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FIH Hockey-5S : भारतीय खिलाड़ियों की रफ्तार, कौशल और फिटनेस की परीक्षा, नौ सदस्यीय टीम इंडिया का पहला मैच स्विट्जरलैंड से
Fri, 03 Jun 2022 09:44 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लुसान
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लुसान
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 03 Jun 2022 09:44 PM IST
सार
पुरुष हॉकी टीम के कप्तान गुरिंदर सिंह ने कहा- हम यहां लुसाने में आकर वास्तव में उत्साहित हैं। यहां बहुत अच्छा माहौल है। हम टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम कुछ गुणवत्ता टीमों के खिलाफ खेलेंगे और चूंकि प्रारूप नया है, इसलिए यह एक चुनौतीपूर्ण काम होगा।
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हॉकी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पारंपरिक खेलों को पहले से अधिक रोचक बनाने के लिए छोटे प्रारूप का चलन लगातार बढ़ रहा है। क्रिकेट में टी-20, रग्बी में सेवन एस और बॉस्केटबॉल में 3 गुणा 3 के बाद अब हॉकी में भी छोटे और तेज प्रारूप को लागू करने की शुरुआत हॉकी-5एस से हो गई।
शनिवार को लुसान में ओंलपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम स्विट्जरलैंड के खिलाफ इस छोटे प्रारूप में खेलने को उतरेगी तो यह टीम के लिए कौशल, फिटनेस और रफ्तार की कड़ी परीक्षा होगी। हॉकी-5 एस को 2013 में सबसे पहले शुरू किया गया था। फिर 2014 में चीन में यूथ ओलंपिक में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला गया।
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शनिवार को लुसान में ओंलपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम स्विट्जरलैंड के खिलाफ इस छोटे प्रारूप में खेलने को उतरेगी तो यह टीम के लिए कौशल, फिटनेस और रफ्तार की कड़ी परीक्षा होगी। हॉकी-5 एस को 2013 में सबसे पहले शुरू किया गया था। फिर 2014 में चीन में यूथ ओलंपिक में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला गया।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार खेलेगी भारतीय टीम
हॉकी को छोटे फॉर्मेट के माध्यम से लोकप्रिय बनाने की यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की मुहिम का हिस्सा है। ताकि इन टूर्नामेंट की मदद से दर्शकों को मैदान की तरफ खींचा जा सके। भारतीय हॉकी टीम शनिवार को उद्घाटन मैच मेजबान स्विट्जरलैंड से खेलेगी, जिसके बाद उसे पाकिस्तान से खेलना है।
रविवार को उसका मुकाबला मलयेशिया और पोलैंड से होगा। यह पहली बार है कि भारतीय हॉकी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी-5एस टूर्नामेंट खेलेगी। 9 सदस्यीय टीम में पवन, संजय और रबीचंद्र सिंह मोइरंगथेम शामिल हैं, जो 2018 युवा ओलंपिक खेलों में हॉकी-5 एस में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। वहीं भारतीय महिला टीम चार जून को उरूग्वे से पहला मैच खेलेगी, जिसके बाद उसी दिन पोलैंड से खेलना है। 5 को स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका से सामना होगा।
हॉकी को छोटे फॉर्मेट के माध्यम से लोकप्रिय बनाने की यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की मुहिम का हिस्सा है। ताकि इन टूर्नामेंट की मदद से दर्शकों को मैदान की तरफ खींचा जा सके। भारतीय हॉकी टीम शनिवार को उद्घाटन मैच मेजबान स्विट्जरलैंड से खेलेगी, जिसके बाद उसे पाकिस्तान से खेलना है।
रविवार को उसका मुकाबला मलयेशिया और पोलैंड से होगा। यह पहली बार है कि भारतीय हॉकी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी-5एस टूर्नामेंट खेलेगी। 9 सदस्यीय टीम में पवन, संजय और रबीचंद्र सिंह मोइरंगथेम शामिल हैं, जो 2018 युवा ओलंपिक खेलों में हॉकी-5 एस में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। वहीं भारतीय महिला टीम चार जून को उरूग्वे से पहला मैच खेलेगी, जिसके बाद उसी दिन पोलैंड से खेलना है। 5 को स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका से सामना होगा।
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क्या है हॉकी-5एस का नियम
- इस छोटे प्रारूप में खेल का मैदान नियमित मैदान के आकार का आधा होता है। हालांकि, यह प्रतियोगिता पर भी निर्भर करता है। एफआईएच के नियम के अनुसार, हॉकी-5 के टर्फ के लिए अधिकतम आकार 55 मीटर गुणा 42 मीटर होगा, जबकि न्यूनतम आकार 40 मीटर गुणा 28 मीटर होगा।
- लंबाई (लंबी दूरी) नापने वाली दो सीमारेखाओं को साइडलाइन कहा जाता है, जबकि चौड़ाई (छोटी दूरी) को बताने वाली रेखाओं को बैकलाइन कहा जाता है।
- आयताकार कोर्ट की बैकलाइन के बीच में 3.66 मीटर लंबाई में और 2.14 मीटर ऊंचाई के दो गोल पोस्ट होते हैं।
- इस प्रारूप में कोई डी या अर्धवृत्त नहीं होता है। बैकलाइन के समानांतर एक मध्यरेखा से कोर्ट दो हिस्सों में बंटा होता है। दो क्वार्टर लाइन हर हॉफ को दो बराबर हिस्सों में बांटती है।
- एक गोल पेनाल्टी स्पॉट भी दो गोल पोस्ट के बीच सेंट्रल प्वाइंट्स और क्वार्टर लाइन के बीच होता है। हॉकी फाइव में टीमें कहीं से भी गोल कर सकती हैं, जबकि पारंपरिक हॉकी में डी के भीतर जाकर गोल करना होता है।
- इसमें हर टीम में एक समय मैदान पर पांच खिलाड़ी होते हैं, जिसमें गोलकीपर शामिल है और चार स्थानापन्न खिलाड़ी उतारे जा सकते हैं।
- हॉकी फाइव में पेनाल्टी कार्नर नहीं होता है लेकिन टीम फाउल होने पर उसे चुनौती दे सकती है। मांग स्वीकार होने पर विरोधी गोलकीपर के आमने-सामने शूटआउट का मौका मिलेगा।
- हॉकी-5एस के मैच 20 मिनट के होंगे और इसे दो हॉफ में 10-10 मिनट में बांटा जाएगा।
नियमित हॉकी और हॉकी-5एस में बड़ा अंतर
नियमित हॉकी मैदान और हॉकी-5एस में सबसे बड़ा अंतर उसकी बाउंड्री बोर्ड का होना। नियमित हॉकी में जब गेंद साइडलाइन को पार कर जाती है तो उसके लिए विपक्षी टीम को फ्री हिट मिलती है, लेकिन इस प्रारूप में अगर गेंद बाउंड्री बोर्ड से टकरा जाती है तो उसे फाउल नहीं माना जाएगा। गेंद टकराकर वापस आएगी और उसे जो टीम कब्जे में ले लेगी, वहां से खेल शुरू होगा। फाउल तभी माना जाएगा, जब गेंद बाउंड्री बोर्ड को पार कर जाए।
नियमित हॉकी मैदान और हॉकी-5एस में सबसे बड़ा अंतर उसकी बाउंड्री बोर्ड का होना। नियमित हॉकी में जब गेंद साइडलाइन को पार कर जाती है तो उसके लिए विपक्षी टीम को फ्री हिट मिलती है, लेकिन इस प्रारूप में अगर गेंद बाउंड्री बोर्ड से टकरा जाती है तो उसे फाउल नहीं माना जाएगा। गेंद टकराकर वापस आएगी और उसे जो टीम कब्जे में ले लेगी, वहां से खेल शुरू होगा। फाउल तभी माना जाएगा, जब गेंद बाउंड्री बोर्ड को पार कर जाए।
पुरुष हॉकी टीम के कप्तान गुरिंदर सिंह ने कहा- हम यहां लुसाने में आकर वास्तव में उत्साहित हैं। यहां बहुत अच्छा माहौल है। हम टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम कुछ गुणवत्ता टीमों के खिलाफ खेलेंगे और चूंकि प्रारूप नया है, इसलिए यह एक चुनौतीपूर्ण काम होगा।
भारतीय महिला टीम की कप्तान रजनी ई ने कहा- सभी टीमें इस प्रारूप में पहली बार खेल रही हैं, लिहाजा सभी समान स्तर पर होंगी। हमें अपने कौशल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
4 जून को भारत का मैच (भारतीय समयानुसार)
भारतीय महिला टीम की कप्तान रजनी ई ने कहा- सभी टीमें इस प्रारूप में पहली बार खेल रही हैं, लिहाजा सभी समान स्तर पर होंगी। हमें अपने कौशल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
- 05 : टीमें खेल रही हैं टूर्नामेंट में, दो दिन चलेगी प्रतियोगिता।
- 09 : सदस्यीय भारतीय टीम का पहला मैच स्विट्जरलैंड से।
- 20 : मिनट का होगा मैच, 10-10 मिनट के दो भाग में ।
4 जून को भारत का मैच (भारतीय समयानुसार)
- स्विट्जरलैंड से मैच : शाम 6:30 बजे से (भारतीय समयानुसार)
- पाकिस्तान से मैच : रात 8:30 बजे से (भारतीय समयानुसार)