{"_id":"6231fae5023e290ba121a116","slug":"tennis-big-change-in-grand-slam-new-rules-apply-for-tiebreakers-in-australian-french-wimbledon-and-us-open","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tennis: ग्रैंड स्लैम में बड़ा बदलाव, ऑस्ट्रेलियन, फ्रेंच, विम्बलडन और यूएस ओपन में टाईब्रेकर के लिए नए नियम लागू","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
Tennis: ग्रैंड स्लैम में बड़ा बदलाव, ऑस्ट्रेलियन, फ्रेंच, विम्बलडन और यूएस ओपन में टाईब्रेकर के लिए नए नियम लागू
Wed, 16 Mar 2022 08:27 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Wed, 16 Mar 2022 08:27 PM IST
सार
ग्रैंड स्लैम बोर्ड ने चार बड़े टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विम्बलडन और यूएस ओपन में बड़ा बदलाव किया है। उसने मैच के अंतिम सेट में स्कोर 6-6 होने के बाद नतीजे के लिए 10 अंक के टाईब्रेकर को लागू कर दिया है।
विज्ञापन
ग्रैंड स्लैम
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ग्रैंड स्लैम बोर्ड ने चार बड़े टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विम्बलडन और यूएस ओपन में बड़ा बदलाव किया है। उसने मैच के अंतिम सेट में स्कोर 6-6 होने के बाद नतीजे के लिए 10 अंक के टाईब्रेकर को लागू कर दिया है। ग्रैड स्लैम बोर्ड ने बुधवार (16 मार्च) को चारों टूर्नामेंट के आयोजकों से तुरंत प्रभाव से ट्रायल के आधार पर इसे अपनाने के लिए कहा है।
ऑस्ट्रेलियन ओपन में पहले से ही 10 अंक के टाईब्रेकर का उपयोग होता है। वहीं, विम्बलडन में 12-12 के स्कोर के बाद सात अंकों का ट्राईब्रेकर होता है। यूएस ओपन की बात करें तो वहां 6-6 के स्कोर के बाद सात अंकों का टाईब्रेकर होता है। सिर्फ फ्रेंच ओपन में निर्णायक सेट में निर्धारित अंकों वाले टाईब्रेकर का इस्तेमाल नहीं होता है।
ग्रैंडस्लैम बोर्ड ने कहा, ‘‘ग्रैंड स्लैम बोर्ड का निर्णय ग्रैंड स्लैम में खेल के नियमों में अधिक स्थिरता बनाने की मंशा पर आधारित है। यह खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए समान रूप से अनुभव को बढ़ाता है। इस ट्रायल के अंतर्गत यदि अंतिम सेट में स्कोर 6-6 की बराबरी पर पहुंचता है तो कम से कम दो अंकों का अंतर के साथ सबसे पहले 10 अंक तक पहुंचने वाला खिलाड़ी विजेता माना जाएगा।’’
विज्ञापन
इस योजना को अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा शासित टेनिस समिति के नियमों द्वारा स्वीकृति दी गई है। यह एकल में क्वालीफाइंग, पुरुष एकल और युगल, महिला एकल और युगल, व्हीलचेयर और जूनियर स्पर्धाओं में लागू होगा। 2010 में विंबलडन में अपने पहले दौर के मैच के अंतिम सेट में जॉन इस्नर ने निकोलस माहुत को 70-68 से हराकर नियमों में बदलाव की मांग की थी। यह मैच 11 घंटे, 5 मिनट तक चला था। मैच तीन दिनों में समाप्त हुआ था।
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलियन ओपन में पहले से ही 10 अंक के टाईब्रेकर का उपयोग होता है। वहीं, विम्बलडन में 12-12 के स्कोर के बाद सात अंकों का ट्राईब्रेकर होता है। यूएस ओपन की बात करें तो वहां 6-6 के स्कोर के बाद सात अंकों का टाईब्रेकर होता है। सिर्फ फ्रेंच ओपन में निर्णायक सेट में निर्धारित अंकों वाले टाईब्रेकर का इस्तेमाल नहीं होता है।
विज्ञापन
ग्रैंडस्लैम बोर्ड ने कहा, ‘‘ग्रैंड स्लैम बोर्ड का निर्णय ग्रैंड स्लैम में खेल के नियमों में अधिक स्थिरता बनाने की मंशा पर आधारित है। यह खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए समान रूप से अनुभव को बढ़ाता है। इस ट्रायल के अंतर्गत यदि अंतिम सेट में स्कोर 6-6 की बराबरी पर पहुंचता है तो कम से कम दो अंकों का अंतर के साथ सबसे पहले 10 अंक तक पहुंचने वाला खिलाड़ी विजेता माना जाएगा।’’
विज्ञापन
इस योजना को अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा शासित टेनिस समिति के नियमों द्वारा स्वीकृति दी गई है। यह एकल में क्वालीफाइंग, पुरुष एकल और युगल, महिला एकल और युगल, व्हीलचेयर और जूनियर स्पर्धाओं में लागू होगा। 2010 में विंबलडन में अपने पहले दौर के मैच के अंतिम सेट में जॉन इस्नर ने निकोलस माहुत को 70-68 से हराकर नियमों में बदलाव की मांग की थी। यह मैच 11 घंटे, 5 मिनट तक चला था। मैच तीन दिनों में समाप्त हुआ था।