राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता वेटलिफ्टर स्वाति सिंह ने स्वीकारा दो साल का बैन
यूपी की वेटलिफ्टर को आईडब्लूएफ ने दिया था प्रस्ताव प्रतिबंध स्वीकारो या केस लड़ो
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अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग संघ (आईडब्लूएफ) ने एक साल की चुप्पी के बाद 2014 राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता बनारस की वेटलिफ्टर स्वाति सिंह को डोपिंग का आरोपी करार दिया है।
साथ ही उन्हें दो साल का प्रतिबंध स्वीकारने का प्रस्ताव दे डाला। प्रतिबंध नहीं स्वीकारने पर आईडब्लूएफ ने स्वाति को अपने बचाव के लिए केस लड़ने को कहा। यूपी के सर्वोच्च खेल सम्मान रानी लक्ष्मी बाई से सम्मानित स्वाति ने सैंपल लेने की तिथि 23 अप्रैल 2019 से 22 अप्रैल 2021 तक प्रस्तावित दो साल का प्रतिबंध स्वीकार कर लिया।
समोआ से भेज दी थी वापस : आईडब्लूएफ ने बीते वर्ष जुलाई में कहा था स्वाति के सैंपल में नारकोटिक्स और स्पेसिफाइड सब्सटेंस मारफीन पाया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह डोपिंग की आरोपी हैं या नहीं। उन्हें बीते वर्ष कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के लिए समोआ ले जाया गया। वहां आईडब्लूएफ ने उन्हें खेलने नहीं दिया और वापस भारत भेज दिया।
भारत आने के बाद आईडब्लूएफ ने कहा कि स्वाति पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि स्वाति ने खुद अस्थाई प्रतिबंध स्वीकार कर लिया। स्वाति का बीते वर्ष अप्रैल में चीन में हुई ओलंपिक क्वालिफाइंग चैंपियनशिप में सैंपल लिया गया था।
अब तक लटका है संजीता का मामला
स्वाति के मामले से तो आईडब्लूएफ ने छुटकारा पा लिया, लेकिन संजीता चानू के मामले पर उसने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जिसके चलते उनका अर्जुन अवॉर्ड लटका है।