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World Championship: पहले दौर से बाहर होने के बाद मुक्केबाज लवलीना ने ट्रेनिंग पर जताई निराशा, खड़े किए सवाल
Sun, 07 Sep 2025 02:24 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिवरपूल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लिवरपूल
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 07 Sep 2025 02:24 PM IST
सार
लवलीना ने पेरिस ओलंपिक और उसके बाद के मुकाबलों के लिए तैयारी के दौरान कम अनुभव मिलने पर अफसोस जताया और टोक्यो खेलों से पहले मिली सहयोग प्रणाली से तुलना की।
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लवलीना बोरगोहेन
- फोटो : BFI Media
विस्तार
भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन का प्रदर्शन विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अच्छा नहीं रहा था और उन्हें पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद लवलीना ने ट्रेनिंग पर निराशा जताई और सवाल खड़े किए। लवलीना ने ट्रेनिंग के कम अवसर मिलने पर सवाल खड़े किए और कहा कि उन्हें हमेशा वह ट्रेनिंग नहीं मिलती जो उन्हें चाहिए होती है।
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लय में नहीं दिखीं लवलीना
एक साल से अधिक समय बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वापसी करने वाली टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना शनिवार को 75 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में तुर्किये की बुसरा इस्लिदार के खिलाफ 0-5 की हार के दौरान लय में नहीं दिखी। इस 27 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने पेरिस ओलंपिक और उसके बाद के मुकाबलों के लिए तैयारी के दौरान कम अनुभव मिलने पर अफसोस जताया और टोक्यो खेलों से पहले मिली सहयोग प्रणाली से तुलना की।
लवलीना ने एक्स पर लिखा, एक साल बाद मैंने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मैं अपने पहले ही मुकाबले में हार गई, इससे पीड़ा पहुंचती है। मुझे खेद है कि मैं इस बार ऐसा नहीं कर पाई। लेकिन सभी जानते हैं कि मैं कभी भी किसी और चीज के लिए नहीं लड़ती, सिर्फ अपनी ट्रेनिंग के लिए। मैं कभी विलासिता की चीजें नहीं मांगती। मैं सिर्फ अच्छी ट्रेनिंग मांगती हूं।
एक साल से अधिक समय बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वापसी करने वाली टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना शनिवार को 75 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में तुर्किये की बुसरा इस्लिदार के खिलाफ 0-5 की हार के दौरान लय में नहीं दिखी। इस 27 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने पेरिस ओलंपिक और उसके बाद के मुकाबलों के लिए तैयारी के दौरान कम अनुभव मिलने पर अफसोस जताया और टोक्यो खेलों से पहले मिली सहयोग प्रणाली से तुलना की।
लवलीना ने एक्स पर लिखा, एक साल बाद मैंने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मैं अपने पहले ही मुकाबले में हार गई, इससे पीड़ा पहुंचती है। मुझे खेद है कि मैं इस बार ऐसा नहीं कर पाई। लेकिन सभी जानते हैं कि मैं कभी भी किसी और चीज के लिए नहीं लड़ती, सिर्फ अपनी ट्रेनिंग के लिए। मैं कभी विलासिता की चीजें नहीं मांगती। मैं सिर्फ अच्छी ट्रेनिंग मांगती हूं।
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लवलीना बोलीं- बार-बार खुद को साबित करना पड़ता है
उन्होंने कहा, टोक्यो ओलंपिक से पहले हमारे पास अच्छे अंतरराष्ट्रीय शिविर थे। मैं ट्रेनिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्परिंग जोड़ीदार के लिए अनुरोध करती थी लेकिन पेरिस ओलंपिक से पहले मुझे बहुत कम प्रतियोगिताएं और बहुत कम अंतरराष्ट्रीय शिविर का मौका मिला। अच्छे जोड़ीदार के बिना मैं खुद को कैसे बेहतर बना सकती हूं? पेरिस ओलंपिक में भी मैं अकेली थी। मुझे खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है। और सभी जानते हैं कि खेल में मानसिक शक्ति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शारीरिक शक्ति। फिर भी अपने देश के लिए सब कुछ देने के बाद भी मुझे हमेशा वह ट्रेनिंग या कोच नहीं मिलता जो मुझे सच में चाहिए। मैं हर लड़ाई में अकेले ही मुश्किलों का सामना करती हूं। मुझे बताओ क्या यह सही है कि मैं हमेशा अपना सिर झुकाए रखूं, सब कुछ होने के बावजूद चुपचाप ट्रेनिंग करती रहूं?
उन्होंने कहा, टोक्यो ओलंपिक से पहले हमारे पास अच्छे अंतरराष्ट्रीय शिविर थे। मैं ट्रेनिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्परिंग जोड़ीदार के लिए अनुरोध करती थी लेकिन पेरिस ओलंपिक से पहले मुझे बहुत कम प्रतियोगिताएं और बहुत कम अंतरराष्ट्रीय शिविर का मौका मिला। अच्छे जोड़ीदार के बिना मैं खुद को कैसे बेहतर बना सकती हूं? पेरिस ओलंपिक में भी मैं अकेली थी। मुझे खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है। और सभी जानते हैं कि खेल में मानसिक शक्ति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शारीरिक शक्ति। फिर भी अपने देश के लिए सब कुछ देने के बाद भी मुझे हमेशा वह ट्रेनिंग या कोच नहीं मिलता जो मुझे सच में चाहिए। मैं हर लड़ाई में अकेले ही मुश्किलों का सामना करती हूं। मुझे बताओ क्या यह सही है कि मैं हमेशा अपना सिर झुकाए रखूं, सब कुछ होने के बावजूद चुपचाप ट्रेनिंग करती रहूं?
लवलीना ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह मौजूदा कोच की आलोचना नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं मौजूदा कोच और टीम के सदस्यों को दोष नहीं दे रही। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है और मेरी मदद करने की कोशिश की है। लेकिन हां, कुछ नया सीखने में हमेशा थोड़ा और समय लगता है।