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Women's Asia Cup Hockey: भारत के सामने सेमीफाइनल में कोरिया की चुनौती, डिफेंस को करना होगा दुरुस्त
Tue, 25 Jan 2022 07:41 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मस्कट
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मस्कट
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 25 Jan 2022 07:41 PM IST
सार
शीर्ष वरीयता प्राप्त भारत ने अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। टीम ने अपने पहले मैच में मलेशिया को 9-0 से हराया था।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में बुधवार को डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना कोरिया से होगा। ग्रुप राउंड में टीम अब तक तीन में से दो मैच जीत चुकी है। वहीं, जापान के खिलाफ एक मैच में टीम को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में टीम इंडिया वापसी कर कोरिया पर बड़ी जीत दर्ज करना चाहेगी।
शीर्ष वरीयता प्राप्त भारत ने अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। टीम ने अपने पहले मैच में मलेशिया को 9-0 से हराया था। हालांकि, अगले मैच में टीम को एशियन गेम्स की विजेता टीम जापान के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी।
हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी करते हुए अपने से कम रैंक वाले सिंगापुर को 9-1 से हराया था और सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। अब नई कप्तान सविता पूनिया के सामने मजबूत कोरिया टीम की चुनौती होगी। भारतीय टीम की फिलहाल रैंकिंग नौ है। वहीं, कोरिया की टीम 11वें रैंक पर काबिज है।
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कोरिया के खिलाफ हार से टीम इंडिया एशिया कप के खिताब से वंचित तो रह ही जाएगी, साथ ही अगले कुछ महीनों में होने वाले बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करेगा। इस साल भारतीय हॉकी टीम को बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व कप भी खेलना है।
कोरिया के खिलाफ टीम इंडिया की सबसे बड़ी चुनौती पेनल्टी कॉर्नर पर गोल न कर पाने की क्षमता होगी। फील्ड और काउंटर अटैक में टीम अब तक शानदार रही है, लेकिन ड्रैग फ्लिक से गोल करने का रिकॉर्ड खराब रहा है। गुरजीत कौर ने सिंगापुर के खिलाफ भले ही गोल की हैट्रिक लगाई हो, लेकिन टीम इंडिया इस मैच में कुल 15 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ तीन मौके को भुना पाई।
भारत की अग्रिम पंक्ति ने अब तक तीन मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है। मोनिका और युवा ज्योति ने सिंगापुर के खिलाफ एक-एक गोल दागे थे। वहीं, वंदना कटारिया भी अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने मलेशिया और सिंगापुर के खिलाफ गोल दागे। नवनीत कौर ने भी मलेशिया के खिलाफ दो गोल दागे थे।
कोच जानेक स्कोपमैन के सामने डिफेंड को मजबूत करने की चुनौती होगी। जापान के खिलाफ मैच में ये कमजोरी उभर कर सामने आई थी। पिछली बार भारत और कोरिया की टीम पिछले साल दिसंबर में हुए महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में आमने-सामने आई थी। हालांकि, एक भारतीय खिलाड़ी के कोरोना संक्रमित होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
पिछली बार मैदान पर दोनों टीमें मई 2019 में आमने-सामने आई थीं। यह तीन मैच का टूर था। इसमें कोरिया ने दो मैच और भारतीय टीम ने एक मैच में जीत हासिल की थी। भारतीय महिला टीम को इस सीरीज में पहले दो मुकाबलों में शिकस्त झेलनी पड़ी थी और आखिरी मैच को भारत ने 4-0 से जीत हासिल की थी। दूसरे सेमीफाइनल में जापान की टीम का सामना चीन से होगा।
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शीर्ष वरीयता प्राप्त भारत ने अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। टीम ने अपने पहले मैच में मलेशिया को 9-0 से हराया था। हालांकि, अगले मैच में टीम को एशियन गेम्स की विजेता टीम जापान के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी।
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हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी करते हुए अपने से कम रैंक वाले सिंगापुर को 9-1 से हराया था और सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। अब नई कप्तान सविता पूनिया के सामने मजबूत कोरिया टीम की चुनौती होगी। भारतीय टीम की फिलहाल रैंकिंग नौ है। वहीं, कोरिया की टीम 11वें रैंक पर काबिज है।
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कोरिया के खिलाफ हार से टीम इंडिया एशिया कप के खिताब से वंचित तो रह ही जाएगी, साथ ही अगले कुछ महीनों में होने वाले बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करेगा। इस साल भारतीय हॉकी टीम को बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व कप भी खेलना है।
कोरिया के खिलाफ टीम इंडिया की सबसे बड़ी चुनौती पेनल्टी कॉर्नर पर गोल न कर पाने की क्षमता होगी। फील्ड और काउंटर अटैक में टीम अब तक शानदार रही है, लेकिन ड्रैग फ्लिक से गोल करने का रिकॉर्ड खराब रहा है। गुरजीत कौर ने सिंगापुर के खिलाफ भले ही गोल की हैट्रिक लगाई हो, लेकिन टीम इंडिया इस मैच में कुल 15 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ तीन मौके को भुना पाई।
भारत की अग्रिम पंक्ति ने अब तक तीन मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है। मोनिका और युवा ज्योति ने सिंगापुर के खिलाफ एक-एक गोल दागे थे। वहीं, वंदना कटारिया भी अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने मलेशिया और सिंगापुर के खिलाफ गोल दागे। नवनीत कौर ने भी मलेशिया के खिलाफ दो गोल दागे थे।
कोच जानेक स्कोपमैन के सामने डिफेंड को मजबूत करने की चुनौती होगी। जापान के खिलाफ मैच में ये कमजोरी उभर कर सामने आई थी। पिछली बार भारत और कोरिया की टीम पिछले साल दिसंबर में हुए महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में आमने-सामने आई थी। हालांकि, एक भारतीय खिलाड़ी के कोरोना संक्रमित होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
पिछली बार मैदान पर दोनों टीमें मई 2019 में आमने-सामने आई थीं। यह तीन मैच का टूर था। इसमें कोरिया ने दो मैच और भारतीय टीम ने एक मैच में जीत हासिल की थी। भारतीय महिला टीम को इस सीरीज में पहले दो मुकाबलों में शिकस्त झेलनी पड़ी थी और आखिरी मैच को भारत ने 4-0 से जीत हासिल की थी। दूसरे सेमीफाइनल में जापान की टीम का सामना चीन से होगा।