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Indonesia Stampede: जिस मैदान में मारे गए 133 लोग, उसे ध्वस्त करेगी सरकार, फुटबॉल मैच के दौरान हुई थी घटना
Tue, 18 Oct 2022 06:51 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जेम्बर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जेम्बर
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 18 Oct 2022 06:51 PM IST
सार
इंडोनेशिया के जिस मैदान में 133 लोग मारे गए थे, उसे सरकार ने ध्वस्त करने का फैसला किया है। फुटबॉल मैच के दौरान इस मैदान में भगदड़ हुई थी और बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे।
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इंडोनेशिया में फुटबॉल मैच के दौरान मची भगदड़ का नजारा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंडोनेशिया की सरकार ने कंजुरुहान स्टेडियम को तोड़ने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहां के राष्ट्रपति ने यह फैसला लिया है। इस मैदान में इसी महीने की शुरुआत में एक फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 133 लोग मारे गए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा और स्टेडियम प्रशासन पर काफी सवाल उठे थे। दुनियाभर में इंडोनेशिया की काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद देश के राष्ट्रपति ने यह स्टेडियम तोड़ने का फैसला किया है। हालांकि, इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इस स्टेडियम को तोड़ जाएगा।
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#UPDATE | Indonesia to demolish football stadium where crush killed 133, reports AFP News Agency citing president https://t.co/4YhUKqFPmi
— ANI (@ANI) October 18, 2022
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इंडोनेशिया में क्या हुआ था?
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा स्थित मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में ये घटना हुई थी। घटना के वक्त अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच चल रहा था। मैच में अरेमा एफसी की टीम को हार मिली। अपनी टीम को हारता देख बड़ी संख्या में प्रशंसक मैदान की तरफ भागने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे हुई भगदड़ में 133 लोगों की जान चली गई। घटना के वक्त स्टेडियम में करीब 42 हजार लोग मौजूद थे। मृतकों में 17 बच्चे भी शामिल थे। इस हादसे में 323 लोग घायल हुए थे।
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इस हादसे की जांच में 18 अधिकारियों को दोषी पाया गया, जिनकी लापरवाही के चलते यह भगदड़ मची थी और लोगों की जान गई थी। इन अधिकारियों ने स्टेडियम के अंदर आंसू गैस छोड़ने का फैसला किया था, जबकि स्टेडियम में ऐसा नहीं किया जा सकता। आमतौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल सड़क या किसी मैदान पर जुटी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। वहीं, स्टेडियम में इसके इस्तेमाल से भगदड़ मच गई और बाहर निकलने का रास्ता इतना बड़ा नहीं था कि सभी लोग भागकर बाहर जा सकें। इसी वजह से अधिकतर लोगों की मौत कुचले जाने से हुई।
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा स्थित मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में ये घटना हुई थी। घटना के वक्त अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच चल रहा था। मैच में अरेमा एफसी की टीम को हार मिली। अपनी टीम को हारता देख बड़ी संख्या में प्रशंसक मैदान की तरफ भागने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे हुई भगदड़ में 133 लोगों की जान चली गई। घटना के वक्त स्टेडियम में करीब 42 हजार लोग मौजूद थे। मृतकों में 17 बच्चे भी शामिल थे। इस हादसे में 323 लोग घायल हुए थे।
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इस हादसे की जांच में 18 अधिकारियों को दोषी पाया गया, जिनकी लापरवाही के चलते यह भगदड़ मची थी और लोगों की जान गई थी। इन अधिकारियों ने स्टेडियम के अंदर आंसू गैस छोड़ने का फैसला किया था, जबकि स्टेडियम में ऐसा नहीं किया जा सकता। आमतौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल सड़क या किसी मैदान पर जुटी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। वहीं, स्टेडियम में इसके इस्तेमाल से भगदड़ मच गई और बाहर निकलने का रास्ता इतना बड़ा नहीं था कि सभी लोग भागकर बाहर जा सकें। इसी वजह से अधिकतर लोगों की मौत कुचले जाने से हुई।