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...जब दिसंबर की सर्दी में अभिनव बिंद्रा ने लगाए 100 पुश-अप
Mon, 12 Aug 2019 07:22 AM IST
Mukesh Jha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mukesh Jha
Updated Mon, 12 Aug 2019 07:22 AM IST
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अभिनव बिंद्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के शानदार करियर का सर्वश्रेष्ठ पल कोई पदक जीतना नहीं बल्कि दिसंबर के ठंडे मौसम में पुश-अप का शतक पूरा करना है। किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक पदक जीतना उसके खेल करियर का सबसे गौरवशाली क्षण होता है लेकिन बिंद्रा ने कहा कि खेलों में उनका सर्वश्रेष्ठ पल तब आया, जब कोई उन्हें देख नहीं रहा
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17वीं अंतरराष्ट्रीय ब्रिज चैंपियनशिप में यहां पहुंचे बिंद्रा ने कहा, 'खेलों में मेरा सर्वश्रेष्ठ पल वह था जिसे किसी ने नहीं देखा। यह प्रशिक्षण के दौरान एक दिन हुआ, यह 31 दिसंबर की बात है जब मैं खेलों में सक्रिय था।' बीजिंग ओलंपिक में 11 साल पहले पदक जीतने वाले इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा, 'यह मेरा शारीरिक प्रशिक्षण सत्र था और वहां काफी ठंड थी। मुझे 100 पुश-अप करने थे। मेरे प्रशिक्षक ने गिनती में गलती की और मेरे 95 पुश-अप के बाद ही कहा कि मैंने इसे पूरा कर लिया। मैंने उन्हें कहा, नहीं अभी पांच बाकी हैं। इसलिए मुझे लगता है कि लक्ष्य के साथ ईमानदारी बरतने से नतीजे निकलते हैं।'
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ब्रिज टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से बिंद्रा ने कहा, 'आप जीतें या हारें, आपमें हमेशा आत्म सम्मान होना चाहिए और यही सबसे बड़ी बात है। मैं आश्वस्त हूं कि आप सबके दिमाग में ये बात होगी।' 36 साल के पूर्व निशानेबाज ने इस मौके पर हल्के फुल्के अंदाज में कहा, 'इस चैंपिय
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