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मैडम तुसाद म्यूजियम में नजर आएंगे 'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह

Wed, 27 Sep 2017 03:09 PM IST
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा Updated Wed, 27 Sep 2017 03:09 PM IST
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Flying Sikh milkha singh wax statue will unveiled in upcoming Madame Tussauds museum in Delhi
मिल्खा सिंह - फोटो : indian express

'फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर पूर्व एथलीट मिल्खा सिंह देश के मैडम तुसाद म्यूजियम में नजर आएंगे। मिल्खा सिंह की मोम की मूर्ति को एक दिसंबर से दिल्ली में खुल रहे मैडम तुसाद म्यूजियम में लगाया जाएगा।

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बता दें कि यहां उनके अलावा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ियों की मोम की मूर्ति होंगी। मैडम तुसाद संग्राहलय के प्रवक्ता ने यहां कहा, "यह पुतला यहां आने वाले लोगों को 1958 के पलों को दोबारा जीने का मौका देगा, जब मिल्खा सिंह 400 मीटर रेस में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था।" 
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पढ़ेंः- मैडम तुसाद म्यूजियम में नजर आएंगे अब मिल्खा सिंह, आज होगा अनावरण

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर 85 वर्ष के मिल्खा सिंह ने कहा, 'यह बड़ी बात हैं। शायद मैं 2 साल और जिंदा रहूं, लेकिन मेरे निधन के बाद भी यह पुतला लोगों को प्रेरित करेगा।' सिंह ने कहा, 'जब मैंने कार्डिफ में स्वर्ण पदक जीता तो क्वीन एलिजाबेथ ने मुझे पदक दिया और उस भीड़ में 50 से ज्यादा भारतीय नहीं थे। मगर अंग्रेजों ने मेरे प्रयास की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि बाद में जब मैं अपनी टीम के साथी के साथ लंदन गया तो हमने मैडम तुसाद को देखा और हमने दुनिया के महान लोगों की प्रतिमा देखी। मैंने भी यह सोचा था कि एक दिन मेरी भी प्रतिमा यहां प्रदर्शित होगी। आगे उन्होंने कहा कि मेरे पर फिल्म बनी, किताब लिखी गई और अब यह मूर्ति लगेगी। मगर मुझे लगता है कि इस मूर्ति को देखते हुए 10 साल बाद मेरा जीवन और बढ़ जाएगा।'

उर्दू के कुछ अंश हैं जो मेरे जीवन का मोटो है

Flying Sikh milkha singh wax statue will unveiled in upcoming Madame Tussauds museum in Delhi
मिल्‍खा सिंह - फोटो : amar ujala

गौरतलब है कि चंडीगढ़ में उनकी इसी मूर्ति का अनावरण हुआ। इस दौरान वह अपने पोते हरजय मिल्खा सिंह, पत्नी निर्मल कौर और बहू कुदरत के साथ उपस्थित थे। यह पहली बार था जब हरजय ने अपने दादा को एक चलने वाले पोज में देखा। मोम के बने इस पुतले में मिल्खा सिंह एक सफेद ट्रैक सूट में नजर आ रहे हैं।

मालूम हो कि पाकिस्तान एथलीट अब्दुल खालिद के खिलाफ 1960 की शटडाउन के बाद मिल्खा सिंह को तत्कालीन पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने फ्लाइंग सिख का खिताब दिया था। मिल्खा ने कहा, "यह उस समय की बात है जब साल 1960 में लाहौर में तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान द्वारा फ्लाइंग सिख का खिताब दिया गया। मैं अपने करियर में 77 दौड़ जीता और सभी जीत समर्पण और प्रशिक्षण के कारण आईं।  

उन्होंने कहा कि मैं सभी युवा खिलाड़ियों को यही बताता हूं। सिंह ने कहा कि मेरे पास उर्दू के कुछ अंश हैं जो मेरे जीवन का मोटो है:- "हाथ की लकीरों से जिंदगी नहीं बनती, अजुम हमारा भी कुछ हिस्सा है जिंदगी बनाने में"।

इस मामले में मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और प्रबंधक अंशुल जैन ने कहा कि मिल्खा सिंह का सम्मान करना मैडम तुसाद के लिए सम्मान का पल है। उनकी कड़ी मेहनत, उपलब्धियों और उनका भारतीय खेलों में योगदान सभी के लिए प्रेरणा है। मैडम तुसाद एक ऐसा आकर्षण केंद्र है जिसमें बॉलीवुड और हॉलीवुड, प्रसिद्ध खेल, इतिहास और राजनीतिक हस्तियों की मूर्ति मौजूद है।

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