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एशियन गेम्स से पहले सख्त हुआ भारतीय ओलंपिक संघ, खिलाड़ियों के लिए जारी किया यह कड़ा निर्देश
स्पोर्ट न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 02 Aug 2018 03:56 PM IST
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आईओए
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भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने देश के एशियाई खेलों में भाग लेने वाले दल से खिलाड़ियों के खेल गांव में ओलंपिक संस्था की 'नीडल मुक्त नीति' का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासंघों को दी गयी है कि ताकि देश को फिर शर्मसार नहीं होना पड़े।
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राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारियों को पत्र लिखकर यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे निश्चित करें कि विशेष बीमारी के लिये दी गयी दवाईयों में प्रतिबंधित पदार्थ मौजूद नहीं हों। उन्हें लाइसेंसधारी डाक्टरों से लिखी दवाईयां ले जाने को कहा गया है जिसकी खिलाड़ियों और अधिकारियों को जरूरत पड़ सकती है।
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यह कदम उस घटना को देखते हुए उठाया गया है जब राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान देश को शर्मनाक घटना से रूबरू होना पड़ा था जिसमें दो भारतीय एथलीट -पैदल चालधारी केटी इरफान और त्रिकूद एथलीट वी राकेश बाबू- को इसी नियम के उल्लंघन के कारण स्वदेश भेजना पड़ा था क्योंकि वे अपने कमरों में नीडल की मौजूदगी का ब्यौरा देने में असफल रहे थे।
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आईओए महासचिव राजीव मेहता ने पत्र में लिखा, 'दवाईयों को सीलबंद पारदर्शी कवर में ले जाना चाहिए। लाइसेंसधारी डाक्टर की पर्ची होनी चाहिए जिसमें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि किस बीमारी में यह दवाई और कितनी मात्रा में ली जानी चाहिए।'
athlete
उन्होंने कहा, 'अगर किसी अधिकारी को खेल गांव में रहते हुए इंसुलिन लेना है या नस के अंदर लिया जाने वाला इंजेक्शन लेना है तो उन्हें इन दवाईयों और नीडल को खेल गांव में स्थित आईओए के कार्यालय-पालीक्लिनिक में रखना होगा।' आईओए का पत्र ओसीए के चिकित्सीय और डोपिंग रोधी दिशानिर्देशों के हिसाब से है और एशियाई खेलों में 'नीडल मुक्त नीति' अपनायी जायेगी। ओसीए की इस नीडल मुक्त नीति के अंतर्गत कोई भी एथलीट चिकित्सीय उपचार के लिये इंजेक्शन से दवाई नहीं ले सकता।
साथ ही अगर खिलाड़ियों केा कुछ कारणों से ऐसी इंजेक्शन वाली दवाईयों का इस्तेमाल करना है तो उन्हें 'इंजेक्शन लेने की घोषणा करने का फार्म' भरना हेागा और इसे अगले दिन दोपहर तक ओसीए की चिकित्सीय समिति और डोपिंग रोधी आयोग के अध्यक्ष को प्रस्तुत करना होगा। अगर इन कड़े नियमों का उल्लघंन होता है तो ओसीए कार्यकारी बोर्ड द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई, अतिरिक्त परीक्षण किये जायेंगे और इसमें संभावित सजा भी हो सकती है।
राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान सिर्फ दो खिलाड़ियों को स्वदेश नहीं भेजा गया, बल्कि एक मुक्केबाज के कमरे के बाहर एक नीडल भी पायी गयी थी जिस पर सीजीएफ ने भारत को डांट लगाकर छोड़ दिया था कि सीरिंज को निश्चित तरीके से कूड़े में नहीं डाला गया था।
साथ ही अगर खिलाड़ियों केा कुछ कारणों से ऐसी इंजेक्शन वाली दवाईयों का इस्तेमाल करना है तो उन्हें 'इंजेक्शन लेने की घोषणा करने का फार्म' भरना हेागा और इसे अगले दिन दोपहर तक ओसीए की चिकित्सीय समिति और डोपिंग रोधी आयोग के अध्यक्ष को प्रस्तुत करना होगा। अगर इन कड़े नियमों का उल्लघंन होता है तो ओसीए कार्यकारी बोर्ड द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई, अतिरिक्त परीक्षण किये जायेंगे और इसमें संभावित सजा भी हो सकती है।
राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान सिर्फ दो खिलाड़ियों को स्वदेश नहीं भेजा गया, बल्कि एक मुक्केबाज के कमरे के बाहर एक नीडल भी पायी गयी थी जिस पर सीजीएफ ने भारत को डांट लगाकर छोड़ दिया था कि सीरिंज को निश्चित तरीके से कूड़े में नहीं डाला गया था।