झुग्गियों से आने वाले सभी मुक्केबाज सफल होते हैं : माइक टायसन
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भारत दौरे पर पहली बार आए अमेरिका के पूर्व हेवीवेट चैंपियन मुक्केबाज माइक टायसन ने कहा कि सभी अच्छे मुक्केबाज झुग्गियों से आए हैं। दरअसल, टाइसन पहली बार मुंबई में शनिवार को आयोजित हो रहे एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे हैं। वो 29 सितंबर को भारत में पहली मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स लीग-कुमिते-1 लीग को लॉन्च करने के लिए यहां आए हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे 52 वर्षीय टायसन ने कहा कि, मुझे लगता है कि आप जितने गरीब हैं, उतने ही ज्यादा अच्छे मुक्केबाज हैं। झुग्गियों से आने वाले सभी मुक्केबाज सफल होते हैं। मौजूदा समय के सभी शीर्ष मुक्केबाज झुग्गियों से आते हैं।
20 साल चार महीने और 22 दिन की सबसे कम उम्र में विश्व हैवीवेट चैंपियन बनने वाले टायसन ने कहा, 'मैं यहां आकर बहुत रोमांचित हूं। मैं पहली बार भारत आया हूं। मैंने इसकी कभी कल्पना नहीं की थी। मैं यहां फाइट (कुमीटे-1 लीग) की लांचिंग पर आया हूं। मैं सर्वश्रेष्ठ टीम को जीतने के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं एमएमए का बहुत बड़ा फैन हूं। मैं अक्सर यूएफसी देखने जाता रहता हूं।
टायसन ने साल 2005 में संन्यास ले लिया था। उन्होंने रिकॉर्ड 50 बाउट में जीत हासिल की जिसमें से 44 उन्होंने नॉकआउट के जरिए जीते। टायसन ने कहा कि मैं झुग्गियों में पला बढ़ा इंसान हूं। मेरा लक्ष्य झुग्गियों से निकलना था और यही वजह है कि मैं यहां हूं। अगर कोई कड़ी मेहनत करता है तो वह वहां से बाहर निकल सकता है। मैं अभी भी अपने बचपन के दोस्तों से मिलने जाता हूं। वे अभी भी उसी झुग्गियों में ही रहते हैं।
बता दें कि इस लीग के तहत पहली बार एमएमए प्रतियोगिता में विभिन्न टीमें अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसमें भारतीय टीम का पहला मुकाबला संयुक्त अरब अमीरात से होगा। लीग के पहले सत्र में कई देशों की आठ टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। आयोजकों ने बताया कि हर टीम में नौ फाइटर होंगे जिसमें से दो महिला होंगी।