{"_id":"5c92805fbdec222dcc576fe7","slug":"six-lifters-who-trapped-in-the-dope-won-medal-in-khelo-india-khelo","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोप में फंसे छह लिफ्टर खेलो इंडिया में बने पदक विजेता ","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
डोप में फंसे छह लिफ्टर खेलो इंडिया में बने पदक विजेता
Wed, 20 Mar 2019 11:33 PM IST
Mukesh Jha
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mukesh Jha
Updated Wed, 20 Mar 2019 11:33 PM IST
विज्ञापन
साकेंतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेलो इंडिया खेलों में अब तक नौ खिलाड़ी डोप में फंस चुके हैं, लेकिन नया खुलासा यह हुआ है कि पुणे में नौ से 20 जनवरी तक हुए इन खेलों के छह स्वर्ण और रजत पदक विजेता एक माह पहले हुई नेशनल जूनियर, यूथ वेटलिफ्टंग चैंपियनशिप में ही डोप में फंस गए थे।
विज्ञापन
नेशनल जूनियर में डोप में फंसने के बाद छह वेटलिफ्टर खेलों इंडिया खेलों में खेले और पदक विजेता बने। अब इन सभी पदक विजेताओं से उनके पदक छीने जा रहे हैं। खास बात यह है कि 14 से 22 दिसंबर को नागपुर में हुई नेशनल जूनियर व यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में आठ लिफ्टर डोप पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी को खेलों इंडिया खेलों में भी खेलना था। लेकिन सात पुणे में खेले और छह ने पदक जीते।
विज्ञापन
खेलों इंडिया से निकली प्रतिभाओं को पांच लाख रुपये सालाना की आर्थिक मदद की घोषणा के बाद युवा खिलाडिय़ों में अचानक डोपिंग के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। दरअसल इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि खेलो इंडिया के लिए चयनित लिफ्टर डोप में फंस चुके हैं। उन्हें आठ लिफ्टरों के डोप में फंसने की सूचना नाडा से तब मिली जब ये लिफ्टर खेलो इंडिया में खेलकर तीन स्वर्ण और तीन रजत पदक जीत चुके थे। अब फेडरेशन ने इन लिफ्टरों से पदक वापस मांग लिए हैं।
विज्ञापन
खेलो इंडिया में +87 किलो में रजत जीतने वाली कर्नाटक की भविष्या पहले ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में डोप पॉजिटिव निकलीं। उसके बाद वह नेशनल में रजत जीतने के बाद स्टेरायड हायड्रॉक्सी मिथाइल के लिए डोप में फंसीं। खेलो इंडिया में 109 किलो में रजत जीतने वाले पंजाब के गुरप्रताप सिंह जूनियर नेशनल में रजत जीतकर स्टेरायड स्टेनोजोलॉल के लिए डोप में फंसे। पुणे में 71 किलो में रजत जीतने वाली कर्नाटक की लावण्या नागपुर में स्वर्ण जीतकर स्टेरायड हायड्राक्सी मिथाइल के लिए डोप में फंसी।
खेलो इंडिया की 76 किलो में स्वर्ण पदक विजेता हरियाणा की तमन्ना नागपुर में स्वर्ण जीतकर स्टेरायड एंड्रोस्टेरान के लिए डोप पॉजिटिव पाई गईं। पुणे में 81 किलो में स्वर्ण जीतने वाले पंजाब के बलदेव गुरू नागपुर में स्वर्ण जीतकर स्टेरायड टिमाक्सीफेन केलिए डोप में फंसे।
खेलो इंडिया में +109 का स्वर्ण जीतने वाले पंजाब केतेजपाल संधू जूनियर नेशनल में भी स्वर्ण जीतकर स्टीमुलेंट मेफेनटरमाइन केलिए डोप में फंसे। इनके अलावा यूपी की रीतिका राय और हरियाणा के पुनीत कुमार भी जूनियर नेशनल में डोप में फंसे।
पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक पर लगेगा प्रतिबंध
इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने अपनी एंटी डोपिंग पॉलिसी के तहत पंजाब, कर्नाटक व हरियाणा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इन तीनों ही राज्यों के एक साल में दो से अधिक लिफ्टर डोप में फंसे हैं। हालांकि प्रतिबंध से बचने के लिए इन्हें एक लाख रुपये जुर्माने की रकम चुकानी होगी।