फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Hockey ›   harendra singh sacking is not right says former hockey players

हॉकी इंडिया का फैसला एकदम गलत, चीफ कोच हरेन्द्र सिंह के साथ हुई नाइंसाफी

Thu, 10 Jan 2019 11:24 AM IST
अभिषेक निगम सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला Published by: अभिषेक निगम Updated Thu, 10 Jan 2019 11:24 AM IST
विज्ञापन
harendra singh sacking is not right says former hockey players
harendra singh

हरेंन्द्र सिंह को भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रमुख कोच पद से हटाए जाने पर बवाल खड़ा हो गया है। पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने सिंह के समर्थन में अपनी बात रखते हुए हॉकी इंडिया को लताड़ लगाई है। चलिए आपको बताते हैं कि दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों का इस मामले में क्या कहना है:

विज्ञापन


'हरेन्द्र सिंह को भारत की सीनियर पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच के पद से हटाने का हॉकी इंडिया का फैसला एकदम गलत है। उन्हें इस पद से हटाकर भारत के लड़कों की जूनियर टीम को संभालने का समझ से एकदम परे है। किसी भी कोच को टीम को अपने मुताबिक ढालने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए।' - अशोक कुमार सिंह, भारत की 1977 के हॉकी विश्व कप के हीरो 
विज्ञापन


'भारत में हॉकी का न तो खिलाड़ियों के लिए कोई स्ट्रक्चर है न ही कोचों का। हरेन्द्र सिंह को चीफ कोच के पद से हटाकर हॉकी इंडिया ने कुछ नया नहीं किया है। भारतीय हॉकी में कोचों को बदलने का इसी तरह का लंबा इतिहास रहा है। भारत की मौजूदा हॉकी टीम के कोर ग्रुप में आप 35-36 खिलाड़ियों को लें तो उनमें से करीब दो दर्जन पंजाब से है। भारत में जब हॉकी के लिए सही ढंग का कोई स्ट्रक्चर नहीं होगा तो फि किसी भी बड़े टूर्नामेंट में अच्छे टूर्नामेंट की उम्मीद करना ही बेमानी है। पहले जो रवैया सुरेश कलमाडी का  था आज वही रवैया नरिंदर बत्रा का है। जब ऐसा रवैया रहेगा तो फिर भारत की हॉकी में मौजूदा सूरते हाल में बेहतरी की आस बेमानी है।  - परगट सिंह, भारत की तीन ओलंपिक में नुमाइंदगी करने वाले फुलबैक 
विज्ञापन
विज्ञापन


'हरेन्द्र सिंह को भारत के चीफ हॉकी कोच के हटाने का फैसला उनके साथ एकदम नाइंसाफी है। किसी भी कोच को अपने मुताबिक टीम को तैयार करने के लिए कम से दो-तीन बरस दिए ही जाने चाहिए। किसी भी कोच को टीम को समझने और टीम को कोच को समझने में कई बरस लग जाते हैं। हरेन्द्र लड़कों के साथ शिद्दत से जुड़े थे और उनके मार्गदर्शन में भारत की नौजवानों से सज्जित सीनियर हॉकी टीम बराबर बेहतर प्रदर्शन कर रही थी। हॉकी इंडिया दरअसल करीब एक दशक से विदेशी कोच को आजमा रही है।  विदेशी कोच के मार्गदर्शन में भारत की सीनियर हॉकी टीम के प्रदर्शन पर हॉकी इंडिया को गौर करना चाहिए। हरेन्द्र को चीफ कोच के पद पर मात्र आठ महीने रहने के बाद हटाने के पीछे तर्क केवल हॉकी इंडिया ही बता सकती है।' - आशीष बलाल, भारत के पूर्व हॉकी ओलंपिक गोलरक्षक  


'मैं बराबर यह कहता रहा हूं कि किसी भी हॉकी कोच के मार्गदर्शन में अच्छे नतीजों के लिए उसे पूरा वक्त दिया जाना चाहिए। मैं बराबर भारतीय टीम के हॉकी कोच को बदलने के खिलाफ हूं। हॉकी इंडिया को यह समझना चाहिए कि कोच को बदलने से हॉकी टीम की तस्वीर नहीं बदलेगी। हरेन्द्र के मार्गदर्शन में भारत की नौजवान सीनियर टीम बराबर बेहतर हो रही थी। हरेन्द्र को टीम के साथ और वक्त मिलता तो जरूर भारतीय टीम आगे बेहतर प्रदर्शन करती। सबसे हास्यास्पद है हॉकी इंडिया की समिति की  हरेन्द्र को सीनियर हॉकी के चीफ कोच पद से हटा कर जूनियर हॉकी टीम को कोचिंग संभालने की सलाह है। इससे भी बड़ा सवाल है यदि हरेन्द्र को  भारत की जूनियर हॉकी टीम का कोच बनाया जाता है तो फिर जूनियर हॉकी टीम के मौजूदा कोच जूड फेलिक्स कहां जाएंगे?'  - जोकिम कारवाल्हो, भारत के पूर्व ओलंपियन और कोच 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed