फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Manoj Kumar writes to Kiren Rijiju asking Dronacharya for brother, coach

National Sports Awards 2020: मनोज ने खेल मंत्री रिजिजू से कहा, मेरे भाई और कोच के नाम पर करें विचार

Thu, 20 Aug 2020 07:47 AM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: मुकेश कुमार झा Updated Thu, 20 Aug 2020 07:47 AM IST
विज्ञापन
Manoj Kumar writes to Kiren Rijiju asking Dronacharya for brother, coach
- - फोटो : social media

राष्ट्रमंडल खेलों में दो बार के पदक विेजेता मुक्केबाज मनोज कुमार ने बुधवार को खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखकर उनसे द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए अपने भाई और निजी कोच राजेश कुमार राजौंद के नाम पर विचार करने को कहा, जिनकी दावेदारी को चयनसमिति ने नजरअंदाज कर दिया था। इस बार 12 सदस्यीय समिति ने द्रोणाचार्य पुरस्कारों के लिए 13 नामों की सिफारिश की है जिनकी घोषणा 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अन्य विजेताओं के साथ की जाएगी।

विज्ञापन


पूर्व राष्ट्रीय कोच गुरबख्श सिंह संधू ने भी राजौंद के नामांकन का समर्थन किया था। मनोज ने लिखा है, 'सकारात्मक जवाब की उम्मीद कर रहा हूं। आपसे इस साल के लिये द्रोणाचार्य पुरस्कारों के लिये घोषित किए गए नामों पर एक बार विचार करने का आग्रह करता हूं। मैं आपसे मेरे कोच राजेश कुमार की उपलब्धियों पर विचार करने और उनकी उपलब्धियों को मान्यता प्रदान करने में मदद करने का अनुरोध करता हूं क्योंकि इस मामले में हमारे लिए आप आखिरी उम्मीद हो।'
विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'अगर फिर से एक कोच और उसके शिष्यों की कड़ी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया जाता है और उनके संघर्ष की कहानी पूरे देश को पता होने के बावजूद उन्हें पुरस्कार नहीं दिया जाता है तो फिर नयी प्रतिभा देश के लिये अपना जीवन समर्पित करने के प्रति कैसे प्रेरित होगी।'
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणा का यह मुक्केबाज अर्जुन पुरस्कार के लिए अदालत तक गया था। उन्हें 2014 में यह पुरस्कार मिला था। वह दो बार एशियाई कांस्य पदक विजेता होने के साथ 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भी हैं।


इस 33 वर्षीय मुक्केबाज ने कई बार अपने करियर को निखारने का श्रेय अपने भाई को दिया। मनोज ने हॉकी कोच जूड फेलिक्स (नियमित) और रोमेश पठानिया (जीवनपर्यन्त) के नाम की सिफराशि पुरस्कार के लिए किए जाने के संदर्भ में कहा, 'जब हॉकी में एक से अधिक कोच को पुरस्कार के लिये चुना जा सकता है तो फिर मुक्केबाजी में ऐसा क्यों नहीं हो सकता है। आपसे त्वरित और सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed