असम: ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली लवलीना को DSP बनने का ऑफर, मुक्केबाज के नाम पर सड़क भी बनवाएंगे मुख्यमंत्री
वतन वापसी के बाद सम्मान समारोह में लवलीना ने कहा था, 'मैं घर वापस आकर बहुत खुश हूं। मुझे पता था कि भारत में लोग बहुत खुश होंगे लेकिन यहां वापस आने के बाद पहली बार इतना प्यार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं इस तरह के और पदकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।'
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा सरमा ने टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीन बोरगोहेन को डीएसपी (DSP) बनने का ऑफर दिया है। सीएम ने इसके साथ ही कहा है कि वो मुक्केबाज के नाम पर सड़क भी बनवाएंगे। इतना ही नहीं, लवलीना के नाम पर उनके होम टाउन में एक स्टेडियम भी बनाया जाएगा। वहीं, सीएम ने कहा कि लवलीना के कोच को 10 लाख रुपये दिया जाएगा।
Assam CM Himanta Biswa Sarma offers the post of DSP to #Tokyo2020 bronze medalist boxer Lovlina Borgohain. A road in Guwahati will be named after the boxer. A stadium will be constructed in her name in her home town Golaghat. Her coach will be given Rs 10 Lakhs.
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(File pic) pic.twitter.com/oMUouOYA6I — ANI (@ANI) August 12, 2021
सेमीफाइनल में मिली थी हार
22 वर्षीय महिला मुक्केबाज लवलीना को सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में पहली बार ओलंपिक खेल रही लवलीना ने पूरा जोर लगाया लेकिन बुसेनाज के खिलाफ ज्यादा कुछ नहीं कर पाईं। भारतीय मुक्केबाज को 0-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
असम की पहली एथलीट
लवलीना भले ही फाइनल में पहुंचने से चूक गईं, बावजूद इसके वह इतिहास रचने में सफल रहीं। वह अब ओलंपिक इतिहास में पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनीं। यही नहीं वह 125 साल के ओलंपिक इतिहास में असम की पहली एथलीट हैं, जिन्होंने पदक जीता है।
स्वदेश लौटने के बाद लवलीना ने क्या कहा
वतन वापसी के बाद सम्मान समारोह में लवलीना ने कहा था, 'मैं घर वापस आकर बहुत खुश हूं। मुझे पता था कि भारत में लोग बहुत खुश होंगे लेकिन यहां वापस आने के बाद पहली बार इतना प्यार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं इस तरह के और पदकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।'