टोक्यो ओलंपिक से पहले भारत को झटका: पटियाला के होस्टल में मृत पाए गए एथलेटिक्स कोच
- भारत के एथलेटिक कोच निकोलाई नेजारेव का निधन
- टोक्यो ओलंपिक से पहले भारत को झटका
- भारत के एथलेटिक्स कोच निकोलाई नेजारेव पटियाला के होस्टल में मृत पाए गए
विस्तार
भारत के एथलेटिक कोच निकोलाई नेजारेव शुक्रवार को पटियाला स्थित अपने होस्टल के कमरे में मृत पाए गए। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने देर शाम ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। टोक्यो ओलंपिक से पहले 72 वर्षीय निकोलाई नेजारेव का जाना निश्चित रूप से भारत के लिए एक बड़ी क्षति है। बता दें कि नेजारेव को करीब एक महीने पहले ही कोच बनाया गया था। बेलारूस के 72 वर्षीय नेजारेव के मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल में भेजा गया है। वह दो साल के अंतराल के बाद सितंबर के अंत तक इस पद के लिए भारत लौटे थे।
AFI is deeply shocked to learn about the sudden demise of recently appointed middle-long distance coach Dr. Nikolai Snesarev in Patiala- Adille J Sumariwalla, AFI President. Detailed statement shortly.
— Athletics Federation of India (@afiindia) March 5, 2021विज्ञापन
एएफआई के अध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'वह आज हुई इंडियन ग्रां प्री 3 के लिए (बंगलूरू से) एनआईएस आए थे। लेकिन तब वह प्रतियोगिता के लिए नहीं पहुंचे तो शाम को कोचों ने उनके बारे में पूछा और फिर उनका कमरा अंदर से बंद पाया गया।'
उन्होंने कहा, 'जब दरवाजा तोड़ा गया तो वह अपने बिस्तर पर पड़े थे। एनआईएस में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया और साइ की टीम ने उनका मृत शरीर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया।' सुमरिवाला ने कहा, 'हम उनकी मृत्यु का कारण नहीं जानते हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही इसका पता चल पाएंगा।'
नेजारेव 3000 मीटर स्टीपलचेज एथलीट अविनाश साबले (ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके) और अन्य मध्य एवं लंबी दूरी के धावकों को टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की मुहिम के लिए कोचिंग दे रहे थे।
साबले के उन्हें छोड़कर सेना के कोच अमरीश कुमार के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग करने का फैसला करने के बाद उन्होंने फरवरी 2019 में भारतीय एथलेटिक्स लंबी एवं मध्य दूरी कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका अनुबंध तब ओलंपिक के अंत तक था, जिसे कोविड-19 महामारी के कारण एक साल के लिये स्थगित कर दिया गया था।