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ज्वाला को हाईकोर्ट से राहत, खेलने की इजाजत
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 10 Oct 2013 03:12 PM IST
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देश की प्रमुख बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने बैडमिंटन संघ को निर्देश दिया है कि उसे खेलने दिया जाए।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) द्वारा ज्वाला पर आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश पर स्टे लगा दिया है।
बैडमिंटन में युगल विशेषज्ञ ज्वाला गुट्टा ने बीएआई द्वारा उन पर आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दाखिल की थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ज्वाला को सभी टूर्नामेंट में खेलने दिया जाए। साथ ही अनुशासन समिति उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच भी करती रहे।
न्यायमूर्ति वीके जैन के समक्ष दायर याचिका में ज्वाला गुट्टा ने आरोप लगाया कि बीएआई का फैसला प्राकृतिक न्याय और निष्पक्षता के खिलाफ है। उन्होंने कहा उन्हें अपना पक्ष रखने तक का समय प्रदान नहीं किया गया।
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उन्होंने कहा कि बीएआई उन्हें बिना कोई कारण बताए आजीवन प्रतिबंध लगाने की धमकी दे रहा है। ऐसे में सात अक्टूबर के फैसले को रद्द किया जाए।
क्या था विवाद
मामला 25 अगस्त का है जब इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) में कृष दिल्ली स्मैशर्स और बंगा बीट्स के बीच मैच में हुआ। बंगा बीट्स ने आखिरी मिनटों में हांगकांग के चोटिल पुरुष एकल खिलाड़ी हू येन के स्थान पर स्थानापन्न खिलाड़ी डेनमार्क के जेन जोर्गनसन को उतारा।
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इस कारण दिल्ली ने बंगा बीट्स के साथ खेलने से इनकार कर दिया। बंगा बीट्स ने जोर्गनसन के स्थान पर टीम में पहले से ही शामिल अरविंद भट्ट को उतारा और मामला सुलझाया।
इस पूरे प्रकरण में दिल्ली टीम की कप्तान ज्वाला गुट्टा शामिल थी। यह मैच आधे घंटे तक रुका रहा। बीएआई ने ज्वाला को नोटिस जारी किया।