{"_id":"5ef007dc8ebc3e43106ce7ec","slug":"boycott-chinese-sports-equipment-now-stopped-purchase-of-weightlifting-sets","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब चीनी खेल उपकरणों का बहिष्कार, वेटलिफ्टिंग सेटों की खरीद बंद","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
अब चीनी खेल उपकरणों का बहिष्कार, वेटलिफ्टिंग सेटों की खरीद बंद
Mon, 22 Jun 2020 06:52 AM IST
संदीप भट्ट
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Mon, 22 Jun 2020 06:52 AM IST
विज्ञापन
भारत-चीन कारोबार
- फोटो : Amar Ujala
बीसीसीआई और आईओए में चीनी कंपनियों की स्पांसरशिप के बहिष्कार का मुद्दा उठने के बाद अब देश में चीनी खेल उपकरणों के बायकाट का दौर शुरू हो गया है। इस दिशा में पहला कदम भारतीय वेटलिफ्टिंग संघ (आईडब्लएलएफ) ने उठाया है। उसने टोक्यो ओलंपिक में प्रयोग होने वाले चीनी कंपनी जेडकेसी के वेटलिफ्टिंग सेटों की आगे से खरीद नहीं करने का फैसला लिया है। टोक्यो ओलंपिक में पदक की दावेदार मीराबाई चानू समेत यूथ ओलंपिक चैंपियन जेरमी लालरिनुनगा और कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन सतीश शिवालिंगम इसी कंपनी के वेटलिफ्टिंग सेट से एनआईएस पटियाला में तैयारियां कर रहे हैं, लेकिन अब फेडरेशन इन्हें स्वीडन की कंपनी के सेट उपलब्ध कराएगी।
विज्ञापन
मीराबाई की ट्रेनिंग के लिए मंगवाए थे चीनी सेट
यही नहीं फेडरेशन ने साई को नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (एनसीईओ) के लिए चीनी कंपनी के वेटलिफ्टिंग सेट नहीं खरीदने को कहा है। दूसरी विदेशी कंपनियों के मुकाबले ये सेट बेहद सस्ते हैं। फिर भी फेडरेशन चाहती है कि देश के लिए और चीन के प्रति विरोध जताने के लिए इस कंपनी के सेट नहीं खरीद कर दूसरे देश की कंपनी को वरीयता दी जाए।
विज्ञापन
जेडकेसी के वेटलिफंर्टग सेटों के बायकाट का फैसला छोटा नहीं है। इसका कारण इन सेटों का टोक्यो ओलंपिक में इस्तेमाल किया जाना है। मीराबाई चानू की ओलंपिक की तैयारियों के लिए ही फेडरेशन ने इन सेटों को एनआईएस पटियाला में मंगवाया था।
विज्ञापन
स्वीकार नहीं चीनी खेल सामान
फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल सहदेव यादव चीनी कंपनी के खेल उपकरणों के प्रयोग पर बेहद सख्त हैं। वह यहां तक कहते हैं कि अगर कोई खिलाड़ी चीनी कंपनी के खेल उपकरणों का प्रयोग नहीं छोड़ सकता है तो उसे खेल छोड़ देने चाहिए। सहदेव का कहना है कि जिस चीनी कंपनी के सेट ओलंपिक में प्रयोग होने जा रहे हैं। वे सस्ते जरूर हैं, लेकिन उनकी क्वालिटी उतनी बढिय़ा नहीं है। जिन सेटों को मंगवाया गया। उनमें से ज्यादातर टूट भी गए हैं। उन्हें इस बात की हैरानी है कि अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग संघ ने पहली बार चीनी कंपनी के वेटलिफ्टिंग सेटों को ओलंपिक में प्रयोग करने की अनुमति कैसे प्रदान कर दी। फिल्हाल उनकी फेडरेशन इन सेटों का बायकाट कर इन्हें नहीं खरीदेगी।