{"_id":"6446a2344e5dd80db50c2903","slug":"odisha-goverments-extends-sponsorship-agreement-of-men-and-women-s-national-hockey-teams-from-2023-till-2033-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hockey: भारतीय हॉकी को बड़ा तोहफा, 2033 तक के लिए प्रायोजक बनी ओडिशा सरकार, 434.12 करोड़ रुपये में हुआ करार","category":{"title":"Hockey","title_hn":"हॉकी","slug":"hockey"}}
Hockey: भारतीय हॉकी को बड़ा तोहफा, 2033 तक के लिए प्रायोजक बनी ओडिशा सरकार, 434.12 करोड़ रुपये में हुआ करार
Mon, 24 Apr 2023 09:25 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 24 Apr 2023 09:25 PM IST
सार
भारतीय हॉकी टीम की आधिकारिक प्रायोजक पहले भी ओडिशा सरकार ही थी। अब यह अनुबंध अगले 10 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। भारत की सभी टीमों की आधिकारिक प्रायोजक ओडिशा सरकार ही होगी।
विज्ञापन
भारतीय हॉकी टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ओडिशा सरकार ने भारतीय हॉकी टीम के आधिकारिक प्रायोजक के रूप में अपना अनुबंध अगले 10 साल के लिए बढ़ा दिया है। अब साल 2033 तक ओडिशा सरकार भारत की पुरुष और महिला टीम की प्रायोजक होगी। ओडिशा सरकार ने जूनियर और सीनियर दोनों स्तर पर हॉकी टीम की प्रयोजक बने रहने का फैसला किया है।
ओडिशा सरकार 2018 से भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम की प्रायोजक रही है। भारतीय हॉकी में नई जान फूंकने में ओडिशा सरकार का बड़ा योगदान है। पिछला हॉकी विश्व कप भी ओडिशा में ही हुआ था। हालांकि, भारतीय टीम दूसरे दौर में ही हारकर बाहर हो गई थी और सेमीफाइनल में भी नहीं खेल पाई थी।
इससे पहले ओडिशा खनन निगम ने सरकार की अनुमति के बाद बतौर प्रयोजक 2018 से 2023 तक भारतीय हॉकी टीम के साथ अनुबंध किया था। भारतीय हॉकी के अध्यक्ष ने इस अनुबंध को आगे बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद ओडिशा सरकार की अनुमति पर ओडिशा खनन निगम ने आने वाले 10 साल के लिए अनुबंध बढ़ा दिया है। यह अनुबंध जनवरी 2033 तक मान्य रहेगा। इस दौरान हॉकी इंडिया को 434.12 करोड़ रुपये ओडिशा खनन निगम की तरफ से दिए जाएंगे।
विज्ञापन
भारतीय हॉकी टीम पिछले कुछ समय में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। टोक्यो ओलंपिक में पुरुष टीम ने 41 साल बाद देश के लिए कोई पदक जीता था और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था। वहीं, महिला टीम भी सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन वहां उसे हार का सामना करना पड़ा।
ओडिशा में युवाओं के बीच हॉकी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है। ऐसे में सरकार भारतीय हॉकी को फिर से जिंदा करना चाहती है और ओडिशा को इसका गढ़ बनाना चाहती है। इससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और दुनियाभर के हॉकीप्रेमी खिलाड़ी इस राज्य का पर्यटन करना चाहेंगे। इसके अलावा युवाओं के पास इस खेल में करियर बनाने का बेहतर विकल्प भी होगा।
विज्ञापन
ओडिशा सरकार 2018 से भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम की प्रायोजक रही है। भारतीय हॉकी में नई जान फूंकने में ओडिशा सरकार का बड़ा योगदान है। पिछला हॉकी विश्व कप भी ओडिशा में ही हुआ था। हालांकि, भारतीय टीम दूसरे दौर में ही हारकर बाहर हो गई थी और सेमीफाइनल में भी नहीं खेल पाई थी।
विज्ञापन
इससे पहले ओडिशा खनन निगम ने सरकार की अनुमति के बाद बतौर प्रयोजक 2018 से 2023 तक भारतीय हॉकी टीम के साथ अनुबंध किया था। भारतीय हॉकी के अध्यक्ष ने इस अनुबंध को आगे बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद ओडिशा सरकार की अनुमति पर ओडिशा खनन निगम ने आने वाले 10 साल के लिए अनुबंध बढ़ा दिया है। यह अनुबंध जनवरी 2033 तक मान्य रहेगा। इस दौरान हॉकी इंडिया को 434.12 करोड़ रुपये ओडिशा खनन निगम की तरफ से दिए जाएंगे।
विज्ञापन
भारतीय हॉकी टीम पिछले कुछ समय में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। टोक्यो ओलंपिक में पुरुष टीम ने 41 साल बाद देश के लिए कोई पदक जीता था और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था। वहीं, महिला टीम भी सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन वहां उसे हार का सामना करना पड़ा।
ओडिशा में युवाओं के बीच हॉकी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है। ऐसे में सरकार भारतीय हॉकी को फिर से जिंदा करना चाहती है और ओडिशा को इसका गढ़ बनाना चाहती है। इससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और दुनियाभर के हॉकीप्रेमी खिलाड़ी इस राज्य का पर्यटन करना चाहेंगे। इसके अलावा युवाओं के पास इस खेल में करियर बनाने का बेहतर विकल्प भी होगा।