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..और मां ने लाडले के धनुष के लिए सौंप दी सारी जमा पूंजी

Sat, 27 Sep 2014 10:12 PM IST
Updated Sat, 27 Sep 2014 10:12 PM IST
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mother sacrifices behind abhishek success

यह कोई छोटा मुकाबला नहीं था। सामने तीरंदाजी का शहंशाह दक्षिण कोरिया था, वह भी अपने घर में। ऊपर से उम्र में सबसे बड़े सेना के संदीप कुमार की अंगुली अकड़ गई। इसी से उन्हें निशाना लगाना था, लेकिन दिल्ली के अभिषेक वर्मा और जयपुर के रजत चौहान आपस में हंसते रहे, बोलते रहे और संदीप का मनोबल बढ़ाते रहे। तभी तो जींद (हरियाणा) के संदीप कुमार ने अकड़ी अंगुली के बावजूद अंतिम निशाना 10 पर मारा और हैरान करने वाला नतीजा सामने ला दिया। गेइयांग आर्चरी फील्ड पर भारत ने कोरिया को 227-225 से हराकर कंपाउंड टीम इवेंट का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था।

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