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गरीब बच्चों को घर दिया, स्कूटी नहीं साइकिल खरीदी, प्रेरणादायी है खेलरत्न मीराबाई चानू की कहानी

Thu, 27 Sep 2018 10:09 AM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 27 Sep 2018 10:09 AM IST
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Mira Bai Chanu gets Rahiv Gandhi Khel Ratna Award 2018

देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी का सपना हो सकता है, लेकिन विश्व चैंपियन वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने अर्जुन पुरस्कार की उम्मीद की थी। मीरा कहती हैं उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह खेल रत्न बनेंगी।

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वह तो सिर्फ अर्जुन अवार्डी बनने का सपना देखती थीं। उन्हें उम्मीद भी थी कि एक न दिन उनके खाते में यह पुरस्कार जरूर आएगा, लेकिन राजीव गांधी खेल रत्न मिलने पर वह अचंभित हैं। मीरा को खुशी इस बात की है कि उनके गुरु विजय शर्मा को द्रोणाचार्य और उन्हें खेल रत्न एक साथ मिला है।

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अपने घर में बच्चों को ठहराया

Mira Bai Chanu gets Rahiv Gandhi Khel Ratna Award 2018

मीरा के मुताबिक उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद केंद्र और राज्य सरकार से जो भी कैश अवॉर्ड मिला उससे उन्होंने इंफाल में चार कमरों का एक घर खरीदा। उनके माता पिता और भाई अभी भी गांव में ही रहते हैं, लेकिन उन्होंने इस घर में गांव और पड़ोसी गांव के गरीब बच्चों को ठहराया है।

उन्हें इंफाल में ट्रेनिंग के लिए गांव से दर दर की ठोकरें खाकर आना पड़ता था। उन्हें इंफाल में ठहरने की जगह नहीं मिलती थी क्योंकि पैसे इतने नहीं होते थे। उन्हें मालूम है कि गांव से आने वाले बच्चों को इंफाल में किस तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने इंफाल में ट्रेनिंग करने वाले कुछ गरीब बच्चों को अपने नए घर में ठहराया है।

खुद के लिए खरीदी साइकिल

Mira Bai Chanu gets Rahiv Gandhi Khel Ratna Award 2018

यही नहीं साई ने उनकी ट्रेनिंग के लिए गांव में जो प्लेटफार्म और वेटलिफ्टिंग सेट मुहैया कराया है उसे भी उन्होंने गांव के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए खोल रखा है। वह पटियाला में एक स्कूटी खरीदना चाहती थीं लेकिन कोच ने मना कर दिया कि इसकी जरूरत नहीं है। एक साइकिल ले लो। उन्होंने यही किया। वह साइकिल से एनआईएस में इधर-उधर जाती हैं।

मीरा मानती हैं कि खेल रत्न मिलने पर उनकी अब ओलंपिक पदक के लिए जिम्मेदारी और बढ़ गई है। वह अगले वर्ष अप्रैल में एशियाई चैंपियनशिप से वापसी करेंगी। फिलहाल वह अक्टूबर माह तक मुंबई में ही हीथ मैथ्यूज के प़ास रहकर इलाज और ट्रेनिंग एक साथ करेंगी।

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मणिपुर से पहली बार बाहर निकली मां को घुमाएंगी इंडिया गेट

Mira Bai Chanu gets Rahiv Gandhi Khel Ratna Award 2018

मीरा अवॉर्ड के लिए मां को साथ लेकर आई हैं। वह बताती हैं कि मां पहली बार मणिपुर से बाहर निकली हैं। उन्होंने मणिपुर के अलावा कुछ नहीं देखा है। उन्होंने पहली बार इतना बड़ा होटल देखा है। हालांकि उन्होंने भी कभी इंडिया गेट नहीं देखा है।

अब वह मां को लेकर इंडिया गेट जाएंगी। राष्ट्रपति भवन में अवॉर्ड कार्यक्रम के लिए मीरा को साड़ी बांधनी थी। उन्हें साड़ी पहनना अच्छा लगता है, लेकिन इसे बांधना नहीं आता है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में कोच हंसा शर्मा ने उनकी साड़ी बांधी। यहां उनकी साड़ी बांधना का इंतजाम साई ने कराया है।

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