फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Nidhi Thakur of Solan won gold in 800 meter race and Dikshita of Sirmaur won gold in kick boxing

Himachal: सोलन की निधि ठाकुर ने 800 मीटर दौड़ व सिरमौर की दीक्षिता ने किक बॉक्सिंग में जीता स्वर्ण

Tue, 22 Jul 2025 01:52 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना/नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना/नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Jul 2025 01:52 PM IST
सार

निधि ठाकुर ने बिहार के पटना में राष्ट्रीय स्तर की ओपन एथलेटिक्स मीट में गोल्ड मेडल हासिल किया है। निधि ने 800 मीटर की दौड़ में सफलता हासिल की।

विज्ञापन
Nidhi Thakur of Solan won gold in 800 meter race and Dikshita of Sirmaur won gold in kick boxing
निधि ठाकुर, दीक्षिता चौहान। - फोटो : संवाद

विस्तार

सोलन जिले की निधि ठाकुर ने बिहार के पटना में राष्ट्रीय स्तर की ओपन एथलेटिक्स मीट में गोल्ड मेडल हासिल किया है। निधि ने 800 मीटर की दौड़ में सफलता हासिल की। बीते एक वर्ष से निधि ऊना में खेल विभाग के कोच राकेश चौधरी के पास प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। ऊना कॉलेज में एमए अंग्रेजी की द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। निधि इससे पहले बिलासपुर में भी राकेश चौधरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं थी। उनका तबादला यहां होने के बाद से वह अपने उम्दा प्रदर्शन को जारी नहीं रख पाईं। आखिरकार बीते वर्ष निधि यहां ऊना आकर फिर से कोच राकेश से प्रशिक्षण पाकर कड़ी मेहनत में जुट गई। अब राष्ट्रीय स्तर की ओपन प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया। निधि सोलन के अर्को तहसील के गांव खनोल की रहने वाली हैं, उनके पिता जतिंदर ठाकुर पेशे से चालक हैं माता सुनीता ठाकुर हैं। 

विज्ञापन

सिरमौर की दीक्षिता को स्वर्ण, किक बॉक्सिंग में अब देश के लिए खेलेंगी
वहीं छत्तीसगढ़ में हुई राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में दीक्षिता चौहान ने गोल्ड मेडल जीता है। उनका चयन आबूधाबी में नवंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए हुआ है। मूल रूप से टिक्कर डिसवानी निवासी दीक्षिता चौहान ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। पहले भी दीक्षिता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार जीत का परचम लहरा चुकी हैं। विपरीत आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद दीक्षिता ने हार नहीं मानी। पिता का सिर से साया उठ चुका है। वह चार बहनें हैं। मां ने किसी तरह पालन पोषण किया। तीन बहनों की शादी हो चुकी है और दीक्षिता अब मां के साथ रहती हैं। दीक्षिता चौहान ने बताया कि उन्होंने किक बॉक्सिंग में वर्ष 2014 से शुरूआत की। उन्हें पहला स्वर्ण पदक 2019 में मिला। इसके बाद 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक, 2021 में कांस्य, 2022 में भी कांस्य के अलावा अब तक कई पदक जीत चुकी हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed