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पहलवान सुशील कुमार ने PM मोदी से की मदद की गुहार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 13 May 2016 07:58 PM IST
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रियो ओलंपिक के लिए अपना नाम कटता देख 2 बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने ट्विट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने की गुहार लगाई है।
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बीजिंग और लंदन ओलंपिक में देश को दो पदक दिलाने वाले पहलवान सुशील कुमार का रियो ओलंपिक में तीसरे पदक का सपना पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। भारतीय कुश्ती संघ ने भी संकेत दिए हैं कि सुशील का ट्रायल कराकर वह नरसिंह यादव के साथ अन्याय नहीं होने देना चाहता है।
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राजनीतिक स्तर पर भी दबाव डलवाने की कोशिश की जा रही है। सुशील कुमार ने ट्विट करते हुए इस मामले में प्रधानमत्री मोदी और खेल मंत्रालय से दखल देने की गुहार लगाई है कि उनके और नरसिंह यादव के बीच ट्रायल कराया जाए। ट्रायल में जो जीते उसे ही रियो ओलंपिक में देश की दावेदारी का मौका दिया जाए।
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इस बीच मामले पर राजनीतिक रंग चढने के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने मंगलवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है जिसमें अंतिम फैसला लेने के लिए इस मामले को चयन समिति के पास भेजा जा सकता है। साथ ही सूत्र बताते हैं कि सुशील खेमे की ओर से इस संबंध में देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर ट्रायल करवाने की अपील की गई है।
फिर से ट्रॉयल करने को लेकर सुशील ने किए 3 ट्विट्स।
कहाँ गयी थी परंपरा जब 1996 में काका पवार और पप्पू यादव के बीच ट्रायल हुआ था @FederationWrest @narendramodi @sarbanandsonwal #justice4sushil
— Sushil Kumar (@WrestlerSushil) 13 मई 2016
Forget abt my 2 Olympics medals, world champion belt & many other medals for India, all I am asking is a fair trial and let the best man go
— Sushil Kumar (@WrestlerSushil) 13 मई 2016
मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ की सबसे अच्छा खिलाड़ी देश के लिए खेलने जाये #justice4sushil pic.twitter.com/8n9Igncb4N
— Sushil Kumar (@WrestlerSushil) 12 मई 2016
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अगर ट्रायल हुआ तो सभी सातों भार वर्गों के लिए भी होगा
कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की ओर से कहा गया था कि अब तक सुशील कुमार ने उनसे लिखित में ट्रायल के लिए कोई मांग नहीं की है और न ही खेल मंत्रालय ने उनसे इस संबंध में कुछ कहा है।
इसके बाद ही सुशील की ओर से खेल मंत्री को पत्र लिखकर ट्रायल की गुहार लगाई, जिसकी प्रति उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, डीजी साई और कुश्ती संघ अध्यक्ष को भी भेजी है। पत्र में अपील की गई है कि वह उन्हें रियो भेजे जाने की बात नहीं कर रहे हैं। वह यही चाह रहे हैं कि नरसिंह के साथ उनका ट्रायल कराया जाए। दोनों में जो सर्वश्रेष्ठ हो उसे ही देश के प्रतिनिधत्व का मौका रियो में मिले।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कुश्ती संघ कभी भी ओलंपिक के लिए ट्रायल नहीं कराए जाने की बात कह रही है, जबकि 1996 के अटलांटा ओलंपिक से पहले पप्पू यादव और काका पवार के बीच ट्रायल कराया गया था। सुशील को आज खेल मंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात करनी थी, लेकिन मंत्री के दिल्ली में नहीं होने के चलते देर शाम तक मुलाकात संभव नहीं हो सकी थी।
कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने एक दिन पहले साफ किया था कि अब तक यही परंपरा रही है कि जिस पहलवान ने भी कोटा हासिल किया है, वही ओलंपिक खेलने गया है। उनके लिए कुश्ती संघ की वर्षों पुरानी इस परंपरा को तोड़ना मुश्किल होगा। सुशील की मांग के बावजूद कुश्ती संघ उनका नरसिंह के साथ ट्रायल कराने के पक्ष में नहीं है।
बृजभूषण शरण सिंह ने यह जरूर कहा है कि सुशील अगर लिखित में उनसे ट्रायल की मांग करते हैं या फिर खेल मंत्रालय इस संबंध में उनसे कुछ कहता है तो फिर वह इस मामले को कुश्ती संघ की चयन समिति पर छोड़ देंगे। चयन समिति की जो भी सिफारिश होगी। वही काम किया जाएगा।
इसके बाद ही सुशील की ओर से खेल मंत्री को पत्र लिखकर ट्रायल की गुहार लगाई, जिसकी प्रति उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, डीजी साई और कुश्ती संघ अध्यक्ष को भी भेजी है। पत्र में अपील की गई है कि वह उन्हें रियो भेजे जाने की बात नहीं कर रहे हैं। वह यही चाह रहे हैं कि नरसिंह के साथ उनका ट्रायल कराया जाए। दोनों में जो सर्वश्रेष्ठ हो उसे ही देश के प्रतिनिधत्व का मौका रियो में मिले।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कुश्ती संघ कभी भी ओलंपिक के लिए ट्रायल नहीं कराए जाने की बात कह रही है, जबकि 1996 के अटलांटा ओलंपिक से पहले पप्पू यादव और काका पवार के बीच ट्रायल कराया गया था। सुशील को आज खेल मंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात करनी थी, लेकिन मंत्री के दिल्ली में नहीं होने के चलते देर शाम तक मुलाकात संभव नहीं हो सकी थी।
कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने एक दिन पहले साफ किया था कि अब तक यही परंपरा रही है कि जिस पहलवान ने भी कोटा हासिल किया है, वही ओलंपिक खेलने गया है। उनके लिए कुश्ती संघ की वर्षों पुरानी इस परंपरा को तोड़ना मुश्किल होगा। सुशील की मांग के बावजूद कुश्ती संघ उनका नरसिंह के साथ ट्रायल कराने के पक्ष में नहीं है।
बृजभूषण शरण सिंह ने यह जरूर कहा है कि सुशील अगर लिखित में उनसे ट्रायल की मांग करते हैं या फिर खेल मंत्रालय इस संबंध में उनसे कुछ कहता है तो फिर वह इस मामले को कुश्ती संघ की चयन समिति पर छोड़ देंगे। चयन समिति की जो भी सिफारिश होगी। वही काम किया जाएगा।