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Paris Olympics: पहलवान बजरंग पूनिया और रवि दहिया विदेशी कोच से नाराज, 2024 ओलंपिक को लेकर कही ये बड़ी बात
Fri, 07 Jan 2022 06:40 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 07 Jan 2022 06:40 PM IST
सार
बजरंग इससे पहले जॉर्जिया के कोच शाको बेंटिनाइडिस के साथ काम कर रहे थे। वहीं, रवि रूसी कोच कमाल मालिकोव के साथ ट्रनिंग कर रहे थे। दोनों अपने-अपने पर्सनल कोच के साथ टोक्यों ओलंपिक में पहुंचे थे।
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रवि दहिया और बजरंग पूनिया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट बजरंग पूनिया और सिल्वर मेडलिस्ट रवि दहिया 2024 पेरिस ओलंपिक तक भारतीय कोच के साथ ही काम करना चाहते हैं। दोनों ने भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) से अपनी-अपनी इच्छा जाहिर कर दी है कि उन्हें अगले ओलंपिक के लिए पर्सनल विदेशी कोच के साथ नहीं काम करना है, बल्कि टीम इंडिया में शामिल कोच के साथ ही ट्रेनिंग करने को तैयार हैं।
विदेशी कोच के साथ काम कर रहे थे बजरंग-रवि
बजरंग इससे पहले जॉर्जिया के कोच शाको बेंटिनाइडिस के साथ काम कर रहे थे। वहीं, रवि रूसी कोच कमाल मालिकोव के साथ ट्रनिंग कर रहे थे। दोनों अपने-अपने पर्सनल कोच के साथ टोक्यों ओलंपिक में पहुंचे थे। रवि ने फाइनल समेत हर मैच में शानदार खेल दिखाया, लेकिन गोल्ड से चूक गए। वहीं, बजरंग का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। कांस्य पदक के मैच में बजरंग ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था और जीत हासिल की थी।
दोनों के पर्सनल कोच का कार्यकाल समाप्त हुआ
ओलंपिक से पहले पर्सनल कोच के अलावा बजरंग और रवि का भारतीय कोच भी देखरेख कर रहे थे। ओलंपिक के बाद दोनों विदेशी कोच का कार्यकाल समाप्त हो गया था। बेंटिनाइडिस का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से बजरंग लगातार विदेशी कोच ढूंढने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
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विदेशी कोच भारत नहीं आना चाह रहे: बजरंग
बजरंग ने कहा- जिन विदेशी कोच से मैंने बात की वह मुझसे कह रहे कि इस सीजन अपना 80 फीसदी समय मुझे उनके देश में गुजारना होगा। मुझे विदेशी माहौल नहीं जंचता। मैं आधा समय विदेशी में गुजार सकता हूं, लेकिन कोई भी बाद में भारत आने को तैयार नहीं है। इसलिए मैंने भारतीय कोच के साथ काम करने का फैसला लिया है। हालांकि, बजरंग ने ये नहीं बताया कि विदेशी कोच भारत आने से क्यों मना कर रहे हैं।
रवि को उनके दोस्त ट्रेनिंग में मदद कर रहे
यह पूछे जाने पर कि वह किस कोच के साथ ट्रेन करना चाहते हैं? बजरंग ने जवाब में कहा कि उन्होंने अभी नाम फाइनल नहीं किया है। हालांकि, 27 साल के बजरंग इंडियन रेलवे में भर्ती हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वह रेलवे से ही किसी पहलवान को अपना कोच बनाएंगे। वहीं, रवि दहिया ने हाल ही में ट्रेनिंग सेंटर में प्रैक्टिस शुरू की है। वहां उनके दोस्त अरुण कुमार उनकी सहायता कर रहे हैं।
महाबली सतपाल भी रख रहे पूरा ध्यान
महाबली सतपाल भी रवि पर पूरा ध्यान दे रहे हैं और उनके ट्रेनिंग शेड्यूल का भी ध्यान दे रहे हैं। डब्ल्यूएफआई के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमड़ ने कहा कि रवि एक ट्रेनिंग पार्टनर की तलाश में हैं। गोंडा में रैंकिंग सीरीज इवेंट के बाद हम जरूर उन्हें इस तलाश में मदद करेंगे। इसके अलावा पहलवान दीपक पूनिया भी भारतीय कोच के साथ काम कर सकते हैं।
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विदेशी कोच के साथ काम कर रहे थे बजरंग-रवि
बजरंग इससे पहले जॉर्जिया के कोच शाको बेंटिनाइडिस के साथ काम कर रहे थे। वहीं, रवि रूसी कोच कमाल मालिकोव के साथ ट्रनिंग कर रहे थे। दोनों अपने-अपने पर्सनल कोच के साथ टोक्यों ओलंपिक में पहुंचे थे। रवि ने फाइनल समेत हर मैच में शानदार खेल दिखाया, लेकिन गोल्ड से चूक गए। वहीं, बजरंग का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। कांस्य पदक के मैच में बजरंग ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था और जीत हासिल की थी।
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दोनों के पर्सनल कोच का कार्यकाल समाप्त हुआ
ओलंपिक से पहले पर्सनल कोच के अलावा बजरंग और रवि का भारतीय कोच भी देखरेख कर रहे थे। ओलंपिक के बाद दोनों विदेशी कोच का कार्यकाल समाप्त हो गया था। बेंटिनाइडिस का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से बजरंग लगातार विदेशी कोच ढूंढने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
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विदेशी कोच भारत नहीं आना चाह रहे: बजरंग
बजरंग ने कहा- जिन विदेशी कोच से मैंने बात की वह मुझसे कह रहे कि इस सीजन अपना 80 फीसदी समय मुझे उनके देश में गुजारना होगा। मुझे विदेशी माहौल नहीं जंचता। मैं आधा समय विदेशी में गुजार सकता हूं, लेकिन कोई भी बाद में भारत आने को तैयार नहीं है। इसलिए मैंने भारतीय कोच के साथ काम करने का फैसला लिया है। हालांकि, बजरंग ने ये नहीं बताया कि विदेशी कोच भारत आने से क्यों मना कर रहे हैं।
रवि को उनके दोस्त ट्रेनिंग में मदद कर रहे
यह पूछे जाने पर कि वह किस कोच के साथ ट्रेन करना चाहते हैं? बजरंग ने जवाब में कहा कि उन्होंने अभी नाम फाइनल नहीं किया है। हालांकि, 27 साल के बजरंग इंडियन रेलवे में भर्ती हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वह रेलवे से ही किसी पहलवान को अपना कोच बनाएंगे। वहीं, रवि दहिया ने हाल ही में ट्रेनिंग सेंटर में प्रैक्टिस शुरू की है। वहां उनके दोस्त अरुण कुमार उनकी सहायता कर रहे हैं।
महाबली सतपाल भी रख रहे पूरा ध्यान
महाबली सतपाल भी रवि पर पूरा ध्यान दे रहे हैं और उनके ट्रेनिंग शेड्यूल का भी ध्यान दे रहे हैं। डब्ल्यूएफआई के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमड़ ने कहा कि रवि एक ट्रेनिंग पार्टनर की तलाश में हैं। गोंडा में रैंकिंग सीरीज इवेंट के बाद हम जरूर उन्हें इस तलाश में मदद करेंगे। इसके अलावा पहलवान दीपक पूनिया भी भारतीय कोच के साथ काम कर सकते हैं।