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पाक को हरा खिताब जीतने की थी तमन्ना, पर एक भी मैच हारे बिना चैंपियन बने : हरेन्द्र
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Oct 2018 03:52 AM IST
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भारत का पाकिस्तान के खिलाफ मस्कट में रविवार को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी का फाइनल बारिश के कारण धुलने के कारण दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया। इससे भारत की पाकिस्तान को मैदान पर फाइनल में हरा कर शिकस्त देने की तमन्ना अधूरी रह गई।
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उस्ताद हरेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में भारत की टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ी यहां सोमवार दोपहर बाद तीन बजे यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम के टर्मिनल 3 पर पाए तो गिने चुने लोग ही उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। कप्तान मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, , हरमनप्रीत सिंह और पीआर श्रीजेश सहित बाकी खिलाड़ी मस्कट से विश्व कप के लिए शूट के लिए सीधे चेन्नै चले गए।
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हरेन्द्र सिंह ने 'अमर उजाला' से एयरपोर्ट पर खास बात में कहा, 'हम पाकिस्तान को फाइनल में हरा कर खिताब बरकरार रखने की तमन्ना थी। उसे मैदानी पर हराने का अपना ही एक अलग मजा है। बदकिस्मती से बारिश के कारण यह फाइनल धुल और दोनों टीमें को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। हॉकी में रिजर्व दिन नहीं होता इसलिए यह फैसला लिया गया। काबिलेतारीफ बात यह है कि हम एक भी मैच हारे बिना चैंपियन बने। हमारे लड़कों ने बतौर टीम पूरे टूर्नामेंट में सधा खेल दिखा कर साबित किया कि भारत एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है। हमारी टीम विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विश्व कप से पहले हमारे फॉरवर्ड को बस प्रतिद्वंद्वी की डी में अपनी निशानेबाजी और अचूक करने की दरकार है। हमारी टीम की ताकत ही हमारा आक्रामक खेल है और हम इसी पर भरोसा कर आगे बढ़ रहे हैं। जकार्ता एशियाई खेलों में मलयेशिया के खिलाफ सेमीफाइनल में हार एक अतीत है। हम इसे भुलाकर कर अब पूरी तरह विश्व कप पर फोकस हैं।'
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उन्होंने कहा, 'हमारे एस वी सुनील और बीरेन्द्र लाकड़ा जैसे अनुभवी खिलाडिय़ों को डॉक्टरों ने फिट बताया। ये सभी अनुभवी खिलाड़ी कितने मैच फिट हैं इनकी बाबत हमारे फिजियो का फैसला अंतिम होगा। हमारे जूनियर खिलाडिय़ों ने भी एशियाई खेलों में बेहतरीन खेल दिखाया है। हमारे पास इतने विकल्प हैं कि चयनकर्ताओं के लिए अगले महीने विश्व कप के लिए टीम चुनना एक अच्छा और सुखद सिरदर्द होगा। इनमें कुछ खिलाड़ी विश्व कप के लिए टीम में चुने जाएंगे। कुछ खिलाड़ी बदकिस्मती से टीम में जगह के लिए कड़ी प्रतिद्वंद्विता के चलते टीम से बाहर भी रह जाएंगे। विश्व कप में शिरकत करने वाली सभी 16 टीमें खिताब की दावेदार हैं और इनमें भारत भी एक है।'
हरेन्द्र ने कहा, 'एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले अनुभवी सेंटर हाफ सरदार सिंह का अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने का फैसला एक बड़े पेड़ गिरने का सा था। जब एक बड़ा पेड़ गिरता है तो बहुत आवाज होती है। हमारे लिए एक अच्छी बात है कि मनप्रीत ने एक कप्तान और सरदार की जगह सेंटर हाफ के रूप में अपनी जिम्मेदारी बहुत अच्छे ढंग से निभाई है। वह सरदार की तरह भारत की मध्यपंक्ति की जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाते लगे। यह भी ठीक है कि किसी भी महान खिलाड़ी की जगह और कमी कोई भी एक या दो टूर्नामेंट में नहीं भर सकता है। मनप्रीत सिंह के साथ हमारी टीम में चाहे वह फॉरवर्ड हो या मिडफील्डर हर कोई अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। हमारी रक्षापंक्ति ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खासी मजबूती दिखाई। इस बात का सुबूत यह है कि हमारी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया।'