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क्रिकेट की गिरफ्त से बाहर निकलता विज्ञापन जगत
इंटरनेट डेस्क / विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 19 Oct 2012 12:26 PM IST
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बाजार पर क्रिकेट के वर्चस्व से हम सभी वाकिफ है लेकिन अब भारतीय खेलों के लिए एक अच्छी बात यह सामने आ रही है कि बाजार के दरवाजे अन्य खेलों के लिए भी खुल रहे हैं। इस बात का अंदाजा हम हाल ही में हुई कुछ डीलों से लगा सकते है। अन्य खेलों का भारतीय बाजार में प्रवेश इस ओर युवाओं को ध्यान बढ़ाएगा जो भारतीय खेलों के लिए अच्छा है।
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विजय कुमार
लंदन ओलंपिक में भारत को रजत पदक दिलाकर लोगों को चकित करने वाले पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार ने खेल मार्केटिंग कंपनी परसेप्ट से करार किया है। परसेप्ट कंपनी सेना के इस निशानेबाज की ब्रांड छवि को बढ़ाएगी साथ ही विज्ञापन के लिए प्रबंधन का कार्य भी करेगी।
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सायना नेहवाल
भारत में महिला बैडमिंटन का पर्याय बन चुकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर लौटी सायना ने मशहूर ब्रांड रिती स्पोर्टस के साथ 40 करोड़ का एग्रीमेंट साइन किया था। सायना अब तीन साल तक रिती स्पोर्टस के हिसाब से काम करेंगी। इस करार को साइन करने के बाद सायना भारत की क्रिकेट के बाद पहली ऐसी खिलाड़ी बन गयी हैं जिन्होंने इतने ज्यादा पैसा का करार किया है।
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सुशील कुमार
इस भरतीय पहलवान ने ओलंपिक में एक ऐसा इतिहास रचा कि लोग इसके दिवाने हो गए है, यही कारण है कि सुशील को भारतीय बाजार की कंपनियां नजरअंदाज नहीं कर पा रहीं है। सुशील इन दिनों टीवी पर आने वाले कई विज्ञापनों में नजर आते है और वह अपनी सफलताओं से भारतीय खेलों के लिए एक नया आयाम लिख रहे है जिससे बाजार भी अछूता नहीं है।
इन सभी के साथ एक भारतीय और खेल प्रेमी होने के नाते इस बात खुशी भी है कि इन खिलाड़ियों पर बाजार का असर इतना नहीं हुआ है कि वह सही और गलत का अंतर भूल जाएं। यही कारण है कि सुशील कुमार ने एक शराब के विज्ञापन को मना कर दिया जिसके लिए उन्हें बहुत अच्छे पैसे मिल रहे थे। लेकिन उन्होंने पैसे से ज्यादा अपने प्रशंसको का ध्यान रखा जो कि सराहनीय है।