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अब विदेशी कोच की लगेंगी क्लास, नहीं दिया परिणाम तो वापस भेजे जाएंगे
Fri, 04 Jan 2019 05:56 AM IST
अंशुल तलमले
हेमंत रस्तोगी
हेमंत रस्तोगी
Published by: अंशुल तलमले
Updated Fri, 04 Jan 2019 05:56 AM IST
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मोटे वेतन पर अनुबंधित किए जाने वाले विदेश कोचों ने अगर मन-माफिक परिणाम नहीं दिया तो उनकी अनुबंध के बीच में ही छुट्टी कर दी जाएगी। साई ने नए साल में फैसला लिया है कि अब विदेशी कोचों के प्रदर्शन की समीक्षा हर तीन माह में की जाएगी। इसके लिए पांच सदस्यीय स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया गया है।
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यही नहीं साई ने विदेशी कोच रखने वाले खेल संघों को हर तीसरे माह उन्हें दी गई जिम्मेदारियों का हिसाब-किताब देने के लिए कहा है। अब तक विदेशी कोच के प्रदर्शन की समीक्षा साल में एक बार किए जाने का प्रावधान था।
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हालांकि विदेशी कोचों का अनुबंध आगे बढ़ेगा या नहीं इसकी समीक्षा ओलंपिक या एशियाई खेलों के बाद की जाती है, लेकिन साई का मानना है कि जब विदेशी कोचों को भारी भरकम राशि दी जाती है तो उनके प्रदर्शन का कड़ाई से हिसाब-किताब लिया जाना चाहिए।
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दरअसल साई को एशियाई खेलों के दौरान कुछ ऐसी शिकायतें मिली कि विदेशी कोच अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से अंजाम नहीं दे रहे हैं। इसमें खेल संघ भी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। इसी को ध्यान में रख साई ने तीन माह में समीक्षा शर्त रख दी है।
पांच सदस्यीय कमेटी का चेयरमैन टॉप्स के सीईओ राजगोपालन को बनाया गया है। कमेटी में एक सदस्य संबंधित खेल संघ का, नेशनल आब्जर्वर, संबंधित खेल का नामी खिलाड़ी और साई प्रोजेक्ट ऑफिसर होंगे। यही नहीं कमेटी को यह अधिकार दिया गया है कि जरूरत पडने पर उनकी ओर से कमेटी कभी भी बैठक बुलाई जा सकती है। कमेटी अपनी रिपोर्ट साई महानिदेशक को देगी। यह प्रक्रिया विदेशी सपोर्ट स्टाफ, स्पारिंग पार्टनर पर भी लागू होगी।
साई ने अनुबंधित कर रखे हैं 20 विदेशी कोच
साई ने इस वक्त विभिन्न खेलों में 20 विदेशी कोच, सपोर्ट स्टाफ, स्पारिंग पार्टरन अनुबंधित कर रखे हैं, जबकि एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, कुश्ती में बड़ी संख्या में विदेशी कोच अनुबंधित किए जाने वाले हैं। साई ने खेल संघों से कहा है कि उन्हें विदेशी कोच के बारे में बताना होगा कि कितने लक्ष्य उसे दिए गए और कितने प्राप्त किए गए। कैंप में रहने केरिकार्ड के साथ विदेशी दौरों पर दिए गए परिणाम का हिसाब किताब देनना होगा। कैंप के बाहर की गतिविधियों ब्योरा देने का साथ कितने भारतीय कोचेज को उनके संरक्षण में तैयार किया गया है यह भी बताना होगा। यही नहीं साई ने छोटे समय के लिए अनुबंधित किए जाने वाले विदेशी कोच के लिए विज्ञापन जारी किए जाने की शर्त भी हटा ली है।