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स्पेन की तकनीक के सामने बिखर गई अर्जेंटीना, अधूरा रह गया मेसी का आखिरी सपना
सार
2026 फीफा विश्व कप फाइनल में स्पेन ने रणनीति, तकनीक और टीमवर्क के दम पर अर्जेंटीना को पूरी तरह दबाव में रखा। मेसी और अर्जेंटीना का आक्रमण बेअसर रहा, जबकि स्पेन ने पूरे मैच पर नियंत्रण बनाए रखते हुए अतिरिक्त समय में गोल कर दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
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मेसी और अर्जेंटीना की टीम
- फोटो : PTI/IANS
विस्तार
स्पेन फीफा वर्ल्ड कप का नया विजेता है। यूरो कप के बाद फीफा वर्ल्ड कप,दोनों स्पेन के नाम। विश्व चैंपियन ऐसी टीम ही होती है, जो हर क्षेत्र में विरोधी टीम को मात दे। अर्जेंटीना फाइनल मैच हारा और खेल भावना में भी हारा। हार जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन बिना खेले मेस्सी की टीम का हारना अर्जेंटीना के दुनिया भर के प्रशंसकों को घोर निराशा कर गया।
स्पेन नचा रहा था ओर अर्जेंटीना नाच रहा था। मैच में अर्जेंटीना कहीं नहीं था। पूरे मैच में अर्जेंटीना एक भी मूव नहीं बना सका। मैसी मैदान में चहलक़दमी कर रहे थे। मेसी मैच खेल रहे थे या मैदान से मैच देख रहे थे। अर्जेंटीना से सिर्फ गोलकीपर खेल रहा था।
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स्पेन नचा रहा था ओर अर्जेंटीना नाच रहा था। मैच में अर्जेंटीना कहीं नहीं था। पूरे मैच में अर्जेंटीना एक भी मूव नहीं बना सका। मैसी मैदान में चहलक़दमी कर रहे थे। मेसी मैच खेल रहे थे या मैदान से मैच देख रहे थे। अर्जेंटीना से सिर्फ गोलकीपर खेल रहा था।
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फाइनल में बाद भड़के अर्जेंटीना के खिलाड़ी
- फोटो : Reuters
अर्जेंटीना ऐसे खेल रहा था जैसे बंगाल का कोई क्लब खेल रहा हो। अर्जेंटीना की किस्मत अच्छी थी,नहीं तो कम से कम 6 गोल से स्पेन जीत जाता। फुटबॉल के फाइनल जैसे मैच बड़े नामों से नहीं,बल्कि टीम वर्क के सांचे में ढली हुई कोच से प्रशिक्षित हुई टीम से जीते जाते हैं।
यह मैच अर्जेंटीना खुद से ही हार रही थी और अंत तक वह खुद में भीतर से विजेता का पुनराविष्कार नहीं कर सकी।अर्जेंटीना पूरे टूर्नामेंट में कभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ फ़ॉर्म में नहीं रही और ख़ुद को अनमनी-सी जैसे खोज रही थी। अर्जेटीना मैंच में 4-4-2 के फॉर्मेशन में अक्सर खेलती है। अर्जेंटीना के फॉरवर्ड खिलाड़ी अल्वारेज और लौतारो मार्टिनेज कल कहां थे? अर्जेंटीना के मिडफील्डर एन्जो फर्नांडीज, एलेक्सिस मैक-एलीस्टर, लियोन्द्रो परेडेस और रोड्रिगो डी-पॉल कल कहां थे?
यह मैच अर्जेंटीना खुद से ही हार रही थी और अंत तक वह खुद में भीतर से विजेता का पुनराविष्कार नहीं कर सकी।अर्जेंटीना पूरे टूर्नामेंट में कभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ फ़ॉर्म में नहीं रही और ख़ुद को अनमनी-सी जैसे खोज रही थी। अर्जेटीना मैंच में 4-4-2 के फॉर्मेशन में अक्सर खेलती है। अर्जेंटीना के फॉरवर्ड खिलाड़ी अल्वारेज और लौतारो मार्टिनेज कल कहां थे? अर्जेंटीना के मिडफील्डर एन्जो फर्नांडीज, एलेक्सिस मैक-एलीस्टर, लियोन्द्रो परेडेस और रोड्रिगो डी-पॉल कल कहां थे?
स्पेन बनाम अर्जेंटीना
- फोटो : PTI/IANS
स्पेन बहुत टेक्निकल खेल खेलती हैं और गेंद को छोटे छोटे पास के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा अपने पास रखना पंसद करती हैं। स्पेन ने यह किया भी। अर्जेंटीना ने पूरे मैच में एक भी बिग-चान्स क्रिएट नहीं किया और स्पेन के गोलची क्लीन-शीट लेकर लौटे।
मेस्सी का सामना स्पेन के युवा सेंटर-बैक पाउ कुबार्सी से हुआ, मेस्सी कुबार्सी को पार नहीं कर सके। मेस्सी राइट-फ्लैन्क में भी गए तो उन्हें स्पेन के तेजतर्रार लेफ्ट-बैक मार्क कुकुरेया ने रोका। मेस्सी ने इस विश्वकप में सर्वाधिक सक्सेसफुल ड्रिबल किए हैं और स्पेन के कुकुरेया ने इस विश्वकप में एक भी खिलाड़ी को अपने से ड्रिबल जीतने नहीं दिया है। कल फाइनल में मेस्सी को भी नहीं। कल दो भिन्न महाद्वीपों ही नहीं, दो भिन्न संस्कृतियों, नजरियों, फिलॉस्फियों,शैलियों का भी टकराव देखने की उम्मीद थी,यह उम्मीद बुरी तरह टूटी।
मेस्सी का सामना स्पेन के युवा सेंटर-बैक पाउ कुबार्सी से हुआ, मेस्सी कुबार्सी को पार नहीं कर सके। मेस्सी राइट-फ्लैन्क में भी गए तो उन्हें स्पेन के तेजतर्रार लेफ्ट-बैक मार्क कुकुरेया ने रोका। मेस्सी ने इस विश्वकप में सर्वाधिक सक्सेसफुल ड्रिबल किए हैं और स्पेन के कुकुरेया ने इस विश्वकप में एक भी खिलाड़ी को अपने से ड्रिबल जीतने नहीं दिया है। कल फाइनल में मेस्सी को भी नहीं। कल दो भिन्न महाद्वीपों ही नहीं, दो भिन्न संस्कृतियों, नजरियों, फिलॉस्फियों,शैलियों का भी टकराव देखने की उम्मीद थी,यह उम्मीद बुरी तरह टूटी।
स्पेन के कोच फुएंते
- फोटो : PTI/IANS
विश्वकप जैसे टूर्नामेंटों में मजबूत टीमें एक तकनीकी-प्लान के साथ उतरती हैं और मिडफील्ड से लेकर फॉरवर्ड तक में जमकर मोर्चा बांधती हैं।स्पेन ने अर्जेंटीना के सामने लो-ब्लॉक, फुर्तीला ट्रांजिशन और काउंटर-अटैक की रणनीति बनाई और खुद को मैच में अपनी जान झोंक दी।परिणाम सामने है। स्पेन की टीम 'ला रोखा' कहलाती है। इसका अर्थ होता है- 'द रेड वन'। इन लाल कमीज वालों की तकनीकी श्रेष्ठता के आगे अर्जेंटीना पूरे खेल में कहीं नहीं थी। बधाई स्पेन!