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फीफा रैंकिंग में भारत की ऊंची छलांग, 101 वें स्थान पर पहुंचा
amarujala.com-Presented By: नवीन चौहान
Updated Thu, 06 Apr 2017 07:57 PM IST
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भारतीय फुटबॉल टीम
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भारतीय फुटबॉल टीम कदम ब कदम उपर चढ़ रही है। भारत की सीनियर राष्ट्रीय फुटबॉल टीम बृहस्पतिवार को जारी फीफा रैंकिंग में 31 पायदान की छलांग लगा कर 101 वें स्थान पर पहुंच गई। भारत मार्च में फीफा रैंकिंग में 132वें स्थान पर था।
भारत की मई 1996 के बाद दो दशक से भी ज्यादा में यह सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। यह भी संयोग है कि तब भी भारत की रैंकिंग 101 ही थी। भारत फीफा रैंकिंग में 101 वें स्थान पर पहुंचने के साथ एशिया की 11वें नंबर की टीम बन गया। भारत और बड़े सपने को पूरे करने के करीब है।
भारतीय फुटबॉल के लिए पिछले कुछ बरस खासे उत्साहवर्धक रहे हैं। भारत की सीनियर राष्ट्रीय फुटबॉल टीम (भूटान के खिलाफ गैर आधिकारिक मैच सहित) ने अपने पिछले 13 में से 11 मैच जीते हैं और इसमें कुल 31 गोल किए हैं। भारत की इन जीतों में म्यांमार के खिलाफ उसके घर में 64 बरस से ज्यादा में एएफसी एशियन कप क्वॉलिफायर में 1-0 की ऐतिहासिक जीत भी शामिल है। इसमें साथ ही भारत की कंबोडिया के खिलाफ इंटरनैशनल फ्रेंडली में दो दशक से भी ज्यादा में 3-2 की जीत शामिल है। अपने घर में भारत ने प्यूर्टोरिको पर 4-1 से शानदार जीत हासिल की।
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भारत के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने कहा, ‘ हमारी राह खासी मुश्किल रही। नौजवानों को टीम में शामिल करना और टीम में स्थान पाने के लिए प्रतिद्वंद्विता पैदा करना एक प्रक्रिया है। मुझे इस बात की खुशी है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। यहपूरी तरह से टीम प्रयास का नतीजा है। यदि एआईएफएफ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव कुशल दास ने मुझे मेरे हिसाब से काम करने की छूट न दी होती तो यह कभी मुमकिन ही नहीं हो सकता था। मैं भारतीय टीम के लिए टीम के स्पोर्ट स्टाफ का उनके सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करना चाहूंगा।’
जब स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने फरवरी 2015 में भारत के चीफ फुटबॉल कोच की जिम्मेदारी दूसरी बार संभाली थी तो तब टीम की फीफा रैंकिंग 171 थी और अगले ही महीने वह दो पायदान नीचे खिसक गया। भारत की सर्वश्रेष्ठ फीफा रैंकिंग 94 थी,जो कि उसने फरवरी 1996 में हासिल की थी।भारत नवंबर 1993 में फीफा रैंकिंग में 99वें और अक्टूबर 1993,दिसंबर, 1993 और अप्रैल 1996 में फीफा रैंकिंग में 100वें स्थान पर था।
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भारत की मई 1996 के बाद दो दशक से भी ज्यादा में यह सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। यह भी संयोग है कि तब भी भारत की रैंकिंग 101 ही थी। भारत फीफा रैंकिंग में 101 वें स्थान पर पहुंचने के साथ एशिया की 11वें नंबर की टीम बन गया। भारत और बड़े सपने को पूरे करने के करीब है।
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भारतीय फुटबॉल के लिए पिछले कुछ बरस खासे उत्साहवर्धक रहे हैं। भारत की सीनियर राष्ट्रीय फुटबॉल टीम (भूटान के खिलाफ गैर आधिकारिक मैच सहित) ने अपने पिछले 13 में से 11 मैच जीते हैं और इसमें कुल 31 गोल किए हैं। भारत की इन जीतों में म्यांमार के खिलाफ उसके घर में 64 बरस से ज्यादा में एएफसी एशियन कप क्वॉलिफायर में 1-0 की ऐतिहासिक जीत भी शामिल है। इसमें साथ ही भारत की कंबोडिया के खिलाफ इंटरनैशनल फ्रेंडली में दो दशक से भी ज्यादा में 3-2 की जीत शामिल है। अपने घर में भारत ने प्यूर्टोरिको पर 4-1 से शानदार जीत हासिल की।
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भारत के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने कहा, ‘ हमारी राह खासी मुश्किल रही। नौजवानों को टीम में शामिल करना और टीम में स्थान पाने के लिए प्रतिद्वंद्विता पैदा करना एक प्रक्रिया है। मुझे इस बात की खुशी है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। यहपूरी तरह से टीम प्रयास का नतीजा है। यदि एआईएफएफ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव कुशल दास ने मुझे मेरे हिसाब से काम करने की छूट न दी होती तो यह कभी मुमकिन ही नहीं हो सकता था। मैं भारतीय टीम के लिए टीम के स्पोर्ट स्टाफ का उनके सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करना चाहूंगा।’
जब स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने फरवरी 2015 में भारत के चीफ फुटबॉल कोच की जिम्मेदारी दूसरी बार संभाली थी तो तब टीम की फीफा रैंकिंग 171 थी और अगले ही महीने वह दो पायदान नीचे खिसक गया। भारत की सर्वश्रेष्ठ फीफा रैंकिंग 94 थी,जो कि उसने फरवरी 1996 में हासिल की थी।भारत नवंबर 1993 में फीफा रैंकिंग में 99वें और अक्टूबर 1993,दिसंबर, 1993 और अप्रैल 1996 में फीफा रैंकिंग में 100वें स्थान पर था।