जुर्माना वापस नहीं लिया तो स्विट्जरलैंड स्थित कोर्ट जाएगी बीएफआई
- आईबा ने आधे दामों में सर्बिया को सौंपी विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी
- 30 करोड़ रुपये में 2017 में बीएफआई को दी थी चैंपियनशिप की मेजबानी तो सर्बिया को 15 करोड़ में दे दी
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बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आईबा) की ओर से विश्व चैंपियनशिप छीने जाने और पौने चार करोड़ रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाने को गंभीरता से लिया है। बीएफआई ने मन बना लिया है कि अगर आईबा ने उस पर लगाए गए पांच लाख अमेरिकी डॉलर के जुर्माने को वापस नहीं लिया तो उसके पास लुसाने (स्विट्जरलैंड) स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (कैस) में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
उसके पास अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) का दरवाजा खटखटाने का भी विकल्प है। बीएफआई को हैरानी इस बात की है कि 2017 में 2021 पुरुष विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी उसने 40 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 30 करोड़ रुपये) की बोली में हासिल की थी। लेकिन आईबा ने उससे मेजबानी छीनने के बाद इस चैंपियनशिप के लिए निकाली गई नई बोली इसके आधे दामों यानि कि 20 लाख डॉलर (करीब 15 करोड़ रुपये) में निकाली जो कि पूरी तरह गलत है।
- दोबारा बोली निकालने के बाद भी मांगा
बीएफआई ने कहा कि एक दिसंबर 2019 को विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की पहली किस्त (15 करोड़ रुपये) नहीं भरने पर आईबा ने जब नई बोली आमंत्रित की तो इसकी सूचना उन्हें नहीं दी। यही नहीं नई बोली निकाले जाने से पहले बीएफआई को किस्त भरने के लिए कोई आधिकारिक इनवायस भी नहीं भेजी।
फेडरेशन का मानना है कि पहली बार जब चैंपियनशिप की मेजबानी 40 लाख डॉलर में निकाली जा चुकी है तो उसे वापस 20 लाख डॉलर में कैसे निकाला जा सकता है। फिर कम दामों में दोबारा निकाली गई बोली में भी जब कोई देश मेजबानी के लिए आगे नहीं आया तो आईबा ने फरवरी में मेजबानी के लिए पहली किस्त 20 लाख डॉलर की इनवायस भेज दी। इस पर फेडरेशन ने आईबा से पूछा कि उन्होंने दोबारा बोली 20 लाख डॉलर में निकाली है तो फिर उनसे पहली बोली के अनुसार राशि क्यों मांगी जा रही है।
इसका आईबा ने फेडरेशन को जवाब नहीं दिया। थोड़े दिनों में आईबा ने दोबारा बोली यानि कि 20 लाख डॉलर के अनुसार बेलग्रेड (सर्बिया) को मेजबानी सौंप दी। उसके बाद फेडरेशन से पौने चार करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांग लिया।