा सकता है।’
इस विवाद पर अदालत के फैसले की उम्मीद है, तो एएआई ने विश्व तीरंदाजी से कुछ और दिन देने का अनुरोध किया था लेकिन इसे ठुकरा दिया गया। दिलचस्प बात है कि निलंबन का आदेश इस मुद्दे पर अदालत की सुनवाई से एक दिन पहले आया है।
नवंबर में बैंकाक में होने वाली एशियाई चैम्पियनशिप और एशियाई पैरा चैम्पियनशिप में ओलंपिक कोटे दाव पर लगे होंगे। भारत ने अभी तक अगले ओलंपिक के लिए तीन पुरूष कोटे हासिल कर लिए हैं, लेकिन अभी तक महिलाओं ने कोटा नहीं हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि साथ ही विश्व तीरंदाजी यह भी फैसला करेगी कि इंडोर तीरंदाजी विश्व सीरीज में कोई व्यक्तिगत एथलीट भाग ले सकता है या नहीं। एएआई के अधिकारियों को चुनने के लिए नो जून को नई दिल्ली और चंडीगढ़ में दो अलग अलग गुटों ने चुनाव कराए थे, जिसमें दो अध्यक्ष अर्जुन मुंडा और बीवीपी राव को चुना गया था।
मुंडा को 20 राज्य संघों जबकि राव को 10 राज्य संघों का समर्थन प्राप्त है। विश्व तीरंदाजी ने एक प्रतिनिधि काजी राजीब उद्दीन अहमद चापोल को चुनावों के लिए एक मध्यस्थ और पर्यवेक्षक के रूप में भेजा था, लेकिन वह दोनों गुटों को एक चुनाव कराने के लिए नहीं मना सके।
अब भारतीय खेल प्राधिकरण आगामी एशियाई चैम्पियनशिप के लिए ट्रायल करा रही है और शुक्रवार को टीम की घोषणा करेगी। विश्व तीरंदाजी ने इससे पहले पोलिश तीरंदाजी महासंघ को भी इन्हीं हालात के कारण पिछले साल अक्टूबर में निलंबित कर लिया था लेकिन फरवरी में चीजें सही होने पर प्रतिबंध हटा लिया था।