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किसान पिता के जुनूनी बेटे की कहानी, 22 की उम्र में सेना के इस बॉक्सर ने दिग्गज को याद दिलाई नानी

Sat, 01 Sep 2018 01:57 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 01 Sep 2018 01:57 PM IST
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Asian Games 2018: Amit Panghal wins stunning boxing gold after beating reigning Olympic champio

इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में खेले जा रहे एशियन गेम्स में अमित पंघाल ने इतिहास रच दिया। महज 22 साल की उम्र में इस जांबाज बेटे ने 18वें एशियाड में बॉक्सिंग का एकमात्र गोल्ड अपने नाम किया। आइए आगे जानते हैं कौन हैं अमित पंघाल और क्या है इनकी संघर्ष की कहानी...

Asian Games 2018: Amit Panghal wins stunning boxing gold after beating reigning Olympic champio

मुक्केबाजी जहां एशियन खेलों में भारत का मजबूत पक्ष माना जाता है, जहां से देश का हर मुक्केबाज सोना जीतने की ताकत रखता है, ऐसे खेल में हमारा एक भी पहलवान फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था, ऐसे में हरियाणा के रोहतक के इस लाल ने न सिर्फ खिताबी मुकाबले में जगह बनाई बल्कि हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा भी कर दिया।

Asian Games 2018: Amit Panghal wins stunning boxing gold after beating reigning Olympic champio

49 किलोग्राम भारवर्ग के मुक्केबाजी फाइनल में अमित का सामना रियो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट उजबेकिस्तान के हसनबॉय दुश्मातोव के साथ था। मुकाबला मुश्किल होना था, लेकिन पहले मिनट से ही अमित ने उजबेक मुक्केबाज पर वो हमले किए कि दिन में ही विपक्षी को तारे नजर आने लगे होंगे।

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Asian Games 2018: Amit Panghal wins stunning boxing gold after beating reigning Olympic champio
सेकेंड राउंड खत्म होते-होते अमित इतने हावी हो गए कि इंडोनेशिया समेत हरियाणा के रोहतक जिले के उनके गांव मायना में भी सभी को यकीन हो गया था कि अमित इतिहास रच चुका है। आखिरकार मैच का फैसला अमित के पक्ष में गया, यह भारत के लिए 14वां गोल्ड था। इस तरह भारत की झोली में 23 सिल्वर, 29 ब्रॉन्ज मेडल के साथ अब कुल 66 मेडल आ चुके हैं।
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Asian Games 2018: Amit Panghal wins stunning boxing gold after beating reigning Olympic champio
अमित का जन्म 16 अक्टूबर 1995 को हुआ। मार्च 2018 से वह भारतीय सेना में जेसीओ के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इसी साल हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर नाम रोशन किया था। वहीं अब गोल्ड मेडल जीतकर मां-बाप का और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। इसके साथ ही अब ओलंपिक 2020 में एक मेडल की आस जग गई है।
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