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भारत के सामने होगी कड़ी चुनौती
मेलबर्न/एजेंसी
Updated Sat, 01 Dec 2012 12:07 AM IST
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लंदन ओलंपिक की कड़वी यादों को भुलाकर भारतीय हॉकी टीम चैंपियंस ट्रॉफी छह साल बाद वापसी कर रही है। भारतीय टीम शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ जब अपने अभियान की शुरुआत करने उतरेगी तो उसकी निगाहें बेहतर प्रदर्शन पर होगी।
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हालांकि उसे इस टूर्नामेंट में कड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। वर्ष 2005 के बाद भारत पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी में वाइल्डकार्ड आमंत्रण के जरिये वापसी कर रहा है और टीम इस बात से भली भांति वाकिफ है कि स्टेट हॉकी सेंटर में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें लगी होंगी।
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ओलंपिक के बाद चैंपियंस ट्रॉफी भारतीयों के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है। टीम ने आस्ट्रेलिया में ही इससे पहले पर्थ में नौ खिलाड़ियों वाली अंतरराष्ट्रीय सुपर सीरीज में भाग लिया था। भारतीय टीम को पर्थ में इस सुपर सीरीज के लीग मुकाबले में पाकिस्तान पर 5-2 से एकमात्र मुकाबले में जीत मिली।
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लेकिन पाकिस्तान ने कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले में इसी स्कोर से जीत दर्ज करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया था, जिससे भारतीय टीम चार देशों के टूर्नामेंट में निचले पायदान पर रही। चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने का मौका गंवाने के एक साल बाद भारत का वाइल्डकार्ड का दर्जा मिला है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने भारतीय हॉकी में संचालन के मुद्दों का हवाला देते हुए नई दिल्ली से इस टूर्नामेंट की मेजबानी को हटाकर आकलैंड को दे दिया था।