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Chessable Masters 2022: फाइनल मैच में डिंग लिरेन से हारे प्रज्ञानानंद, दो गलतियों की वजह से गंवाया खिताब जीतने का मौका
Fri, 27 May 2022 10:12 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 27 May 2022 10:12 AM IST
सार
हार के बावजूद प्रज्ञानानंद ने शतरंज जगत में तबाही मचा दी है। विश्व चेस रैंकिंग में 108वें नंबर पर मौजूद प्रज्ञानानंद ने इस टूर्नामेंट में टॉप 10 में शामिल खिलाड़ियों को हराया है। अब उन्हें पूरी दुनिया में नए विश्व चैंपियन के रूप में देखा जा रहा है।
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प्रज्ञानानंद
- फोटो : ANI
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विस्तार
चेसबेल मार्स्टस 2022 के फाइनल मैच में भारत के आर प्रज्ञानानंद को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी डिंग लिरेन के खिलाफ दो गलतियां की और फाइनल मैच जीतने का मौका गंवा दिया। हालांकि, हार के बावजूद प्रज्ञानानंद ने अपने प्रदर्शन से शतरंज जगत में सनसनी मचा दी है। 16 साल के इस खिलाड़ी ने साबित किया है कि वो आने वाले कई सालों तक चेस जगत में राज करने वाले हैं। विश्व चेस रैंकिंग में 108वें नंबर पर मौजूद प्रज्ञानानंद ने इस टूर्नामेंट में टॉप 10 में शामिल खिलाड़ियों को हराया है। अब उन्हें पूरी दुनिया में नए विश्व चैंपियन के रूप में देखा जा रहा है।
फाइनल मैच में प्रज्ञानानंद के विपक्षी डिंग लिरेन ने भी उनकी तारीफ की है। वहीं कमेंटेटर डेविड हॉवेल ने कहा कि उनके पास प्रज्ञानानंद की तारीफ के लिए कोई शब्द नहीं है। इस टूर्नामेंट के फाइनल मैच में प्रज्ञानानंद शुरुआत में पिछड़ गए थे, लेकिन बाद में शानदार वापसी की और मैच बराबरी पर ला दिया। इसके बाद टाईब्रेक में विजेता का फैसला हुआ, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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फाइनल मैच में प्रज्ञानानंद के विपक्षी डिंग लिरेन ने भी उनकी तारीफ की है। वहीं कमेंटेटर डेविड हॉवेल ने कहा कि उनके पास प्रज्ञानानंद की तारीफ के लिए कोई शब्द नहीं है। इस टूर्नामेंट के फाइनल मैच में प्रज्ञानानंद शुरुआत में पिछड़ गए थे, लेकिन बाद में शानदार वापसी की और मैच बराबरी पर ला दिया। इसके बाद टाईब्रेक में विजेता का फैसला हुआ, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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टूर्नामेंट में कैसा रहा प्रज्ञानानंद का सफर
इस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंद की शुरुआत कुछ खास नहीं थी, लेकिन बाद में उन्होंने बेहतरीन वापसी की और विश्व चैंपियन मैगनस कार्लसन को मात दी। तीन महीने में यह दूसरा मौका था, जब उन्होंने कार्लसन को हराया था। इसके बाद उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ और वो नॉकआउट में जगह बनाने में कामयाब रहे। यहां, उन्होंने सेमीफाइनल में विश्व नंबर 10 नीदरलैंड के अनीश गिरी को टाईब्रेकर में 3.5-2.5 परास्त कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
रात दो बजे जीते कहा सुबह पौने नौ बजे स्कूल जाना है
बुधवार की देर रात सेमीफाइनल मुकाबले का परिणाम आया था। इस पर प्रगनाननंदा ने कहा था कि उन्हें पौने नौ बजे सुबह स्कूल पहुंचना है और इस वक्त रात के दो बज चुके हैं। वहीं उनके कोच ग्रैंड मास्टर आरबी रमेश ने अपने शिष्य को फाइनल में पहुंचने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि, उन्हें तुम पर नाज है।
पहले खराब स्कोर होने के बावजूद कड़े प्रतिद्वंद्वियों को हराने की उनकी योग्यता शानदार है। प्रगनाननंदा इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे हैं। इससे पहले उन्होंने प्रारंभिक दौर में मैग्नस कार्लसन को मात दी थी, जहां वे चौथे स्थान पर रहे थे। इस टूर्नामेंट में दो अन्य भारतीय पी हरिकृष्णा और विदित गुजराती भी खेले, लेकिन वे प्री क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सके।
इस टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंद की शुरुआत कुछ खास नहीं थी, लेकिन बाद में उन्होंने बेहतरीन वापसी की और विश्व चैंपियन मैगनस कार्लसन को मात दी। तीन महीने में यह दूसरा मौका था, जब उन्होंने कार्लसन को हराया था। इसके बाद उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ और वो नॉकआउट में जगह बनाने में कामयाब रहे। यहां, उन्होंने सेमीफाइनल में विश्व नंबर 10 नीदरलैंड के अनीश गिरी को टाईब्रेकर में 3.5-2.5 परास्त कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
रात दो बजे जीते कहा सुबह पौने नौ बजे स्कूल जाना है
बुधवार की देर रात सेमीफाइनल मुकाबले का परिणाम आया था। इस पर प्रगनाननंदा ने कहा था कि उन्हें पौने नौ बजे सुबह स्कूल पहुंचना है और इस वक्त रात के दो बज चुके हैं। वहीं उनके कोच ग्रैंड मास्टर आरबी रमेश ने अपने शिष्य को फाइनल में पहुंचने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि, उन्हें तुम पर नाज है।
पहले खराब स्कोर होने के बावजूद कड़े प्रतिद्वंद्वियों को हराने की उनकी योग्यता शानदार है। प्रगनाननंदा इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे हैं। इससे पहले उन्होंने प्रारंभिक दौर में मैग्नस कार्लसन को मात दी थी, जहां वे चौथे स्थान पर रहे थे। इस टूर्नामेंट में दो अन्य भारतीय पी हरिकृष्णा और विदित गुजराती भी खेले, लेकिन वे प्री क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सके।