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Khelo India Games: खेलो इंडिया गेम्स में शामिल हैं कलारीपयट्टू, थांग-ता, गतका और मलखंब, जानें इनके बारे में
Wed, 25 Jan 2023 06:26 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 25 Jan 2023 06:26 PM IST
सार
खेलो इंडिया गेम्स में कलारीपयट्टू, थांग ता, गतका और मलखंब जैसे खेलों को शामिल किया गया है। सरकार इन खेलों को बचाए रखना चाहती है। इसी वजह से इन्हें खेलो इंडिया गेम्स में शामिल किया गया है।
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गतका खेल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2023 में कलारीपयट्टू, थांग-ता, गतका और मलखंब जैसे खेल भी शामिल हैं। इन खेलों के बारे में आपने कम ही सुना होगा और शायद ही कभी इन खेलों के मैच देखे होंगे। हालांकि, ये भारत पारंपरिक खेल हैं और इन खेलों का अस्तित्व बनाए रखने के लिए ही सरकार ने इन्हें खेलों इंडिया गेम्स में शामिल किया है। ये सभी खेल देश के किसी न किसी कोने में लोकप्रिय हैं, लेकिन पूरे देश में इनकी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए इन खेलों को खेलो इंडिया गेम्स में शामिल किया गया है। यहां हम बता रहे हैं कि ये खेल कैसे खेले जाते हैं।
थांग-ता
थांग ता का शाब्दिक अर्थ है तलवार और भाला। थांग का अर्थ है तलवार और ता का मतलब है भाला। यह लगभग 400 साल पहले मणिपुर के राजा-महाराजों ने शुरू किया था। अंग्रेजों को डर था कि इस खेल में भाले और तलवार का उपयोग होता है। इस खेल में हिस्सा लेने वाले लोग बगावत में शामिल हो सकते हैं। इस वजह से इस खेल पर बैन लगा दिया गया था। हालांकि, मणिपुर में यह खेल अपना अस्तितिव बनाए रखने में सफल रहा और अब खेलो इंडिया गेम्स में भी इसे शामिल किया गया है।
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कलारीपयट्टू
केरल में उपजा यह खेल पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल भी इसमें माहिर हैं। यह एक तरह की मार्शल आर्ट है। इसमें दो लोग मिलकर कलाबाजियों दिखाते हैं। इस खेल में महिला और पुरुष दोनों हिस्सा लेते हैं। कलारीपयट्टू में कई तरह की तकनीक होती है, जिसमें मैपयट्टू, वादीपयट्टू , वेरुकैयपरयोगा आदि शामिल है। इस खेल में कुल 16 तरह की फाइट होती हैं। शुरुआत बॉडी एक्सरसाइज के साथ होती है। इसके बाद आगे की लड़ाई होती है। इसमें डिफेंस, अटैक कई चीजें शामिल होती है।
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थांग-ता
थांग ता का शाब्दिक अर्थ है तलवार और भाला। थांग का अर्थ है तलवार और ता का मतलब है भाला। यह लगभग 400 साल पहले मणिपुर के राजा-महाराजों ने शुरू किया था। अंग्रेजों को डर था कि इस खेल में भाले और तलवार का उपयोग होता है। इस खेल में हिस्सा लेने वाले लोग बगावत में शामिल हो सकते हैं। इस वजह से इस खेल पर बैन लगा दिया गया था। हालांकि, मणिपुर में यह खेल अपना अस्तितिव बनाए रखने में सफल रहा और अब खेलो इंडिया गेम्स में भी इसे शामिल किया गया है।
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India has a rich culture of indigenous games. PM @NarendraModi Ji wants to preserve & popularise all of them. I'm very happy to announce that 4 Indigenous Games of Kalaripayattu, Mallakamb, Gatka and Thang-Ta have been added to Khelo India Youth Games 2020 along with Yogasana! pic.twitter.com/f7e2Wn88Vk
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) December 20, 2020
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कलारीपयट्टू
केरल में उपजा यह खेल पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल भी इसमें माहिर हैं। यह एक तरह की मार्शल आर्ट है। इसमें दो लोग मिलकर कलाबाजियों दिखाते हैं। इस खेल में महिला और पुरुष दोनों हिस्सा लेते हैं। कलारीपयट्टू में कई तरह की तकनीक होती है, जिसमें मैपयट्टू, वादीपयट्टू , वेरुकैयपरयोगा आदि शामिल है। इस खेल में कुल 16 तरह की फाइट होती हैं। शुरुआत बॉडी एक्सरसाइज के साथ होती है। इसके बाद आगे की लड़ाई होती है। इसमें डिफेंस, अटैक कई चीजें शामिल होती है।
मलखंब
मध्य प्रदेश का राज्य खेल मलखंब भी खेलो इंडिया गेम्स का हिस्सा है। इस बार खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन मध्यप्रदेश में ही हो रहा है, ऐसे में राज्य के सबसे चर्चित खेल का इसमें शामिल होना लाजिमी है। इस खेल में लकड़ी के एक खंबे पर खिलाड़ियों को करतब दिखाने होते हैं। इसमें तीन तरह के खेल होते हैं, जिसमें फिक्स्ड मलखम्ब (केवल पुरुषों के लिए), हेंगिंग मलखम्ब (केवल पुरुषों के लिए), शेप मलखम्ब (महिलाओं के लिए) शामिल है।
गतका
पंजाब के खेल गतका को भी खेलो इंडिया गेम्स में शामिल किया गया है। यह खेल निहंग सिख योद्धाओं की पारंपरिक लड़ाई शैली से उपजा है। इसका उपयोग आत्म-रक्षा के लिए भी होता है। गतका सिक्खों की पारंपरिक युद्ध कला है। सिक्खों के धार्मिक उत्सवों में इसका हथियारों के साथ प्रदर्शन किया जाता है। इसे पारंपरिक कपड़ों में तलवार और ढाल के साथ खेला जाता है।
मध्य प्रदेश का राज्य खेल मलखंब भी खेलो इंडिया गेम्स का हिस्सा है। इस बार खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन मध्यप्रदेश में ही हो रहा है, ऐसे में राज्य के सबसे चर्चित खेल का इसमें शामिल होना लाजिमी है। इस खेल में लकड़ी के एक खंबे पर खिलाड़ियों को करतब दिखाने होते हैं। इसमें तीन तरह के खेल होते हैं, जिसमें फिक्स्ड मलखम्ब (केवल पुरुषों के लिए), हेंगिंग मलखम्ब (केवल पुरुषों के लिए), शेप मलखम्ब (महिलाओं के लिए) शामिल है।
गतका
पंजाब के खेल गतका को भी खेलो इंडिया गेम्स में शामिल किया गया है। यह खेल निहंग सिख योद्धाओं की पारंपरिक लड़ाई शैली से उपजा है। इसका उपयोग आत्म-रक्षा के लिए भी होता है। गतका सिक्खों की पारंपरिक युद्ध कला है। सिक्खों के धार्मिक उत्सवों में इसका हथियारों के साथ प्रदर्शन किया जाता है। इसे पारंपरिक कपड़ों में तलवार और ढाल के साथ खेला जाता है।