‘ट्रैक क्वीन’ हिमा और तेजिंदर पर दारोमदार, विश्व कप का मिलेगा टिकट
- 29 : पदक जीते थे पिछली बार भुवनेश्वर में आयोजित चैंपियनशिप में भारत ने
- 42 : सदस्यीय भारतीय टीम में चोटिल नीरज चोपड़ा सहित कई शीर्ष खिलाड़ी नहीं ले रहे हिस्सा
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भारत के लिए रविवार से यहां शुरू होने वाली एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पिछली बार की तरह शीर्ष पर रहने के कारनामे को दोहराना मुश्किल होगा हालांकि इसके बावजूद एथलीटों से टीम को पर्याप्त पदकों की उम्मीद है।
रविवार को पहले दिन आठ स्वर्ण पदक दांव पर लगे होंगे। भारतीय नजरिए से महिलाओं का 400 मीटर का फाइनल महत्वपूर्ण होगा।
मिलेगा विश्व चैंपियनशिप का टिकट
हीमा दास इसमें भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी जिसमें प्रारंभिक दौर सुबह और फाइनल शाम को होगा। एशियाई चैंपियनशिप काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें स्वर्ण पदक जीतने वाले को इसी स्थल पर सितंबर-अक्तूबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप का टिकट मिलेगा।
पदक के दावेदार
भारत की तरफ से जिनसन जॉनसन (1500 मीटर), तेजिंदर पाल सिंह तूर (पुरुष गोला फेंक) और महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले टीम को स्वर्ण पदक का दावेदार माना जा रहा है।
पिछले बार का रिकॉर्ड
भुवनेश्वर में 2017 में आयोजित चैंपियनशिप में भारत ने 12 स्वर्ण, पांच रजत और 12 कांस्य पदक सहित 29 पदक जीते थे। चीन 20 पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा था। लेकिन इस बार 42 सदस्यीय भारतीय टीम से इस प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद नहीं है क्योंकि भाला फेंक के एथलीट नीरज चोपड़ा सहित कई शीर्ष खिलाड़ी चोट सहित विभिन्न कारणों से इसमें भाग नहीं ले रहे हैं।
चोटिल हुए खिलाड़ी
पटियाला में अभ्यास के दौरान नीरज की कोहनी में चोट लग गई थी और वह अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाएंगे। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक धारुण अयासामी (पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़), एम श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद) और एशियाई खेलों में 800 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता मनजीत सिंह चोटिल होने के कारण टीम में नहीं है।