{"_id":"553c54d3f3eba08f2123386c78d5d569","slug":"india-in-incheon-asian-games-at-10th-day-hindi-news-sv","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इंचियोन में भारत ने लगातार तीसरे दिन भी जीता गोल्ड","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
इंचियोन में भारत ने लगातार तीसरे दिन भी जीता गोल्ड
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 29 Sep 2014 05:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरे दिन स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा कर दिखाया है। शनिवार को भारत ने 2 स्वर्ण पदक जीते और इसके बाद रविवार को कुश्ती में योगेश्वर दत्त ने देश के खाते में एक और पीला तमगा जोड़ दिया। योगेश्वर ने 28 साल बाद कुश्ती में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
सोमवार को एथलेटिक्स में सीमा पुनिया ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीत लिया है। हालांकि इसी स्पर्धा में कृष्णा पुनिया कांस्य पदक से रह गई और चौथे स्थान पर रहीं। पुरुषों की 3 हजार मीटर की स्टेपलचेज में भारत ने नवीन कुमार ने कांस्य पदक जीता।
एथलेटिक्स में स्वर्णिम सफलता के बीच भारत की महिला टीम हॉकी में स्वर्ण पदक की रेस से बाहर हो गई है। भारतीय हॉकी टीम सेमीफाइनल में कोरिया से 1-3 से हार गई।
विज्ञापन
दूसरी ओर, भारत ने आज कुश्ती में एक स्वर्ण पदक जीतने का मौका गंवा दिया। पहलवान बजरंग 61 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रजत पदक ही जीत सके।
विज्ञापन
सोमवार को एथलेटिक्स में सीमा पुनिया ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीत लिया है। हालांकि इसी स्पर्धा में कृष्णा पुनिया कांस्य पदक से रह गई और चौथे स्थान पर रहीं। पुरुषों की 3 हजार मीटर की स्टेपलचेज में भारत ने नवीन कुमार ने कांस्य पदक जीता।
विज्ञापन
एथलेटिक्स में स्वर्णिम सफलता के बीच भारत की महिला टीम हॉकी में स्वर्ण पदक की रेस से बाहर हो गई है। भारतीय हॉकी टीम सेमीफाइनल में कोरिया से 1-3 से हार गई।
विज्ञापन
दूसरी ओर, भारत ने आज कुश्ती में एक स्वर्ण पदक जीतने का मौका गंवा दिया। पहलवान बजरंग 61 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रजत पदक ही जीत सके।
टेनिस में 3 कांस्य के बाद मिला रजत पदक
भारतीय टेनिस खिलाड़ियों ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 कांस्य पदक जीतने के बाद 2 स्वर्ण पदकों की उम्मीद जगा दी थी, लेकिन आज पुरुष डबल्स के फाइनल में हार जाने से भारत को इस स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
साकेत मायनेनी और सनम सिंह की जोड़ी फाइनल में कोरियाई जोड़ी के आगे 5-7 6-7 (2) से हार गई है। यह मुकाबला एक घंटा और 29 मिनट तक चला। पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी फाइनल मैच में शानदार शुरुआत नहीं कर सकी। सनम के पास गोल्डन डबल बनाने का मौका था जिसे उन्होंने गंवा दिया। 2010 में ग्वांझू एशियाड में उन्होंने सोमदेव देववर्मन के साथ गोल्ड मेडल जीता था।
भारत अब तक टेनिस से 3 कांस्य और एक रजत पदक जीत चुका है। सानिया मिर्जा और प्रार्थना थोमबारे की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता। इसके अलावा पुरुष एकल और डबल्स में भारत को 2 कांस्य पदक मिले हैं।
साकेत मायनेनी और सनम सिंह की जोड़ी फाइनल में कोरियाई जोड़ी के आगे 5-7 6-7 (2) से हार गई है। यह मुकाबला एक घंटा और 29 मिनट तक चला। पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी फाइनल मैच में शानदार शुरुआत नहीं कर सकी। सनम के पास गोल्डन डबल बनाने का मौका था जिसे उन्होंने गंवा दिया। 2010 में ग्वांझू एशियाड में उन्होंने सोमदेव देववर्मन के साथ गोल्ड मेडल जीता था।
भारत अब तक टेनिस से 3 कांस्य और एक रजत पदक जीत चुका है। सानिया मिर्जा और प्रार्थना थोमबारे की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता। इसके अलावा पुरुष एकल और डबल्स में भारत को 2 कांस्य पदक मिले हैं।
बजरंग स्वर्णिम सफलता से चूके, पंचम को कांस्य
कुश्ती में भारतीय पहलवान बजरंग ने इतिहास रचने का मौका गंवा दिया। फ्रीस्टाइल 61 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में उन्हें ईरानी पहलवान मसूद हार का सामना करना पड़ा। ईरानी पहलवान ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाया जिसका जवाब बजरंग के पास नहीं था और उसने यह मुकाबला 6-4 से जीत लिया।
इससे पहले बजरंग ने फाइनल में पहुंचने के लिए जापानी पहलवान निरोयुकी तकासुका को हराया।
कुश्ती में फ्रीस्टाइल कुश्ती में 74 किग्रा भार वर्ग में नरसिंह पंचम यादव ने कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने जापानी पहलवान शिमांदा को 10-7 से हराकर देश को एक और पदक दिलाया। लेकिन क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद पवन कुमार को रेपचेज में खेलने का मौका मिला लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके।
इससे पहले बजरंग ने फाइनल में पहुंचने के लिए जापानी पहलवान निरोयुकी तकासुका को हराया।
कुश्ती में फ्रीस्टाइल कुश्ती में 74 किग्रा भार वर्ग में नरसिंह पंचम यादव ने कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने जापानी पहलवान शिमांदा को 10-7 से हराकर देश को एक और पदक दिलाया। लेकिन क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद पवन कुमार को रेपचेज में खेलने का मौका मिला लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके।
सेमीफाइनल में मेजबानों से हारी महिला हॉकी टीम
अभी तक अच्छा प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में कड़ा संघर्ष करने के बावजूद मेजबान दक्षिण कोरिया की चुनौती से पार नहीं पा सकी। इस अहम मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने भारत को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह पक्की कर ली है।
हालांकि इस हार के बावजूद भारतीय टीम के पास कांस्य पदक जीतने का मौका है। कांस्य के लिए भारतीय टीम अब प्लेऑफ में जापान से भिड़ेंगी। जापान ने 2010 एशियन गेम्स में भारत को 1-0 से हराया था।
इस मुकाबले में दक्षिण कोरिया के लिए किम डारे (तीसरे मिनट), हेन हेलयोंग (28वें मिनट) और पार्क मिहेयन (42वें मिनट) ने गोल ठोके जबकि भारत के लिए एकमात्र गोलनमिता टोप्पो ने 11वें मिनट में किया। दक्षिण कोरिया की शुरुआत अच्छी रही और सिर्फ तीसरे मिनट में किम डारे ने भारतीय गोलकीपर को छकाते हुए मैदानी गोल ठोका। 11वें मिनट में नमिता ने कॉर्नर से शानदार गोल करते हुए भारत को 1-1 की बराबरी दिलाई। मैच के 28वें मिनट में हेन हेलयोंग ने कोरिया की बढ़त 2-0 कर दी।
वहीं 42वें मिनट में पार्क मिहेयन ने भारतीय डिफेंडरों को छकाते हुए मेजबान टीम को 3-1 की अहम बढ़त दिला दी। आखिरी क्वार्टर में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला लेकिन जसप्रीत कौर इसे गोल में नहीं बदल सकी।
हालांकि इस हार के बावजूद भारतीय टीम के पास कांस्य पदक जीतने का मौका है। कांस्य के लिए भारतीय टीम अब प्लेऑफ में जापान से भिड़ेंगी। जापान ने 2010 एशियन गेम्स में भारत को 1-0 से हराया था।
इस मुकाबले में दक्षिण कोरिया के लिए किम डारे (तीसरे मिनट), हेन हेलयोंग (28वें मिनट) और पार्क मिहेयन (42वें मिनट) ने गोल ठोके जबकि भारत के लिए एकमात्र गोलनमिता टोप्पो ने 11वें मिनट में किया। दक्षिण कोरिया की शुरुआत अच्छी रही और सिर्फ तीसरे मिनट में किम डारे ने भारतीय गोलकीपर को छकाते हुए मैदानी गोल ठोका। 11वें मिनट में नमिता ने कॉर्नर से शानदार गोल करते हुए भारत को 1-1 की बराबरी दिलाई। मैच के 28वें मिनट में हेन हेलयोंग ने कोरिया की बढ़त 2-0 कर दी।
वहीं 42वें मिनट में पार्क मिहेयन ने भारतीय डिफेंडरों को छकाते हुए मेजबान टीम को 3-1 की अहम बढ़त दिला दी। आखिरी क्वार्टर में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला लेकिन जसप्रीत कौर इसे गोल में नहीं बदल सकी।