बीसीसीआई ने अंडर-16 के 18 खिलाड़ियों को बोन टेस्ट में किया बाहर, अब 25 नए क्रिकेटर होंगे शामिल
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अंडर-16 टीम के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 30 में से 18 क्रिकेटर बोन टेस्ट में बाहर हो गए हैं। इसके बाद रिजर्व में रखे गए 25 अन्य क्रिकेटरों का बोन टेस्ट कराया जा रहा है। इसके बाद 10 दिवसीय शिविर के लिए 30 क्रिकेटरों के नाम घोषित किए जाएंगे। बोन टेस्ट खिलाड़ियों की उम्र का अंदाजा लगाने के लिए कराया जाता है।
प्रदेश में क्रिकेट टीमों के चयन में मनमानी और धांधली बदस्तूर जारी है। पहले अंडर-19 टीम में शामिल हो चुके तीन क्रिकेटरों के ओवरएज होने और फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिये ट्रायल में शामिल होने के आरोप लगे।
बीसीसीआई ने जांच कराई तो आरोपों की पुष्टि हुई और तीनों क्रिकेटरों को टीम से बाहर होना पड़ा। साथ ही तीनों पर दो साल का बैन भी लगा दिया गया। अब इसी तरह का गड़बड़झाला अंडर-16 टीम के चयन में भी सामने आया है। जिलों से चयन के बाद अंडर-16 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने राज्य स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
जानिए क्या है बोन टेस्ट
प्रतियोगिता के बाद राज्य क्रिकेट संचालन समिति ने 30 खिलाड़ियों को शॉर्ट लिस्ट किया था, जिनका बोन टेस्ट कराया गया। टेस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 30 में से 18 खिलाड़ी क्वालिफाई करने में नाकाम रहे।
मामला सामने आने के बाद रिजर्व में शामिल 25 अन्य क्रिकेटरों का बोन टेस्ट कराने का फैसला लिया गया है। इसके बाद ही शिविर के लिए 30 क्रिकेटर चुने जाएंगे। 10 दिन के शिविर के बाद राज्य की 15 सदस्यीय टीम का चयन किया जाएगा।
अंडर-16 बीसीसीआई की प्रतियोगिताओं का एंट्री लेवल है। इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अंडर-16 टीम में शामिल होने के लिए बोन टेस्ट अनिवार्य किया गया है। राज्य क्रिकेट संचालन समिति के समन्वयक प्रो. रत्नाकर शेट्टी ने बताया कि बोन टेस्ट में हड्डियों की ग्रेडिंग के आधार पर उम्र का वास्तविक निर्धारण किया जाता है। संबंधित क्रिकेटर की एक्सरे रिपोर्ट दो अलग-अलग रेडियोलॉजिस्ट को भेजी जाती है, जो उनकी ग्रेडिंग करते हैं। दोनों की रिपोर्ट अलग-अलग होने पर तीसरे रेडियोलॉजिस्ट की मदद ली जाती है।