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J&K: पांच साल की उम्र में जिम्नास्टिक शुरू कर पदकों से भरी झोली, राष्ट्रपति भी कर चुके हैं सम्मानित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 16 Oct 2018 08:51 AM IST
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पलक
- फोटो : फाइल
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पलक की उम्र महज 22 साल है। उन्होंने इस उम्र में ही पदकों का ढेर लगा दिया। परंपरागत खेलों से अलग हट उन्होंने जिम्नास्टिक में नाम कमाया है। महज पांच साल की उम्र में जिम्नास्टिक शुरू करने वाली पलक अब तक 38 मेडल जीत चुकी है। इनमें नेशनल और अन्य चैंपियनशिप के 15 गोल्ड, 15 सिल्वर, जबकि आठ ब्रांज मेडल शामिल हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उन्हें बेस्ट जिम्नास्ट के खिताब से नवाज चुके हैं।
सीनियर इंटरनेशनल लेवल पर खेल रही जिम्नास्ट स्टेट अवॉर्ड के साथ ही शेर-ए-कश्मीर स्पोर्ट्स अवॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं। अपनी कामयाबी का श्रेय पलक अपने पिता दविंदर सिंह और मां हरविंदर कौर को देती हैं। इसके साथ ही कोच कृपाली पटेल सिंह की भी शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने अपने मंत्रों, गुरों से पलक के खेल को लगातार संवारा। अब पलक का सपना इंडिया के लिए ओलंपिक मेडल जीतने का है। वह इसके लिए पूरी मेहनत और डेडिकेशन के साथ जुटी हुई भी हैं।
12 की उम्र में बन चुकी थी टॉप रिद्मिक जिम्नास्ट
पलक 12 की उम्र तक टॉप रिद्मिक जिम्नास्ट बन चुकी थीं। 11 साल की उम्र तक वह 9 नेशनल जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में शिरकत कर चुकी थीं। ग्लासगो (स्काटलैंड) में 2014 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शिरकत करने वालीं वह जम्मू-कश्मीर से अकेली खिलाड़ी थीं।
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सीनियर इंटरनेशनल लेवल पर खेल रही जिम्नास्ट स्टेट अवॉर्ड के साथ ही शेर-ए-कश्मीर स्पोर्ट्स अवॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं। अपनी कामयाबी का श्रेय पलक अपने पिता दविंदर सिंह और मां हरविंदर कौर को देती हैं। इसके साथ ही कोच कृपाली पटेल सिंह की भी शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने अपने मंत्रों, गुरों से पलक के खेल को लगातार संवारा। अब पलक का सपना इंडिया के लिए ओलंपिक मेडल जीतने का है। वह इसके लिए पूरी मेहनत और डेडिकेशन के साथ जुटी हुई भी हैं।
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12 की उम्र में बन चुकी थी टॉप रिद्मिक जिम्नास्ट
पलक 12 की उम्र तक टॉप रिद्मिक जिम्नास्ट बन चुकी थीं। 11 साल की उम्र तक वह 9 नेशनल जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में शिरकत कर चुकी थीं। ग्लासगो (स्काटलैंड) में 2014 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शिरकत करने वालीं वह जम्मू-कश्मीर से अकेली खिलाड़ी थीं।
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कॉमनवेल्थ के लिए संभावितों में चुनी गई सबसे छोटी खिलाड़ी
नई दिल्ली में 2010 में हुए कॉमनवेल्थ खेलों के लिए चुने गए संभावितों में वह सबसे छोटी उम्र की खिलाड़ी थीं। उन्होंने 2013 में उज्बेकिस्तान में हुई एशियन, यूक्रेन में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप, उज्बेकिस्तान में 2014 में वर्ल्ड कप समेत कई बड़ी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।