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स्वप्ना बर्मन ने लगाया ममता बनर्जी पर वादाखिलाफी का आरोप, कहा- अब तक नहीं मिली जमीन
Fri, 27 Sep 2019 09:24 AM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Fri, 27 Sep 2019 09:24 AM IST
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स्वप्ना बर्मन
एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट हेप्टैथलीट स्वप्ना बर्मन ने गुरुवार को दावा किया कि पिछले साल इंडोनेशिया में खिताब के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने जमीन का टुकड़ा देने का वादा किया था, वह अब तक पूरा नहीं किया है। ट्रेनिंग में सुविधा के लिए जलपाईगुड़ी में जन्मीं स्वप्ना को साल्टलेक में भारतीय खेल प्राधिकरण के पूर्वी केंद्र के समीप जमीन देने का वादा किया गया था।
लगभग एक साल बीतने के बावजूद स्वप्ना को सिर्फ किराए का घर दिया गया है जिसके लिए उन्हें अपने जेब से हर महीने चार हजार रुपये देने पड़ते हैं। स्वप्ना ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘हमने इतने आग्रह किए लेकिन अधिकारियों ने बताया कि वित्त समिति ने जमीन देने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। मैं जानना चाहती हूं कि क्या मुख्यमंत्री को पता है कि उनके वादे के बावजूद मुझे जमीन देने से इनकार किया गया है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे सिर्फ 10 लाख रुपये और किराए का घर दिया गया जिसके लिए मैं अपनी जेब से चार हजार रुपये किराया दे रही हूं। यह काफी हताशा भरा है।’ स्वप्ना ने 2002 एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता सोमा विश्वास का उदाहरण दिया जिन्हें सरकार ने उस समय जमीन दी थी। इसके अलावा तीरंदाज डोला बनर्जी, टेबल टेनिस खिालाड़ी मौउमा दास और पोलोमी घटक तथा तैराक बुला चौधरी को भी जमीन तोहफे में दी गई।
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घुटने और पीठ की चोट के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजर रही स्वप्ना ने मुश्किल राह के बावजूद ओलिंपिक क्वॉलिफाइंग स्तर हासिल करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल है लेकिन मुझे भरोसा है। अंकों में सुधार के लिए अगले साल मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’
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लगभग एक साल बीतने के बावजूद स्वप्ना को सिर्फ किराए का घर दिया गया है जिसके लिए उन्हें अपने जेब से हर महीने चार हजार रुपये देने पड़ते हैं। स्वप्ना ने यहां एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘हमने इतने आग्रह किए लेकिन अधिकारियों ने बताया कि वित्त समिति ने जमीन देने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। मैं जानना चाहती हूं कि क्या मुख्यमंत्री को पता है कि उनके वादे के बावजूद मुझे जमीन देने से इनकार किया गया है।’
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उन्होंने कहा, ‘मुझे सिर्फ 10 लाख रुपये और किराए का घर दिया गया जिसके लिए मैं अपनी जेब से चार हजार रुपये किराया दे रही हूं। यह काफी हताशा भरा है।’ स्वप्ना ने 2002 एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता सोमा विश्वास का उदाहरण दिया जिन्हें सरकार ने उस समय जमीन दी थी। इसके अलावा तीरंदाज डोला बनर्जी, टेबल टेनिस खिालाड़ी मौउमा दास और पोलोमी घटक तथा तैराक बुला चौधरी को भी जमीन तोहफे में दी गई।
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घुटने और पीठ की चोट के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजर रही स्वप्ना ने मुश्किल राह के बावजूद ओलिंपिक क्वॉलिफाइंग स्तर हासिल करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल है लेकिन मुझे भरोसा है। अंकों में सुधार के लिए अगले साल मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’