विदेश में सम्मान जीतने वाली 'गोल्डन गर्ल' का देश में अपमान, अधिकारियों की हरकत पर मनु का बड़ा बयान
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कॉमनवेल्थ गेम्स और शूटिंग वर्ल्ड कप में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय महिला शूटर मनु भाकर की खेल जगत में खूब तारीफ हो रही है। लेकिन विदेशी जमीन पर सम्मान जीतने वाली यह 16 वर्षीय युवा निशानेबाज जब अपने गांव चरखी दादरी पहुंची तो उन्हें जमीन पर बैठाकर उनका अपमान किया गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का नाम ऊंचा करने वाली मनु को सम्मानित करने के लिए चरखी दादरी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, लेकिन इसी कार्यक्र में मनु को जमीन पर बैठाकर उनका अपमान किया गया। इस समारोह में मनु भाकर का पूरा परिवार भी शामिल हुआ था।
पहले तो मनु एक कुर्सी पर बैठी थी, लेकिन जैसे ही कार्यक्रम में वीआईपी लोगों की एंट्री हुई तो उन्हें कुर्सी से उठाकर जमीन पर बैठा दिया गया। मनु का इस तरह अपमान किए जाने के बाद अभिनंदन समारोह के प्रबंधकों की चौतरफा आलोचना हो रही है। हालांकि इस बारे में जब मनु भाकर से बातचीत हुई तो उन्होंने किसी के खिलाफ कुछ नहीं कहा।
मनु ने कहा, 'इस कार्यक्रम में राज्य के कई सीनियर लोग उपस्थित थे। ऐसे में मैं उनके सामने कुर्सी पर बैठी रहती और वे खड़े रहते, यह मुझे अच्छा नहीं लगा। इसलिए मैंने अपनी मर्जी से कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठना सही समझा। कुर्सी से उठकर जमीन पर बैठने के लिए मुझे किसी ने कहा नहीं था'