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आखिरकार सात साल बाद खिलाड़ियों को मिले वोटिंग के अधिकार

Mon, 03 Dec 2018 04:46 AM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 03 Dec 2018 04:46 AM IST
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Supreme Court give Voting rights to these players finally in aai after seven years
indian Archery Association

भारतीय खेलों के इतिहास में पहली बार खिलाडियों को वोटिंग अधिकार दिए गए हैं। नामी तीरंदाज लिंबा राम, डोला बनर्जी, लालरेम सांगा, संजीव सिंह, श्याम लाल, चक्रवोलू स्वूरो, सत्यदेव समेत 23 तीरंदाज 22 दिसंबर को होने वाले आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएआई) का चुनाव लड़ाएंगे।

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इन तीरंदाजों को वोटिंग का अधिकार सुप्रीम कोर्ट की ओर से तैनात एएआई के प्रशासक पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने दिए हैं। 2011 में केंद्र सरकार की ओर से लाए गए स्पोट्र्स कोड में खिलाडियों को वोटिंग अधिकार दिए जाने की बात कही गई थी। सात साल बाद एएआई ऐसा पहला खेल संघ बनने जा रहा है, जिसमें खिलाडियों को यह अधिकार मिला है।
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आर्चरी में यह कदम उठाए जाने के बाद अब अन्य खेल संघों पर भी ऐसा करने का दबाव बनेगा। यही नहीं जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने भी बीसीसीआई में प्लेयर्स एसोसिएशन के गठन की सिफारिश की है, लेकिन बोर्ड के अब तक चुनाव नहीं हुए हैं। राज्य संघों ने तीरंदाजों को वोटिंग अधिकार प्रदान करने के लिए कुरैशी की सराहना की है, लेकिन उनकी ही ओर से तैयार नए संविधान के उलट जाने के लिए खिलाफत भी की है।
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कुरैशी की ओर से तैयार नए संविधान में साफ कर दिया गया है कि कोई भी नेता, बाबू और सरकारी नौकर एएआई का हिस्सा नहीं होगा। खुद तीरंदाजों ने यह आवाज उठाई थी कि अगर उन्हें खेल संघ में रखना है तो उनके लिए सरकारी नौकरी की बात को हटाना होगा। हालांकि संविधान से यह बात हटाई तो नहीं गई, लेकिन कुल मतदाता सूची का 33 प्रतिशत निकालते हुए 23 तीरंदाजों को वोट का अधिकार दे दिया। इनमें से 15 तीरंदाज सरकारी नौकर हैं। राज्य संघों का यही विरोध है।

केरल आर्चरी की ओर से तो बाकायदा सरकारी नौकरी पर एसवाई कुरैशी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। एएआई के एक पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि उन्हें तीरंदाजों को वोट का अधिकार देने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन राज्य संघों में कई ऐसे पदाधिकारी हैं जो सरकारी नौकर हैं लेकिन वोट नहीं दे पाएंगे। एक ओर सरकारी नौकर खिलाड़ी वोट देंगे और दूसरों को यह अधिकार नहीं होगा। यह ठीक नहीं है। अगर यह फैसला लेना था तो इसे गवर्निंग काउंसिल में रखा जाना चाहिए था।


देश के लिए खेले हैं सभी तीरंदाज
जिन तीरंदाजों को वोटिंग का अधिकार दिया गया है वे सभी ओलंपिक या वल्र्ड चैंपियनशिप या एशियाई खेल या फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधत्व कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इन तीरंदाजों को चुना गया है। एएआई का चुनाव होने के बाद आर्चर कमीशन का गठन किया जाएगा, जिसमें सिर्फ तीरंदाज होंगे।

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