'यहां तो हर तरफ फैली है सुकून देने वाली हरियाली'
एम्सटर्डम में एमिरेट्स एयरलाइंस के विमान के बुधवार को द हेग हवाईपट्टी को चूमने से पहले खिड़की से दूर-दूर तक हरियाली आंखों और मन को काफी सुकून दिया। इससे हमारे नई दिल्ली से एम्सटर्डम के करीब 10 घंटे का थकान काफी हद तक दूर हो गई।
स्थानीय समय के मुताबिक हम यहां दोपहर बाद करीब तीन बजे और भारतीय समयानुसार शाम करीब साढ़े 6 बजे
यहां एम्सर्टडम हवाई अड्डे पर उतरे थे।
एम्सर्टडम हवाईअड्डे से हेग तक का मेट्रो से 50 किलोमीटर का सफर करीब 40 मिनट का है। इस रास्ते में कई छोटे-छोटे करीब आधा दर्जन स्टेशन पड़ते हैं। हल्की हल्की बारिश और मीलों फैली हरियाली की चादर आपको भारतीय होने के नाते यह अहसास देती है मानों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गंगा के खुशहाल इलाके या फिर पंजाब के खेतों से गुजर रहे हैं।
बड़े हरे-भरे मैदानों में मौसम की सभी सब्जियों से लदे खेत हैं। उन खेतों से फल और सब्जी को उतारते खुशहाल किसान यूरोप के इस छोटे मुल्क की सम्पन्नता का अहसा कराते हैं।
फिटनेस का राज है साइकिल यात्रा
हॉकी और खासतौर पर दुनिया के टाइज क्रूज और फ्लोरिस बोवलेंडर जैसे ड्रैग फ्लिकरों के लिए ख्यात हॉलैंड के
खिलाडिय़ों की कामयाबी का राज उनकी बेहतरीन फिटनेस में छिपा है। यहां लोग अपने वाहनों का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं।
बच्चे ही नहीं जवान और बुजुर्ग साइकिल लिए अपने खेतों की पगडंडियों पर सहज ही दिखे। द हेग से करीब दो स्टेशन पहले 70 बरस के एक के बुजुर्ग मारियाहोव से अपने साइकिल को लेकर ही मेट्रो में चढ़ गए।
द हेग के स्टेशन पर उतर कर वह अपनी साइकिल पर सवार होकर अपने घर की ओर रवाना हो गए। इससे बुजुर्ग सेहतमंद रहने के साथ पर्यावरण को बरकरार रखने में अपना अहम योगदान कर रहे हैं। शारीरिक फिटनेस के लिए उनकी स्थिति यही है 'हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा'।
हम भारतीय भी नीदरलैंडस के लोगों से सबक लेकर खुद को फिट रख सकते हैं। भारत के डायरेक्टर हाई परफॉर्मेंस रोलैंट ओल्टमैन भी नीदरलैंडस के ही हैं। उनका जोर भी फिटनेस पर है। भारतीय खिलाडिय़ों ने फिटनेस दिखाई तो कोई ताज्जुब नहीं वे कई समीकरण बिगाड़ दें।
आव्रजन अधिकारी करते हैं सवाल
मेजबानों का दांव अपनी टीम पर नीदरलैंड के आव्रजन अधिकारी पासपोर्ट मांगने पर सवाल दागते हैं। किस लिए एम्सटर्डम आए हैं? मैं जवाब देता हूं, वर्ल्ड कप हॉकी करने आए हैं। उसका अगला सवाल होता है क्या भारत इस बार खिताब जीतेगा? मैं और मेरे साथ भारत से आए एक साथी खेल पत्रकार जवाब न में देते हैं। हम दोनों ही कहते हैं टॉप सिक्स में आए तो बेहतर होगा।
इस पर आव्रजन अधिकारी कहते हैं, 'हमारा नीदरलैंडस इस बार वर्ल्ड कप जीतेगा। हम उसकी बात को बीच में काटते हुए कहते हैं हॉलैंड का दावा खिताब नहीं है। इस पर वह अंग्रेजी में कहते हैं, लेटस सी, वटस हैपन (देखिए, क्या होता है)।