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ISSF World Cup: बाबुता के बाद रूद्रांक्ष-आर्या की जोड़ी का दिखा जलवा, पेरू शूटिंग विश्व कप में जीता रजत पदक
Mon, 21 Apr 2025 11:07 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लीमा (पेरू)
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लीमा (पेरू)
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 21 Apr 2025 11:07 AM IST
सार
रूद्रांक्ष और आर्या की जोड़ी को फाइनल में नार्वे के जोन हरमान हेग और जीनेटे हेग ड्यूस्टैड से 11-17 से हार मिली।
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रुद्रांक्ष और बाबुता (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
रूद्रांक्ष पाटिल और आर्या बोरसे की 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा का रजत पदक जीता जबकि पेरिस ओलंपिक में भाग ले चुके भारतीय निशानेबाज अर्जुन बाबुता यहां आईएसएसएफ विश्व कप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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फाइनल में हारे रुद्रांक्ष और आर्या
रूद्रांक्ष और आर्या की जोड़ी को फाइनल में नार्वे के जोन हरमान हेग और जीनेटे हेग ड्यूस्टैड से 11-17 से हार मिली। इससे पहले पिछले साल पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे बाबुता (252.3) रोमांचक फाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चीन के शेंग लिहाओ (252.4) से सिर्फ 0.1 अंक से हार गए। विश्व कप में 40 से अधिक पदक जीत चुके हंगरी के निशानेबाज इस्तवान पेनी ने 229.8 के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता।
रूद्रांक्ष और आर्या की जोड़ी को फाइनल में नार्वे के जोन हरमान हेग और जीनेटे हेग ड्यूस्टैड से 11-17 से हार मिली। इससे पहले पिछले साल पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे बाबुता (252.3) रोमांचक फाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चीन के शेंग लिहाओ (252.4) से सिर्फ 0.1 अंक से हार गए। विश्व कप में 40 से अधिक पदक जीत चुके हंगरी के निशानेबाज इस्तवान पेनी ने 229.8 के कुल स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता।
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तकनीकी खराबी से पाटिल चूके
फाइनल में कई स्टार निशानेबाज पहुंचे थे जिनमें मौजूदा विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता स्वीडन के विक्टर लिंडग्रेन, नॉर्वे के जॉन-हरमन हेग और भारत के पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल शामिल थे। भारत के पास दो पदक जीतने का मौका था, लेकिन दुर्भाग्य से तकनीकी खराबी के कारण पाटिल को जूरी ने अपना 11वां शॉट नहीं लेने दिया। इस तरह से यह भारतीय निशानेबाज पहले एलिमिनेशन चरण में हारकर आठवें स्थान पर रहा।
फाइनल में कई स्टार निशानेबाज पहुंचे थे जिनमें मौजूदा विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता स्वीडन के विक्टर लिंडग्रेन, नॉर्वे के जॉन-हरमन हेग और भारत के पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल शामिल थे। भारत के पास दो पदक जीतने का मौका था, लेकिन दुर्भाग्य से तकनीकी खराबी के कारण पाटिल को जूरी ने अपना 11वां शॉट नहीं लेने दिया। इस तरह से यह भारतीय निशानेबाज पहले एलिमिनेशन चरण में हारकर आठवें स्थान पर रहा।
फाइनल में क्या हुआ था
फाइनल में बाबुता और पाटिल दोनों ने समान 10.1 के साथ मजबूत शुरुआत की। पाटिल ने पिछले सप्ताह ब्यूनस आयर्स में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन इस बार भाग्य उनके साथ नहीं था और उन्हें फाइनल के शुरू बाहर होना पड़ा। पाटिल के बाहर हो जाने के बावजूद बाबुता शांत रहे और उन्होंने 14वें शॉट के बाद पहली बार बढ़त ले ली।
शेंग ने इसके बाद अच्छी वापसी की। बाबुता को एक समय 0.3 अंक की मामूली बढ़त हासिल थी, लेकिन चीन के निशानेबाज में 10.9 अंक का निशाना साधकर बढ़त बना दी। बाबुता का अंतिम स्कोर 10.5 फिर से बढ़त हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं था, क्योंकि शेंग ने 10.3 के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम पक्का कर दिया।
फाइनल में बाबुता और पाटिल दोनों ने समान 10.1 के साथ मजबूत शुरुआत की। पाटिल ने पिछले सप्ताह ब्यूनस आयर्स में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन इस बार भाग्य उनके साथ नहीं था और उन्हें फाइनल के शुरू बाहर होना पड़ा। पाटिल के बाहर हो जाने के बावजूद बाबुता शांत रहे और उन्होंने 14वें शॉट के बाद पहली बार बढ़त ले ली।
शेंग ने इसके बाद अच्छी वापसी की। बाबुता को एक समय 0.3 अंक की मामूली बढ़त हासिल थी, लेकिन चीन के निशानेबाज में 10.9 अंक का निशाना साधकर बढ़त बना दी। बाबुता का अंतिम स्कोर 10.5 फिर से बढ़त हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं था, क्योंकि शेंग ने 10.3 के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम पक्का कर दिया।
क्वालिफिकेशन में बाबुता का दमदार प्रदर्शन
इससे पहले क्वालिफिकेशन में बाबुता ने पहली रिले में 631.9 का मजबूत स्कोर बनाया, जबकि शेंग ने 635.0 के साथ सहजता से शीर्ष स्थान हासिल किया। पाटिल ने दूसरी रिले में 632.0 का स्कोर बनाकर ग्रुप का नेतृत्व किया और कुल मिलाकर तीसरा स्थान हासिल किया। भारत के हृदय हजारिका मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए और 629.3 के स्कोर के साथ 10वें स्थान पर रहे।
इससे पहले क्वालिफिकेशन में बाबुता ने पहली रिले में 631.9 का मजबूत स्कोर बनाया, जबकि शेंग ने 635.0 के साथ सहजता से शीर्ष स्थान हासिल किया। पाटिल ने दूसरी रिले में 632.0 का स्कोर बनाकर ग्रुप का नेतृत्व किया और कुल मिलाकर तीसरा स्थान हासिल किया। भारत के हृदय हजारिका मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए और 629.3 के स्कोर के साथ 10वें स्थान पर रहे।