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Asia Cup Hockey 2022: भारत ने तीसरे स्थान के मैच में जापान को 1-0 से हराया, 23 साल बाद मिला कांस्य पदक
Wed, 01 Jun 2022 05:34 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: रोहित राज
Updated Wed, 01 Jun 2022 05:34 PM IST
सार
भारतीय टीम ने मैच के शुरुआती पांच मिनट में जोरदार हमले किए, लेकिन जापान की टीम ने गोल नहीं दिया। सातवें मिनट में आखिरकार टीम इंडिया को सफलता मिली। राजकुमार पाल ने फील्ड गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
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भारत बनाम जापान
- फोटो : Hockey India/Twitter
विस्तार
युवा भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने बुधवार (एक जून) को जकार्ता में एशिया कप में जापान को 1-0 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। मंगलवार को दक्षिण कोरिया के साथ रोमांचक 4-4 से ड्रॉ के बाद टीम इंडिया फाइनल में नहीं पहुंच सकी थी। तीसरे स्थान के लिए मैच में जापान के खिलाफ सातवें मिनट में राजकुमार पाल ने फील्ड गोल किया। इस इकलौते गोल से टीम इंडिया ने मैच में जीत हासिल की।
भारतीय टीम ने मैच के शुरुआती पांच मिनट में जोरदार हमले किए, लेकिन जापान की टीम ने गोल नहीं दिया। सातवें मिनट में आखिरकार टीम इंडिया को सफलता मिली। राजकुमार पाल ने फील्ड गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। भारत ने इस बढ़त को मैच के अंत तक कायम रखा। उसने जापान के आक्रामक को कई बार रोका। शानदार डिफेंस के कारण टीम इंडिया को जीत मिली।
भारत को दूसरी बार इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक मिला है। इससे पहले उसने 1999 में मलेशिया को 4-2 से हराकर इस पदक को जीता था। टीम इंडिया सिर्फ 2009 में कोई पदक नहीं जीत पाई थी। 1982, 1985, 1989 और 1994 में रजत पदक मिला था। वहीं, 1999 में कांस्य से संतोष करना पड़ा था। 2003 में पहली बार भारत को स्वर्ण मिला था। उसके बाद 2007 में भी टीम ने इस प्रदर्शन को दोहराया। 2013 में रजत और 2017 में स्वर्ण मिला था। कुल मिलाकर भारत ने अब तक तीन स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य अपने नाम किए हैं।
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भारतीय टीम ने मैच के शुरुआती पांच मिनट में जोरदार हमले किए, लेकिन जापान की टीम ने गोल नहीं दिया। सातवें मिनट में आखिरकार टीम इंडिया को सफलता मिली। राजकुमार पाल ने फील्ड गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। भारत ने इस बढ़त को मैच के अंत तक कायम रखा। उसने जापान के आक्रामक को कई बार रोका। शानदार डिफेंस के कारण टीम इंडिया को जीत मिली।
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भारत को दूसरी बार इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक मिला है। इससे पहले उसने 1999 में मलेशिया को 4-2 से हराकर इस पदक को जीता था। टीम इंडिया सिर्फ 2009 में कोई पदक नहीं जीत पाई थी। 1982, 1985, 1989 और 1994 में रजत पदक मिला था। वहीं, 1999 में कांस्य से संतोष करना पड़ा था। 2003 में पहली बार भारत को स्वर्ण मिला था। उसके बाद 2007 में भी टीम ने इस प्रदर्शन को दोहराया। 2013 में रजत और 2017 में स्वर्ण मिला था। कुल मिलाकर भारत ने अब तक तीन स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य अपने नाम किए हैं।
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