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Asian Games: ऐश्वर्य, रुद्रांश और दिव्यांश ने एशियाड में भारत को पहला स्वर्ण दिलाया, जानें उनके बारे में सबकुछ
Mon, 25 Sep 2023 03:43 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 25 Sep 2023 03:43 PM IST
सार
व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में भारतीय तिकड़ी ने कुल 1893.7 का स्कोर किया और विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले शूटिंग टीम स्पर्धा में सबसे बड़ा स्कोर चीन के नाम था।
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ऐश्वर्य, रुद्रांश और दिव्यांश
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत को पहला स्वर्ण पदक शूटिंग टीम ने दिलाया है। एशियाई खेलों का आधिकारिक आगाज होने के बाद दूसरे दिन देश को पहला स्वर्ण पदक मिला है। पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों ने पांच पदक जीते थे, लेकिन स्वर्ण पदक की तालिका खाली थी। शूटिंग टीम ने सोमवार को स्वर्णिम शुरुआत करते हुए इवेंट में देश को पहला पदक दिलाया और विश्व रिकॉर्ड भी बना दिया।
पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम में रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल, दिव्यांश सिंह पंवार और ऐश्वर्य प्रताप सिंह की तिकड़ी ने हांगझोऊ में इतिहास रच दिया। व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में भारतीय तिकड़ी ने कुल 1893.7 का स्कोर किया और विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले शूटिंग टीम स्पर्धा में सबसे बड़ा स्कोर चीन के नाम था। चीन के खिलाड़ियों ने पिछले महीने बाकू विश्व चैम्पियनशिप में 1893.3 का स्कोर हासिल किया था। भारतीय टीम ने चीन से 0.4 अंक ज्यादा हासिल किए। यहां हम भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम के तीनों खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं।
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ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर
22 साल के ऐश्वर्य देश के सबसे लोकप्रिय निशानेबाजों में से एक हैं। वह दो बार आईएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में रहने वाले ऐश्वर्य के चचेरे भाई नवदीप भी शूटर रहे हैं। ऐसे में ऐश्वर्य ने भी इसी दिशा में अपना करियर बनाने का फैसला किया। 15 साल की उम्र में वह भोपाल शूटिंग अकादमी पहुंच गए। यहां उनके भाई ने कोचिंग दी और वह आगे बढ़ते चले गए। साल 2019 में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप के 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में उन्होंने गोल्ड जीता। इसके बाद उन्हें दोहा में आयोजित एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के लिए चुना गया, जहां उन्होंने 1168 अंक हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर ओलंपिक कोटा हासिल किया। उनके पिता घर में भी बंदूक रखते थे। ऐसे में वह बचपन से ही बंदूक लेकर जाते थे और खेतों में निशाना लगाने की कोशिश करते थे। अब उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया है। एशियाई खेलों में उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कांस्य पदक हासिल किया।
दिव्यांश सिंह पंवार
दिव्यांश ने 12 साल की उम्र में ही दिव्यांश ने शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया था। वह अपनी बहन के हथियार लेकर अभ्यास करने जाते थे। हालांकि, 2017 में उन्हें पबजी गेम की लत लग गई और उनके पिता ने यह लत छुड़ाने के लिए नई दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में उनका दाखिला करा दिया। यहां उन्होंने दीपक कुमार दुबे से ट्रेनिंग ली और लगातार बेहतर होते चले गए। 2018 आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में दिव्यांश ने दो स्वर्ण पदक जीते और रिकॉर्ड भी बनाए। 2019 आईएसएसएफ विश्व कप में उन्होंने रजत पदक जीता था और विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली टीम का हिस्सा बनकर देश को स्वर्ण पदक दिलाया है। हालांकि, व्यक्तिगत स्पर्धा में वह कुछ खास नहीं कर सके।
रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल
19 साल के रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल देश के सबसे बेहतरीन निशानेबाजों में से एक हैं। वह शूटिंग विश्व कप में एक से ज्यादा पदक जीत चुके हैं। वह पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं और 2022 आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। वह अभिनव बिंद्रा के बाद विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय शूटर हैं। रुद्राक्ष ने 13 साल की उम्र में शूटिंग की शुरुआत की थी और कुछ महीने बाद ही पदक जीता था। इसके बाद उनके कोच समझ गए थे कि इस लड़के में अलग प्रतिभा है। इसके बाद वह पीछे नहीं हटे और लगातार आगे बढ़ते हुए कई पदक जीते। अब उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है।
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पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम में रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल, दिव्यांश सिंह पंवार और ऐश्वर्य प्रताप सिंह की तिकड़ी ने हांगझोऊ में इतिहास रच दिया। व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में भारतीय तिकड़ी ने कुल 1893.7 का स्कोर किया और विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले शूटिंग टीम स्पर्धा में सबसे बड़ा स्कोर चीन के नाम था। चीन के खिलाड़ियों ने पिछले महीने बाकू विश्व चैम्पियनशिप में 1893.3 का स्कोर हासिल किया था। भारतीय टीम ने चीन से 0.4 अंक ज्यादा हासिल किए। यहां हम भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम के तीनों खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं।
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𝓢𝓱𝓸𝓸𝓽𝓲𝓷𝓰 𝓽𝓱𝓮𝓲𝓻 𝔀𝓪𝔂 𝓽𝓸 𝓽𝓱𝓮 𝓽𝓸𝓹! 🥇🇮🇳- 𝟏𝐬𝐭 𝐆𝐨𝐥𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚⚡🤩@RudrankkshP, @DivyanshSinghP7, and Aishwary Pratap Tomar have hit the bullseye and secured the 1️⃣st Gold for India in the 10m Air Rifle Men's Team event at the #AsianGames2022.… pic.twitter.com/wQbtEYX2CQ
— SAI Media (@Media_SAI) September 25, 2023
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ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर
22 साल के ऐश्वर्य देश के सबसे लोकप्रिय निशानेबाजों में से एक हैं। वह दो बार आईएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में रहने वाले ऐश्वर्य के चचेरे भाई नवदीप भी शूटर रहे हैं। ऐसे में ऐश्वर्य ने भी इसी दिशा में अपना करियर बनाने का फैसला किया। 15 साल की उम्र में वह भोपाल शूटिंग अकादमी पहुंच गए। यहां उनके भाई ने कोचिंग दी और वह आगे बढ़ते चले गए। साल 2019 में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप के 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में उन्होंने गोल्ड जीता। इसके बाद उन्हें दोहा में आयोजित एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के लिए चुना गया, जहां उन्होंने 1168 अंक हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर ओलंपिक कोटा हासिल किया। उनके पिता घर में भी बंदूक रखते थे। ऐसे में वह बचपन से ही बंदूक लेकर जाते थे और खेतों में निशाना लगाने की कोशिश करते थे। अब उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया है। एशियाई खेलों में उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कांस्य पदक हासिल किया।
दिव्यांश सिंह पंवार
दिव्यांश ने 12 साल की उम्र में ही दिव्यांश ने शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया था। वह अपनी बहन के हथियार लेकर अभ्यास करने जाते थे। हालांकि, 2017 में उन्हें पबजी गेम की लत लग गई और उनके पिता ने यह लत छुड़ाने के लिए नई दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में उनका दाखिला करा दिया। यहां उन्होंने दीपक कुमार दुबे से ट्रेनिंग ली और लगातार बेहतर होते चले गए। 2018 आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में दिव्यांश ने दो स्वर्ण पदक जीते और रिकॉर्ड भी बनाए। 2019 आईएसएसएफ विश्व कप में उन्होंने रजत पदक जीता था और विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली टीम का हिस्सा बनकर देश को स्वर्ण पदक दिलाया है। हालांकि, व्यक्तिगत स्पर्धा में वह कुछ खास नहीं कर सके।
रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल
19 साल के रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल देश के सबसे बेहतरीन निशानेबाजों में से एक हैं। वह शूटिंग विश्व कप में एक से ज्यादा पदक जीत चुके हैं। वह पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं और 2022 आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। वह अभिनव बिंद्रा के बाद विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय शूटर हैं। रुद्राक्ष ने 13 साल की उम्र में शूटिंग की शुरुआत की थी और कुछ महीने बाद ही पदक जीता था। इसके बाद उनके कोच समझ गए थे कि इस लड़के में अलग प्रतिभा है। इसके बाद वह पीछे नहीं हटे और लगातार आगे बढ़ते हुए कई पदक जीते। अब उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है।