{"_id":"662d206c32fb766a610a9e13","slug":"indian-grandmaster-humpy-harika-and-vaishali-to-lead-india-s-challenge-in-fide-women-s-gp-2024-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"FIDE Women's GP: हम्पी, हरिका, वैशाली करेंगी भारतीय चुनौती की अगुआई, मौजूदा चैंपियन वेनजुन नहीं लेंगी हिस्सा","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
FIDE Women's GP: हम्पी, हरिका, वैशाली करेंगी भारतीय चुनौती की अगुआई, मौजूदा चैंपियन वेनजुन नहीं लेंगी हिस्सा
Sat, 27 Apr 2024 09:28 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 27 Apr 2024 09:28 PM IST
सार
इस आयोजन में भाग लेने वालों में क्लासिकल टाइम प्रारूप की तीन महिला विश्व चैंपियन तान झांग्ये, एलेक्सजेंड्रा कोस्टेनीयुक और मारिया मुजिकचुक के साथ पूर्व रैपिड विश्व चैंपियन हम्पी, कैटरीना लैग्रो और अन्ना मुजिकुक शामिल हैं।
विज्ञापन
कोनेरू हम्पी और वैशाली
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय महिला ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी, हरिका द्रोणावल्ली और आर वैशाली की तिकड़ी 2024-25 फिडे महिला ग्रांप्रि सीरीज में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी। इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी 14 खिलाड़ियों ने क्वालीफाइंग शर्तों को पूरा करने के बाद महिला ग्रांप्रि में अपने स्थान अर्जित किए हैं। शेष छह खिलाड़ियों को प्रत्येक छह टूर्नामेंट के आयोजकों द्वारा नामांकित किया जाएगा।
इस आयोजन में भाग लेने वालों में क्लासिकल टाइम प्रारूप की तीन महिला विश्व चैंपियन तान झांग्ये, एलेक्सजेंड्रा कोस्टेनीयुक और मारिया मुजिकचुक के साथ पूर्व रैपिड विश्व चैंपियन हम्पी, कैटरीना लैग्रो और अन्ना मुजिकुक शामिल हैं। हालांकि मौजूदा चैंपियन जू वेनजुन ग्रांप्रि सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगी। उनकी जगह महिला विश्व रैपिड और महिला ब्लिट्ज चैंपियनशिप 2018 की उपविजेता सरसादत खदेमलशरीज को शामिल किया गया है।
महिला ग्रांप्रि नियमों में हुआ था बदलाव
पिछले साल अक्टूबर में फिडे ने महिला ग्रांप्रि नियमों में बदलाव किया था। पिछली सीरीज की तुलना में आगामी सीरीज में कई सुधार किए गए हैं। टूर्नामेंट की संख्या चार से बढ़कर छह हो गई है और प्रतिभागियों की संख्या 16 से बढ़कर 20 हो गई है। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार राशि में भी इजाफा किया गया है। फिडे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमिल सुतोव्स्की ने प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी और महिला शतरंज के लिए ग्रांप्रि के महत्व पर जोर दिया।
विज्ञापन
सुतोव्स्की ने कहा, फिडे के लिए मुख्य ध्यान वाले क्षेत्रों में से एक महिला शतरंज है। हम चाहते हैं कि अधिक महिलाएं खेलें। इसके साथ ही अधिक और बेहतर स्पर्धाएं हो। हमारी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसकी हकदार हैं और यह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम करेगा।
भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
हाल ही में भारतीय पुरुष ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में इतिहास रचा था जिसके बाद महिला ग्रैंडमास्टर खिलाड़ियों से भी ग्रांप्रि में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन
इस आयोजन में भाग लेने वालों में क्लासिकल टाइम प्रारूप की तीन महिला विश्व चैंपियन तान झांग्ये, एलेक्सजेंड्रा कोस्टेनीयुक और मारिया मुजिकचुक के साथ पूर्व रैपिड विश्व चैंपियन हम्पी, कैटरीना लैग्रो और अन्ना मुजिकुक शामिल हैं। हालांकि मौजूदा चैंपियन जू वेनजुन ग्रांप्रि सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगी। उनकी जगह महिला विश्व रैपिड और महिला ब्लिट्ज चैंपियनशिप 2018 की उपविजेता सरसादत खदेमलशरीज को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
महिला ग्रांप्रि नियमों में हुआ था बदलाव
पिछले साल अक्टूबर में फिडे ने महिला ग्रांप्रि नियमों में बदलाव किया था। पिछली सीरीज की तुलना में आगामी सीरीज में कई सुधार किए गए हैं। टूर्नामेंट की संख्या चार से बढ़कर छह हो गई है और प्रतिभागियों की संख्या 16 से बढ़कर 20 हो गई है। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार राशि में भी इजाफा किया गया है। फिडे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमिल सुतोव्स्की ने प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी और महिला शतरंज के लिए ग्रांप्रि के महत्व पर जोर दिया।
विज्ञापन
सुतोव्स्की ने कहा, फिडे के लिए मुख्य ध्यान वाले क्षेत्रों में से एक महिला शतरंज है। हम चाहते हैं कि अधिक महिलाएं खेलें। इसके साथ ही अधिक और बेहतर स्पर्धाएं हो। हमारी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसकी हकदार हैं और यह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम करेगा।
भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
हाल ही में भारतीय पुरुष ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में इतिहास रचा था जिसके बाद महिला ग्रैंडमास्टर खिलाड़ियों से भी ग्रांप्रि में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद बढ़ गई है।