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आधे घंटे के अंदर भारत ने जीते 2 गोल्ड
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 02 Oct 2014 05:49 PM IST
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भारत ने संघर्षपूर्ण मुकाबले के बाद पेनाल्टी शूटआउट में पाकिस्तान को हराकर 32 साल पहले एशियाई खेलों के फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकाते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने रियो ओलंपिक 2016 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। भारत का एशियाई खेलों में यह आठवां स्वर्ण पदक है।
हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने के कुछ मिनटों में ही एथलेटिक्स में 4 गुणा 400 मीटर रेस में भारत की महिला रिले टीम ने गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पीले तमगे पर कब्जा जमा लिया। भारत का नौंवा स्वर्ण पदक है।
इसके अलावा कबड्डी में भारत की महिला और पुरुष टीम दोनों फाइनल में पहुंच गई हैं।
मुक्केबाजी में भारत को विकास कृष्णन और सतीश कुमार से सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन दोनों को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि हार के बावजूद दोनों को कांस्य पदक जरूर मिलेगा।
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हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने के कुछ मिनटों में ही एथलेटिक्स में 4 गुणा 400 मीटर रेस में भारत की महिला रिले टीम ने गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पीले तमगे पर कब्जा जमा लिया। भारत का नौंवा स्वर्ण पदक है।
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इसके अलावा कबड्डी में भारत की महिला और पुरुष टीम दोनों फाइनल में पहुंच गई हैं।
मुक्केबाजी में भारत को विकास कृष्णन और सतीश कुमार से सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन दोनों को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि हार के बावजूद दोनों को कांस्य पदक जरूर मिलेगा।
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पेनाल्टी शूटआउट में भारत ने पाक को हराया
एशियाड में 32 साल बाद हॉकी के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारत ने स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। भारत के लिए यह जीत दोहरी सफलता वाली रही। 32 साल बाद फाइनल में मिली हार का बदला लेते हुए भारत ने लीग मैचों में भी मिली हार का हिसाब चुकता कर लिया।
इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों के फाइनल में पाक ने भारत को हरा दिया था। इस खिताबी जीत के साथ भारत ने 2016 रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले लीग मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 2-1 से हराया था।
मैच की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में रही। मैच के पहले क्वार्टर में पाकिस्तान ने भारत पर 1-0 की बढ़त बना ली। खेल के शुरुआत होने के चौथे मिनट के अंदर ही रिजवान मुहम्मद ने पाक के लिए बढ़त का गोल दाग दिया। पहले क्वार्टर में भारत की रक्षा पंक्ति कमजोर साबित हुई।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने बराबरी का गोल दाग दिया। कोताजीत सिंह ने खेल के 28वें मिनट में मैदानी गोल दागकर मैच को बराबर कर दिया।
हालांकि मैच बराबर होने के बाद तीसरे क्वार्टर में भारत के पास बढ़त बनाने का मौका था लेकिन वह चूक गया। पाक भी इस क्वार्टर में गोल नहीं कर सकी। चौथे क्वार्टर में भी दोनों टीम गोल नहीं कर सकीं। जिससे मैच का परिणाम पेनाल्टी शूटआउट से किया गया।
पेनाल्टी शूटआउट में भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने शानदार खेल दिखाया और उन्होंने पाक के दो आक्रमण को बेकार किया। मैच के अंत तक स्कोर 4-2 रहा।
इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों के फाइनल में पाक ने भारत को हरा दिया था। इस खिताबी जीत के साथ भारत ने 2016 रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले लीग मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 2-1 से हराया था।
मैच की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में रही। मैच के पहले क्वार्टर में पाकिस्तान ने भारत पर 1-0 की बढ़त बना ली। खेल के शुरुआत होने के चौथे मिनट के अंदर ही रिजवान मुहम्मद ने पाक के लिए बढ़त का गोल दाग दिया। पहले क्वार्टर में भारत की रक्षा पंक्ति कमजोर साबित हुई।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने बराबरी का गोल दाग दिया। कोताजीत सिंह ने खेल के 28वें मिनट में मैदानी गोल दागकर मैच को बराबर कर दिया।
हालांकि मैच बराबर होने के बाद तीसरे क्वार्टर में भारत के पास बढ़त बनाने का मौका था लेकिन वह चूक गया। पाक भी इस क्वार्टर में गोल नहीं कर सकी। चौथे क्वार्टर में भी दोनों टीम गोल नहीं कर सकीं। जिससे मैच का परिणाम पेनाल्टी शूटआउट से किया गया।
पेनाल्टी शूटआउट में भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने शानदार खेल दिखाया और उन्होंने पाक के दो आक्रमण को बेकार किया। मैच के अंत तक स्कोर 4-2 रहा।
एथलेटिक्स में महिला रिले टीम ने रचा इतिहास
हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने के कुछ ही देर में भारत को एथलेटिक्स से भी स्वर्ण पदक मिल गया। भारत की महिला रिले टीम में स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए 4 गुणा 400 मीटर की रेस में गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक दिला दिया।
प्रियंका पवार, टिंटू लुका, मंदीप कौर और पी राजू मैचेट्रा की रिले टीम ने देश के लिए नौंवां स्वर्ण पदक जीता।
हालांकि इसके अलावा एथलेटिक्स में भारत को आज निराशा हाथ लगी। हाई जंग के फाइनल में सहाना कुमारी का प्रदर्शन दमदार नहीं रहा और उन्होंने अपने खेल से प्रशंसकों को निराश किया। वह आठवें स्थान पर रही।
जबकि ट्रिपल जंप में अपरिंदर सिंह और रंजीत महेश्वरी ने भी निराश किया और देश को पदक नहीं दिला सके। अपरिंदर चौथे और रंजीत नौंवें स्थान पर रहे।
पदक की प्रवल दावेदार मानी जा रही महिलाओं की 4 गुणा 100 मीटर रिले में भारतीय टीम छठे स्थान पर रही। जैवलिन थ्रो में पुरुष वर्ग में भारतीय एथलीट राजिंदर सिंह भी पदक जीतने जैसा प्रदर्शन नहीं कर सके और वह 11वें स्थान पर रहे। वहीं, 5 हजार मीटर की रेस में भारत की ओर से महिला एथलीट ओपी जैशी और प्रीजा श्रीधरन पदक जीतने से रह गईं और वे क्रमशः चौथे और आठवें नंबर पर रही।
प्रियंका पवार, टिंटू लुका, मंदीप कौर और पी राजू मैचेट्रा की रिले टीम ने देश के लिए नौंवां स्वर्ण पदक जीता।
हालांकि इसके अलावा एथलेटिक्स में भारत को आज निराशा हाथ लगी। हाई जंग के फाइनल में सहाना कुमारी का प्रदर्शन दमदार नहीं रहा और उन्होंने अपने खेल से प्रशंसकों को निराश किया। वह आठवें स्थान पर रही।
जबकि ट्रिपल जंप में अपरिंदर सिंह और रंजीत महेश्वरी ने भी निराश किया और देश को पदक नहीं दिला सके। अपरिंदर चौथे और रंजीत नौंवें स्थान पर रहे।
पदक की प्रवल दावेदार मानी जा रही महिलाओं की 4 गुणा 100 मीटर रिले में भारतीय टीम छठे स्थान पर रही। जैवलिन थ्रो में पुरुष वर्ग में भारतीय एथलीट राजिंदर सिंह भी पदक जीतने जैसा प्रदर्शन नहीं कर सके और वह 11वें स्थान पर रहे। वहीं, 5 हजार मीटर की रेस में भारत की ओर से महिला एथलीट ओपी जैशी और प्रीजा श्रीधरन पदक जीतने से रह गईं और वे क्रमशः चौथे और आठवें नंबर पर रही।
भारत की महिला-पुरुष टीम पहुंची फाइनल में
कबड्डी में दुनिया की सबसे मजबूत माने जा रही भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। भारत की महिला टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 41-28 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। स्वर्ण पदक के लिए भारतीय टीम अब ईरान से भिड़ेगी जिसने दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराया है। ईरान ने बांग्लादेश को 40-15 से पीटा।
भारतीय महिला टीम पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। एशियाई खेलों में महिला कबड्डी को चार साल पहले पहली बार 2010 में शामिल किया गया था।
इसके बाद भारत की पुरुष टीम ने भी फाइनल में जगह बना लिया। उसने सेमीफाइनल में मेजबान कोरियाई टीम को 36-25 से हराया। भारत की पुरुष टीम ने 1990 से एशियाई खेलों में कबड्डी को शामिल किए जाने के बाद हर बार स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा किया है।
भारतीय महिला टीम पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। एशियाई खेलों में महिला कबड्डी को चार साल पहले पहली बार 2010 में शामिल किया गया था।
इसके बाद भारत की पुरुष टीम ने भी फाइनल में जगह बना लिया। उसने सेमीफाइनल में मेजबान कोरियाई टीम को 36-25 से हराया। भारत की पुरुष टीम ने 1990 से एशियाई खेलों में कबड्डी को शामिल किए जाने के बाद हर बार स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा किया है।
मुक्केबाजी में सतीश-विकास वर्ल्ड चैंपियन से हारे
एशियाई खेलों के 13वें दिन भारत को मुक्केबाजी में अपने दो मुक्केबाजों विकास कृष्णन और सतीश कुमार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन दोनों ही देश को कांस्य पदक ही दिला सके।
मुक्केबाजी में 91 किग्रा के हैवीवेट वर्ग में सतीश को वर्ल्ड और ओलंपिक चैंपियन कजाख्तान के 6 फीट 9 इंच लंबे इवान डायचेको से हार का सामना करना पड़ा। अपने से काफी लंबे मुक्केबाज का सामना करने में भारतीय मुक्केबाज को काफी दिक्कत आई और वह कभी भी संघर्ष करते नहीं दिखे। सतीश तीनों दौर में हार गए।
हालांकि हार के बावजूद उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा। यह देश का इस खेल में 51वां पदक है। वह उत्तर प्रदेश से एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी हैं।
दूसरी ओर, 75 किग्रा भार वर्ग में मुक्केबाज विकास कृष्णन भी सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज से हार गए। इस बार भारत ने एक गोल्ड समेत सिर्फ 5 पदक जीते हैं। जबकि 2010 के एशियाड में भारत की झोली में 2 स्वर्ण, 3 रजत समेत 9 पदक आए थे।
मुक्केबाजी में 91 किग्रा के हैवीवेट वर्ग में सतीश को वर्ल्ड और ओलंपिक चैंपियन कजाख्तान के 6 फीट 9 इंच लंबे इवान डायचेको से हार का सामना करना पड़ा। अपने से काफी लंबे मुक्केबाज का सामना करने में भारतीय मुक्केबाज को काफी दिक्कत आई और वह कभी भी संघर्ष करते नहीं दिखे। सतीश तीनों दौर में हार गए।
हालांकि हार के बावजूद उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा। यह देश का इस खेल में 51वां पदक है। वह उत्तर प्रदेश से एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी हैं।
दूसरी ओर, 75 किग्रा भार वर्ग में मुक्केबाज विकास कृष्णन भी सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज से हार गए। इस बार भारत ने एक गोल्ड समेत सिर्फ 5 पदक जीते हैं। जबकि 2010 के एशियाड में भारत की झोली में 2 स्वर्ण, 3 रजत समेत 9 पदक आए थे।