{"_id":"143584ae-e14b-11e1-975e-d4ae52ba91ad","slug":"dutch-coach-erupted-to-see-delhi-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली के ग्राउंड देख भड़के डच कोच","category":{"title":"Football","title_hn":"फुटबॉल","slug":"football"}}
दिल्ली के ग्राउंड देख भड़के डच कोच
Updated Tue, 14 Aug 2012 01:10 PM IST
विज्ञापन
यूरोपीयन चैंपियन रही हॉलैंड टीम के साथ कई साल बिताने वाले भारतीय टीम के नवनियुक्त कोच विम कोवरमैंस नेहरू और त्यागराज स्टेडियम के ग्राउंड को देखकर बुरी तरह भड़क गए। ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने 27 अगस्त से होने वाले नेहरू कप की तैयारियों को लगाए जाने वाले कैंप के लिए इन दोनों स्टेडियमों का विकल्प डच कोच के आगे रखा। जब दोनों ही स्टेडियमों के ग्राउंड कोच को दिखाए गए तो वह बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने फेडरेशन अधिकारियों को कहा कि इस ग्राउंड पर टूर्नामेंट के आयोजन की छोड़ दें कैंप लगाना तक मुनासिब नहीं है।
रूड गुलिट, मारको वान बास्टन, फ्रेंक रायकार्ट जैसे खिलाड़ियों के साथी रहे कोवरमैंस नेहरू कप से भारतीय टीम के साथ अपने कार्यकाल की शुरूआत कर रहे हैं। ग्राउंड देखने के बाद उन्होंने न सिर्फ अपने मोबाइल में इनके फोटो कैद किए बल्कि इन्हें लेकर वह फेडरेशन अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पास पहुंच गए। उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस तरह के ग्राउंड पर भारतीय टीम की तैयारियां किसी हालत में नहीं करा सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि पटेल ने उन्हें कैंप दुबई शिफ्ट करने का विकल्प दिया है। लेकिन इस पर फेडरेशन को 80 लाख रुपये का चूना लग सकता है। कोच ने साफ कर दिया है कि नेहरू स्टेडियम का ग्राउंड जिस हालत में उस पर टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हो सकता है। सच्चाई यह है कि फेडरेशन व साई के बीच नेहरू स्टेडियम के उपयोग को एमओयू साइन हो चुका है। लेकिन ग्राउंड की मेंटीनेंस की लगातार उपेक्षा की गई है।
विज्ञापन
साई ने नेहरू स्टेडियम के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसी को दे रखी है। इससे पहले भी फेडरेशन सैफ कप के दौरान 15 लाख व बायर्न म्यूनिख से मैच के दौरान ग्राउंड की मेंटीनेंस पर 20 लाख रुपये खर्च कर चुकी है।
विज्ञापन
रूड गुलिट, मारको वान बास्टन, फ्रेंक रायकार्ट जैसे खिलाड़ियों के साथी रहे कोवरमैंस नेहरू कप से भारतीय टीम के साथ अपने कार्यकाल की शुरूआत कर रहे हैं। ग्राउंड देखने के बाद उन्होंने न सिर्फ अपने मोबाइल में इनके फोटो कैद किए बल्कि इन्हें लेकर वह फेडरेशन अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पास पहुंच गए। उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस तरह के ग्राउंड पर भारतीय टीम की तैयारियां किसी हालत में नहीं करा सकते हैं।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि पटेल ने उन्हें कैंप दुबई शिफ्ट करने का विकल्प दिया है। लेकिन इस पर फेडरेशन को 80 लाख रुपये का चूना लग सकता है। कोच ने साफ कर दिया है कि नेहरू स्टेडियम का ग्राउंड जिस हालत में उस पर टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हो सकता है। सच्चाई यह है कि फेडरेशन व साई के बीच नेहरू स्टेडियम के उपयोग को एमओयू साइन हो चुका है। लेकिन ग्राउंड की मेंटीनेंस की लगातार उपेक्षा की गई है।
विज्ञापन
साई ने नेहरू स्टेडियम के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी सरकारी एजेंसी को दे रखी है। इससे पहले भी फेडरेशन सैफ कप के दौरान 15 लाख व बायर्न म्यूनिख से मैच के दौरान ग्राउंड की मेंटीनेंस पर 20 लाख रुपये खर्च कर चुकी है।