फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Indias journey in the Olympics: 28 medals in the countrys name, eight gold out of nine in hockey alone, will Londons record be broken this time

ओलंपिक में भारत का सफर: इस बार 5 पदक जीते, अभी दो और की उम्मीद; क्या टूट पाएगा लंदन ओलंपिक का रिकॉर्ड?

Fri, 06 Aug 2021 03:48 PM IST
योगेश साहू स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 06 Aug 2021 03:48 PM IST
सार

वर्ष 1900 से 2016 तक ओलंपिक में भारत के नौ स्वर्ण पदक समेत कुल 28 मेडल हैं। सबसे ज्यादा 11 पदक हॉकी में हैं। देश को इकलौता इंडिविजुअल गोल्ड मेडल शूटिंग में मिला था, जो अभिनव बिंद्रा के नाम है।

विज्ञापन
Indias journey in the Olympics: 28 medals in the countrys name, eight gold out of nine in hockey alone, will Londons record be broken this time
रवि कुमार दहिया ने जीता सिल्वर मेडल - फोटो : social media

विस्तार

जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे ओलंपिक गेम्स अपने आखिरी चरणों में पहुंच चुके हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत इस बार ओलंपिक इतिहास में सबसे बेहतर प्रदर्शन करेगा। काफी हद तक ऐसा हुआ भी। मेरीकॉम और अमित पंघाल जैसे कई बड़े खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद भी भारत कुछ पदक जीतने की दौड़ में है।

विज्ञापन


ओलंपिक इतिहास की बात करें, तो भारत के नाम अब तक कुल 28 पदक हैं। इनमें नौ स्वर्ण, सात रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा आठ स्वर्ण पदक भारत की हॉकी टीम ने जीते हैं। देश के नाम सिर्फ एक व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड है, जो अभिनव बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक के दौरान शूटिंग में जीता था। 
विज्ञापन


सबसे बेहतरीन ओलंपिक अभियान की बात करें, तो 2012 में लंदन में खेले गए टूर्नामेंट में भारत के नाम कुल छह पदक थे। इस बार भारत अब तक 5 पदक जीत चुका है और दो पदकों के लिए रेस में बरकरार है। ऐसे में भारत लंदन के रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। हालांकि, इसके लिए भारत को बचे हुए मेडल मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करना होगा। आइए जानते हैं उन प्रमुख खेलों के बारे में जिससे भारत टोक्यो में इतिहास रच सकता है...
विज्ञापन
विज्ञापन


1. हॉकी: एक कांस्य पदक जीता
इस बार भारत की महिला और पुरुष, दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंची। हालांकि, भारत की पुरुष टीम को सेमीफाइनल में बेल्जियम के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम इंडिया ने कांस्य पदक के मुकाबले में जर्मनी को हराकर भारत को टोक्यो में चौथा पदक दिलाया। वहीं, भारत की महिला हॉकी टीम कांस्य पदक के मुकाबले में 6 अगस्त को ब्रिटेन से हार गई।

2. बॉक्सिंग: कांस्य पदक से संतोष
पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा ले रही लवलीना बोरगोहेन को 69 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वे खाली हाथी देश नहीं लौटेंगी। उन्होंने भारत की झोली में कांस्य पदक तो डाल दिया है। अगर वे सेमीफाइनल मुकाबला जीत जातीं, तो पहली बार कोई भारतीय बॉक्सर ओलंपिक में स्वर्ण या रजत पदक की दावेदारी पेश करता।

3. रेसलिंग: रवि को रजत, बजरंग से कांस्य की उम्मीद
रेसलिंग (फ्री स्टाइल) में रवि कुमार दहिया ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में पांचवां पदक डाला। इसके अलावा बजरंग पुनिया अभी भी कांस्य पदक की रेस में बरकरार हैं। बजरंग सेमीफाइनल मुकाबले में हार गए। अब वे 7 अगस्त को रेपचेज राउंड में कांस्य के लिए खेलेंगे। मुकाबला दोपहर बाद 3.30 बजे से खेला जाएगा।

4. एथलेटिक्स
भारत को एक पदक की उम्मीद जैवलिन थ्रो से भी है। नीरज चोपड़ा भारत की ओर से अपने मिशन की शुरुआत कर चुके हैं। उन्होंने इस कैटैगरी के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। 2018 एशियन गेम्स के चैम्पियन नीरज बुधवार को क्वालिफाइंग राउंड में टॉप पर रहे हैं। फाइनल 7 अगस्त को खेला जाएगा।

कुल सात मेडल जीत सकता है भारत
इस तरह टीम इंडिया इस बार कुल आठ मेडल अपने नाम कर सकती है। फिलहाल मीराबाई चानू और रवि दहिया ने रजत, पीवी सिंधु, लवलीना और भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य जीतकर भारत को पांच पदक दिला दिए हैं। इसके बाद अगर कुश्ती और जैवलिन थ्रो में भारतीय खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं, तो भारत के नाम कुल सात पदक होंगे। इसमें जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक भी मिल सकता है।

इन खिलाड़ियों पर भी रहेगी नजर

  • 7 अगस्त को 65 किलोग्राम भारवर्ग के रेपचेज राउंड में बजरंग पुनिया का मुकाबला दोपहर 3.15 बजे से
  • 7 अगस्त को जैवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज चोपड़ा का मुकाबला शाम 4.30 बजे से

छह पदक के साथ लंदन ओलंपिक सबसे बेहतरीन रहा

भारत का अब तक का सबसे सफल ओलंपिक 2012 लंदन ओलिंपिक रहा था। इसमें भारत ने दो रजत और चार कांस्य समेत कुल छह पद अपने नाम किए थे। 2008 बीजिंग में टीम इंडिया ने एक स्वर्ण और दो कांस्य समेत तीन पदक जीते थे। जबकि 2016 रियो, 1952 हेलसिंकि और 1900 पेरिस ओलंपिक में दो-दो मेडल अपने नाम किए थे।

छह ओलंपिक में खाता भी नहीं खुल सका
भारत ने अब तक 24 ओलंपिक में हिस्सा लिया है। इसमें से छह ओलंपिक में एक भी मेडल नहीं जीत सका। 1896 से मॉडर्न ओलंपिक गेम्स आयोजित हो रहे हैं। तब से दुनिया ने अमेरिका, सोवियत संघ, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जैसे देशों को महाशक्ति के तौर पर देखा।




अमेरिका और सोवियत संघ टॉप-दो में हैं। अमेरिका ने अब तक 1022 स्वर्ण, 795 रजत और 705 कांस्य पदक समेत कुल 2522 पदक जीते हैं। जबकि सोवियत संघ ने 395 स्वर्ण, 319 रजत और 296 कांस्य समेत कुल 1010 पदक जीते। ग्रेट ब्रिटेन इस मामले में तीसरे नंबर पर है। उसने 263 स्वर्ण, 295 रजत और 293 कांस्य समेत कुल 851 पदक अपने नाम किए।

किस खेल में कितने पदक जीते?

खेल स्वर्ण रजत कांस्य कुल
एथलेटिक्स 0 2 0 2
बैडमिंटन 0 1 1 2
बॉक्सिंग 0 0 2 2
हॉकी 8 1 2 11
शूटिंग 1 2 1 4
टेनिस 0 0 1 1
वेटलिफ्टिंग 0 0 1 1
कुश्ती फ्रीस्टाइल 0 1 4 5
कुल 9 7 12 28

किस ओलंपिक में कैसा प्रदर्शन रहा?

साल स्वर्ण रजत कांस्य कुल
2016 0 1 1 2
2012 0 2 4 6
2008 1 0 2 3
2004 0 1 0 1
2000 0 0 1 1
1996 0 0 1 1
1980 1 0 0 1
1972 0 0 1 1
1968 0 0 1 1
1964 1 0 0 1
1960 0 1 0 1
1956 1 0 0 1
1952 1 0 1 2
1948 1 0 0 1
1936 1 0 0 1
1932 1 0 0 1
1928 1 0 0 1
1900 0 2 0 2
कुल 9 7 12 28
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed