भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए खेल मंत्रालय का नया 'फॉर्मूला', नहीं होगी वित्तीय हेरा-फेरी
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खेल मंत्रालने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन और खेल संघों के कैश लेन-देन पर रोक लगा दी है। मंत्रालय ने यह कदम भ्रष्टाचार की लगातार आ रही शिकायतों के चलते उठाया है। मंत्रालय की ओर से यह आदेश आईओए और खेल संघों को की जाने वाली आर्थिक मदद की राशि पर जारी किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के जरिए करने को कहा गया है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी बल्कि मंत्रालय के पास रही शिकायतों में भी कमी होगी। यही नहीं आदेश में यह भी कहा है कि आईओए और खेल संघ मंत्रालय की ओर से जारी राशि को किसी भी राज्य संघ के पदाधिकारी के अकाउंट में सीधे तौर पर नहीं जारी करेंगे।
खेल संघों को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी ओर से की जाने वाली आर्थिक मदद की छानबीन खुद मंत्रालय, ऑडिट एजेंसी या अन्य जांच एजेंसियां कर सकती हैं। ऐसे में खेल संघों और आईओए को अपनी संपत्ति और एसेट्स का रजिस्टर भी तैयार करना होगा।
मंत्रालय ने यहां तक कहा है कि इस संबंध में खेल संघों और आईओए को कई बार पारदर्शिता बरतने को कहा है। बावजूद इसके कई खेल संघ कैश लेन-देने जैसे कार्यों को कर रहे हैं। इससे कुछ खेल संघों और उनकी संबंधित यूनिटों के बीच विवादों के मामले सामने आए हैं।
मंत्रालय ने आदेश में दावा किया है कि इस प्रक्रिया को लागू करने से देश में खेल संस्कृति बनेगी। मंत्रालय खेल संघों और आईओए की टूर्नामेंटों को कराने के अलावा खिलाड़िय़ों की तैयारियों के लिए बड़ी आर्थिक मदद करता है। यह मदद खेल संघ अपनी राज्य यूनिटों, वेंडर्स और सर्विस प्रोवाइडरों को जारी करते हैं।